झांसी स्टेशन पर उमा भारती के साथ बड़ा हादसा टला: चलती ट्रेन में चढ़ने को मजबूर हुईं पूर्व सीएम
News in Short
- उमा भारती को झांसी रेलवे स्टेशन पर समय से पहले रवाना हुई ट्रेन में चढ़ना पड़ा।
- उमा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
- उमा ने बताया, "ट्रेन का समय से पहले आना और जल्द रवाना होना समस्या थी।"
- उन्होंने झांसी स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज निकलवाने की मांग की।
- उमा ने रेलवे अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
News in Detail
रविवार को मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के साथ झांसी रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी घटना घटित होने से बच गई। दरअसल, रेलवे की संचालन व्यवस्था में खामी के कारण उन्हें चलती हुई ट्रेन में चढ़ना पड़ा। इस घटना के बाद उमा भारती ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर रेलवे की ‘व्यावहारिक संवेदनशीलता’ पर सवाल उठाए हैं।
उमा भारती ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह घटना अकेली उनकी नहीं, बल्कि रोज़ाना यात्रा करने वाले लोगों के साथ हो रही है। खासतौर पर महिलाओं को बच्चों और सामान के साथ प्लेटफॉर्म पर दौड़ते हुए देखा जा सकता है। वहीं बुजुर्गों को भी इस तरह की घटनाओं का सामना करना पड़ता है।
रेल मंत्री से पत्र में उठाए गंभीर सवाल
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे पत्र में उमा भारती ने इस घटना का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि "यह घटना मथुरा रेलवे स्टेशन पर हुई पूर्व की घटना से मेल खाती है। कोई अपराधी नहीं था, लेकिन स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं का अभाव और व्यावहारिक संवेदनशीलता की कमी ने इसे संभव बनाया।"
उमा भारती ने पत्र में झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को निकलवाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि "मैं समय से पहले स्टेशन पहुंची थी, लेकिन ट्रेन समय से पहले पहुंची और निर्धारित समय से पहले ही रवाना हो गई। इस वजह से मुझे चलती ट्रेन में सवार होना पड़ा।"
अव्यवस्था का शिकार होते हैं यात्री
उमा भारती ने अपनी असमर्थता के बारे में भी बताया कि वह तेज़ी से नहीं चल सकतीं, इसलिए उनके लिए बैटरी गाड़ी का इंतजाम किया गया था। इसके बावजूद रेलवे की अव्यवस्था के कारण उन्हें चलती ट्रेन में चढ़ना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह स्थिति सामान्य यात्रियों, दिव्यांगजनों और वृद्ध व्यक्तियों के साथ होती है तो वे और भी ज्यादा परेशान हो सकते हैं।
उमा भारती ने अपनी शिकायत में कहा कि "मैं झांसी रेलवे के अधिकारियों को दोषी नहीं मानती, लेकिन यह पूरी व्यवस्था रेल के अंदर चलने वाले अधिकारियों की गलती है। रेल संचालन में कार्यशैली को सुधारने की जरूरत है।"
रेल्वे के संचालन में सुधार की आवश्यकता
उमा भारती ने इस घटना को गंभीर मानते हुए कहा कि रेलवे की कार्यप्रणाली को सुधारने की सख्त जरूरत है। खासतौर पर रेलवे स्टेशनों पर महिला यात्रियों, बच्चों और वृद्धजनों की सुरक्षा और सुविधाओं के बारे में सोचना होगा। वह चाहती हैं कि रेलवे में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
रेल मंत्री को पत्र लिखकर उन्होंने रेलवे की व्यावहारिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं और यह उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
SIR के बाद एमपी में 42 लाख, राजस्थान में 31 लाख और सीजी में कटे 27 लाख वोटरों के नाम
खंडवा में सेल्स टैक्स दफ्तर में लगी आग, सरकारी रिकॉर्ड खाक, जानें एमपी के सरकारी दफ्तर में कब-कब लगी आग
खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार देगी पैसा, एमपी टंट्या मामा योजना में करें अप्लाई
एमपी में सरकारी योजनाओं ने बढ़ाई बैंकों की मुसीबत, 2100 करोड़ रुपए डूबे