सड़क के भूमिपूजन में चट कर गए 10 हजार के समोसे-कचौरी, आयोजन के बिल पर उठे सवाल
समझें क्या है पूरा मामला...
- उमरिया के परासी गांव में सड़क का भूमि पूजन हुआ था।
- 30 मिनट के कार्यक्रम में 43 हजार रुपए खर्च कर दिए।
- समोसे पर 6 हजार और नमकीन पर 4 हजार रुपए खर्च।
- बिल दो महीने बाद सामने आया, ग्रामीणों ने सवाल उठाए।
- अधिकारियों ने कहा, टीम बनाकर बिल की जांच कराई जाएगी।
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क निर्माण (ग्रामीण सड़क निर्माण) के भूमि पूजन कार्यक्रम में सिर्फ 30 मिनट में 43 हजार रुपए खर्च कर दिए गए। बिल सार्वजनिक होते ही गांव और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
कहां हुआ यह कार्यक्रम
दरअसल यह मामला उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत का है। यहां ग्राम पंचायत परासी 'अ' में 29 मई को भूमि पूजन हुआ था। इस दिन 300 मीटर लंबी सीसी रोड की नींव रखी गई थी।
कार्यक्रम मुश्किल से आधे घंटे तक ही चला। इसके बावजूद इस पर 43 हजार रुपए खर्च दिखाए गए हैं। यह बिल दो महीने बाद अब सामने आया है।
समोसे-नमकीन पर भारी खर्च
बिल में सबसे ज्यादा चर्चा खाने-पीने के खर्च की हो रही है। सिर्फ समोसों पर 6 हजार रुपए खर्च होना बताया गया है। इसके अलावा नमकीन पर भी 4 हजार रुपए खर्च हुए हैं।
बाकी राशि अन्य खाद्य सामग्री और व्यवस्थाओं में खर्च दिखाई गई है। इन सभी को जोड़कर कुल खर्च 43 हजार रुपए तक पहुंच गया। इतनी छोटी अवधि के कार्यक्रम में यह रकम असामान्य मानी जा रही है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि
इस भूमि पूजन कार्यक्रम में कई बड़े जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें स्थानीय विधायक मीना सिंह भी शामिल थीं। जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल भी कार्यक्रम में पहुंची थीं।
जनपद पंचायत अध्यक्ष ममता सिंह ने भी इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पूजा-अर्चना के साथ अतिथियों का स्वागत हुआ। मेहमानों के लिए नाश्ते की खास व्यवस्था भी की गई थी। बता दें कि यह सड़क कुल 12 लाख रुपए की लागत से बन रही है।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
बिल सामने आने के बाद गांव में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि इतना खर्च समझ से परे है। उनके मुताबिक आधे घंटे के आयोजन में इतनी बड़ी राशि जरूरी नहीं थी।
कई लोगों ने इसे सरकारी पैसे की फिजूलखर्ची करार दिया। ग्रामीणों की मांग है कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कुछ लोगों ने इसे भ्रष्टाचार से जोड़कर भी देखा है।
कांग्रेस नेत्री ने उठाया सवाल
इस मामले को राजनीतिक रंग भी मिल गया है। कांग्रेस नेत्री रोशनी सिंह ने खर्च से जुड़ा बिल सोशल मीडिया पर साझा किया।
रोशनी सिंह ने इसे लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। बिल वायरल होने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया। स्थानीय स्तर पर भी इस पर बहस तेज हो गई है।
पंचायत सचिव ने दी सफाई
वहीं ग्राम पंचायत सचिव राम हिलोर सिंह ने अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि कार्यक्रम में हुए खर्च के अनुसार ही भुगतान किया गया।
राम हिलोर सिंह ने बिल में किसी गड़बड़ी से इनकार किया है। हालांकि उनकी सफाई से ग्रामीण पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिख रहे। कई लोग अब भी बिल पर सवाल उठा रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा जांच होगी
जनपद पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी यानी एपीओ (APO) राजेश कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिलों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी माना कि कार्यक्रम के हिसाब से बिल ज्यादा लग रहा है।
मानपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानी सीईओ (CEO) अंकित सिरोठिया ने भी बयान दिया। उनके मुताबिक जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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