अतिक्रमण अभियान के विरोध में उतरीं उमा भारती, खुद लगाया सड़क किनारे हाथठेला, बेचे पोहे-जलेबी
News in Short
- उमा भारती ने टीकमगढ़ में खुद हाथठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेची।
- प्रशासन द्वारा गरीबों के ठेले हटाए जाने का उन्होंने कड़ा विरोध किया।
- उन्होंने बेदखल दुकानदारों को दोबारा उसी जगह दुकान लगाने को कहा।
- पूर्व सीएम ने मांग की कि पहले वैकल्पिक जगह दें, फिर हटाएं।
- उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि गरीबों की रोजी-रोटी न छीनी जाए।
News in Detail
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती हमेशा अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर हैं। 7 अप्रैल की सुबह उनका यह बेबाक अंदाज टीकमगढ़ में देखने को मिला। उमा भारती ने सिविल लाइन रोड पर अपने बंगले के बाहर खुद ठेला लगाया और पोहा-जलेबी बेचना शुरू किया। यह चुनावी स्टंट नहीं, बल्कि प्रशासन की अतिक्रमण कार्रवाई का विरोध था। पूर्व सीएम ने टीकमगढ़ प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताया। उन्होंने हाथठेले वालों से दोबारा सड़क किनारे दुकानें लगाने की बात भी कही।
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अतिक्रमण अभियान में प्रशासन की कार्रवाई
सोमवार को नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने टीकमगढ़ के सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। इस अभियान में जेसीबी से कई छोटे दुकानदारों के ठेले और दुकानें हटा दी गईं। प्रशासन का कहना था कि यह कार्रवाई सड़क पर अतिक्रमण को खत्म करने के लिए की गई थी। लेकिन इस कार्रवाई के बाद उमा भारती ने इसका विरोध किया और इसे गलत बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासन से की अपील
उमा भारती ने मंगलवार को इस मुद्दे पर और खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले दुकानदारों के लिए उचित स्थान देना चाहिए था। उमा भारती ने इस दौरान कहा, "जब तक इन दुकानदारों को जगह नहीं दी जाती, तब तक उन्हें हटाना गलत है।" उन्होंने इन दुकानदारों से भी अपील की कि वे घबराएं नहीं और फिर से वहीं अपना ठेला लगाएं। उमा ने यह भी कहा कि वह प्रशासन से इस मुद्दे पर बात करेंगी और इन दुकानदारों के ठेले वापस यहां लगवाने की पूरी कोशिश करेंगी।
उमा भारती का समर्थन और योजनाएं
उमा ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, "प्रशासन को पहले उन दुकानदारों के लिए स्थान देना चाहिए था और बाद में उन्हें हटाना चाहिए था। मैं खुद उनके साथ हूं और उनके ठेले फिर से यहां नहीं हटने दिए जाएंगे।"
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गरीबों की मदद और सरकार की जिम्मेदारी
उमा भारती ने यह भी कहा कि छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। उनका यह कदम टीकमगढ़ के गरीब दुकानदारों के लिए एक बड़ी मदद साबित हुआ है। उमा भारती ने यह संदेश भी दिया कि सरकार और प्रशासन को गरीबों और छोटे दुकानदारों का ध्यान रखना चाहिए और उनकी रोजी-रोटी को सुरक्षित रखना चाहिए।