उज्जैन के श्री गंगा होटल में हादसा, चैंबर की सफाई करने उतरे चार कर्मचारियों की मौत, गेट काटकर डेढ़ घंटे बाद निकाले शव
सूचना मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इसके बाद चारों के शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत की असली वजह जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
श्री गंगा होटल में हादसे की रात
घटना देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल की है। होटल के पिछले हिस्से में खाने के बचे हुए कचरे को इकट्ठा करने के लिए एक चैंबर बनाया गया था। बताया गया कि चारों लोग रात में इसी चैंबर को साफ करने उतरे थे। सूचना मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
सफाई के लिए चैंबर में उतरे थे कर्मचारी
सफाई का काम देर रात चल रहा था। इसके लिए कर्मचारी चैंबर के अंदर गहराई तक उतर गए थे। लेकिन अंदर के हालात ठीक नहीं थे। कुछ ही देर में कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ने लगी।
जानकारी के मुताबिक, चैंबर में जहरीली गैस होने की आशंका है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। चैंबर का फर्श भी फिसलन भरा था। ऐसे में कर्मचारियों के लिए बाहर निकलना आसान नहीं था। देखते ही देखते चारों कर्मचारी अंदर फंस गए।
चारों को बचाने के लिए चैंबर में उतरे लोग
चारों कर्मचारियों को बचाने के लिए कुछ और लोग भी चैंबर में उतरे लेकिन उनकी भी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद दो लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस तरह बचाव का काम और मुश्किल हो गया।
माधव नगर थाना का डेढ़ घंटे का रेस्क्यू
माधव नगर थाना पुलिस और रेस्क्यू टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक बचाव अभियान चलाया। चैंबर का गेट खोलने में काफी दिक्कत आ रही थी। ऐसे में थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने पास में चल रहे निर्माण कार्य से कटर मशीन मंगवाई। इसकी मदद से चैंबर का गेट काटा गया।
गेट कटते ही रेस्क्यू टीम अंदर पहुंची। चैंबर में फिसलन और गैस की आशंका के चलते टीम को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों कर्मचारियों को बाहर निकाला गया।
CPR देने के बाद भी नहीं बची जान
चारों को बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने दो मिनट से ज्यादा समय तक CPR दिया। इसके बावजूद उनकी जान (उज्जैन में सफाई कर्मचारियों की मौत) नहीं बचाई जा सकी। इस हादसे (श्री गंगा होटल में हादसे) से लोगों को गहरा झटका लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू टीम को जरूरी निर्देश दिए।
यह खबर क्यों जरूरी है?
इस हादसे (उज्जैन के श्री गंगा होटल में हादसा) ने एक बार फिर दिखाया है कि बंद चैंबर में उतरना कितना खतरनाक हो सकता है। Ujjain chamber deaths जैसी घटनाएं बताती हैं कि किसी भी काम से पहले सुरक्षा का ध्यान रखना कितना जरूरी है। हर नागरिक को सुरक्षित जीने का अधिकार है। मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों की जान भी उतनी ही कीमती है। अगर जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगेगी।
FAQ
- उज्जैन होटल हादसे में चार लोगों की मौत कैसे हुई?
चार सफाई कर्मचारी श्री गंगा होटल के चैंबर की सफाई के लिए उतरे थे। चैंबर में जहरीली गैस होने की आशंका जताई गई है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद साफ होगी।