सिंहस्थ 2028 से पहले संतों में खींचतान : अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी बोले- चुनाव जीतने वाला ही अध्यक्ष
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच अखाड़ा परिषद में चल रही खींचतान ने अब नया मोड़ ले लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने मीडिया से चर्चा करते हुए इस सियासत पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका बहुमत अखाड़ा परिषद में है और वे ही काम कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पद के लिए चल रही प्रतिस्पर्धा कोई नई बात नहीं है।
"जो चुनाव जीतता है, वही अध्यक्ष बनता है"
रविंद्र पुरी महाराज ने स्पष्ट किया कि पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा को लेकर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब किसी को पद नहीं मिलता, तब विवाद पैदा होते हैं। उनका कहना था कि 2010 से ही कुछ लोग अध्यक्ष बनने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका कहना था कि अगर कोई चुनाव जीतता है तो वही अध्यक्ष और महामंत्री बनता है।
नगर पूजा और परंपराओं पर जोर
हाल ही में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम और 27 किलोमीटर लंबी नगर पूजा यात्रा के बारे में बताते हुए रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि यह परंपरा राजा विक्रमादित्य से जुड़ी हुई है। इसे पहले छोटे स्तर पर किया जाता था, लेकिन अब इसे बड़े रूप में मनाया जा रहा है। उनका कहना था कि संत समाज का यह दायित्व है कि इस परंपरा का निर्वहन करें।
विरोधी पक्ष पर हमला
रविंद्र पुरी महाराज ने विरोधी पक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका विरोधी पक्ष केवल दो अखाड़ों का समर्थन करता है, जबकि वे खुद बहुमत के साथ काम कर रहे हैं। पुजारी महासंघ द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इन बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए क्योंकि उनके साथ सैकड़ों पुजारी जुड़े हुए हैं।
आलोचनाओं से बेपरवाह
अखाड़ा परिषद के पद को लेकर जो आलोचनाएं हो रही हैं, उन पर रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि वे आलोचनाओं की परवाह नहीं करते। वे अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते हुए सिंहस्थ 2028 की तैयारी में जुटे हुए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाला सिंहस्थ महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा और इसमें संत समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर उनका कहना था कि अखाड़ा परिषद पूरी तरह सक्रिय है और सरकार व प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रही है। अंत में उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सिंहस्थ में भाग लें और पुण्य लाभ अर्जित करें।
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