उमरिया-अनूपपुर मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, छह श्रद्धालुओं की मौत, 26 से ज्यादा घायल

Sanjay Dhiman | May 30, 2026, 20:41 IST
Photograph: (the sootr)
उमरिया-अनूपपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 6 श्रद्धालु की मौत हो गई, 26 लोग घायल हैं। कलेक्टर अस्पताल पहुंची और मृतकों के परिजन को आर्थिक सहायता की घोषणा। घायलों का शहडोल और पाली में इलाज चल रहा है।

मध्य प्रदेश के उमरिया और अनूपपुर जिले की सीमा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शुक्रवार के दिन मिलनी गांव के पास श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है।



जानकारी के मुताबिक, इस ट्रैक्टर-ट्रॉली में कुल 49 श्रद्धालु सवार थे। ये सभी लोग ग्राम पड़मनिया से पूजा-अर्चना करने के लिए ग्राम बिजौरा जा रहे थे। रास्ते में ड्राइवर गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी पलट गई।



घायलों का आंकड़ा और अस्पताल की स्थिति

हादसा इतना भयानक था कि दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। दो अन्य घायलों ने पाली अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।



अस्पताल में एडमिट घायल यात्री। - Dainik Bhaskar


शहडोल मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी

हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल 28 लोगों को शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे कुल संख्या 6 हो गई। फिलहाल शनिवार को मेडिकल कॉलेज में 26 घायलों का इलाज चल रहा है।



प्रशासन की मुस्तैदी: मौके पर पहुंचीं कलेक्टर

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले की कलेक्टर राखी सहाय तुरंत अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने डॉक्टरों की टीम को घायलों के बेहतर इलाज के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है।



राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी इस घटना के बाद हलचल तेज है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दुख जताया है। सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की बड़ी घोषणा की है।



सरकार ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही संबल योजना के तहत भी 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। घायलों के मुफ्त और अच्छे इलाज की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार उठाएगी।



शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना देने स्थानीय नेता और अधिकारी भी गांव पहुंचे। मृतकों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक ग्राम गिंजरी और पड़मनिया में कर दिया गया है। पूरे इलाके में इस समय गहरी उदासी और मातम का माहौल है।



हादसे के पीछे की असली वजह क्या है?

ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग सवारियां ढोने के लिए धड़ल्ले से होता है। परिवहन नियमों के मुताबिक ट्रैक्टर-ट्रॉली सिर्फ खेती और माल ढुलाई के लिए बनी है। लेकिन लापरवाही और जागरूकता की कमी के कारण अक्सर ऐसे बड़े हादसे हो जाते हैं।



इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ग्रामीण परिवहन पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ड्राइवर की लापरवाही की जांच की जा रही है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने की जरूरत है।



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