महिला पटवारियों को जबरन बुलाकर काम कराने के आरोप पर बवाल, हड़ताल के बीच ग्रामीण काम कराने का दबाव
गोरखपुर तहसील में महिला पटवारियों को बुलाने पर विवाद
जबलपुर की गोरखपुर तहसील में पटवारियों की हड़ताल ( Patwari Strike ) के बीच महिला पटवारियों (Women Patwari) को बुलाने पर विवाद हो गया। पटवारी संघ ने अधिकारियों पर दबाव बनाकर स्वामित्व योजना (Swamitva Yojana) का काम कराने का आरोप लगाया है।
संघ का कहना है कि शहरी क्षेत्र में पदस्थ महिला पटवारियों को ग्रामीण क्षेत्र का काम सौंपने की बात कही गई। इससे कर्मचारी परेशान हो गईं। मामले की जानकारी मिलने पर पटवारी संघ के पदाधिकारी तहसील कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
महिला पटवारियों ने कहा, ग्रामीण काम का अनुभव नहीं
महिला पटवारी अपूर्वा शेजारे ने बताया कि उन्हें तहसील से फोन आया था। उन्हें काम करने के लिए बुलाया गया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के काम का उन्हें अनुभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तक शहर में काम किया है और स्वामित्व योजना के बारे में भी ज्यादा जानकारी नहीं है।
ऐसे में यह काम कैसे कर पाएंगी? अपूर्वा ने साफ कहा कि वे रजिस्ट्री का काम नहीं करना चाहतीं। उन्होंने यह भी कहा कि काम को लेकर विरोध हो रहा है और यह काम आसान नहीं है।
पलक दुबे बोलीं, बुलाकर बताया स्वामित्व का काम करना होगा
दूसरी महिला पटवारी पलक दुबे ने बताया कि उन्हें कार्यालय बुलाया गया था। वहां पहुंचने पर कहा गया कि उन्हें स्वामित्व योजना का काम करना पड़ेगा। पलक के मुताबिक, उनके पास पहले से दूसरे हल्के हैं।
इसके बावजूद उन्हें बताया गया कि अब उन्हें स्वामित्व योजना के काम में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे यह काम नहीं करना चाहतीं। इसके बाद उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और तहसील अध्यक्ष से संपर्क किया। मामले की जानकारी मिलने पर पटवारी संघ के पदाधिकारी भी वहां पहुंचे।
पटवारी संघ अध्यक्ष का आरोप, महिला कर्मचारियों पर बनाया दबाव
पटवारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पिपरे ने कहा कि हड़ताल के बावजूद अलग-अलग जगहों से पटवारियों को बुलाकर काम कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि वर्ष 2024 में नियुक्त कुछ महिला पटवारियों को संबंधित एसडीएम और तहसीलदार ने बुलाया है। उन्हें ग्रामीण क्षेत्र में लगाकर स्वामित्व योजना की रजिस्ट्रियां कराने और आईडी बनाने की बात कही गई। पिपरे के अनुसार, महिला पटवारी इससे परेशान थीं और उन्होंने संगठन से संपर्क किया।
‘बंधक बनाने जैसी स्थिति’, संघ ने दी विरोध की चेतावनी
राजेंद्र पिपरे ने आरोप लगाया कि शहरी क्षेत्र में पदस्थ पटवारियों को बुलाकर ग्रामीण क्षेत्र का काम सौंपना अनुचित है। उन्होंने इसे जबरन काम कराने की कोशिश बताते हुए कहा कि यदि कोई पटवारी स्वेच्छा से काम करना चाहता है, तो संगठन उसे नहीं रोकेगा।
किसी कर्मचारी पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला पटवारियों को जिस तरह बुलाकर काम करने के लिए कहा गया, उससे बंधक बनाने जैसी स्थिति महसूस हुई। हालांकि, यह संघ की ओर से लगाया गया आरोप है।
डिप्टी सीएम से हुई चर्चा, अधिनियम बनाने की मांग
पटवारी संघ अध्यक्ष ने बताया कि डिप्टी सीएम से प्रांतीय अध्यक्ष की चर्चा हुई है। उनके मुताबिक, डिप्टी सीएम ने मांग पर सहमति जताते हुए मुख्य सचिव को नोटशीट भेजी है। संघ चाहता है कि स्वामित्व योजना के काम से जुड़े सुधारों को अधिनियम का रूप दिया जाए।
पिपरे ने कहा कि सरकार उनकी मांग मान ले, तो पटवारी काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद पटवारी दिन-रात काम करके 10 दिन में सभी रजिस्ट्रियां पूरी कराने का प्रयास करेंगे।
देवास में बर्खास्तगी के बाद हड़ताल पर गया संघ
राजेंद्र पिपरे के अनुसार, पटवारियों की कलमबंद हड़ताल देवास में वर्ष 2024 में नियुक्त कुछ पटवारियों की बर्खास्तगी के बाद शुरू हुई। संघ का कहना है कि इन कर्मचारियों के खिलाफ स्वामित्व योजना की रजिस्ट्रियां नहीं करने के आधार पर कार्रवाई की गई।
प्रांतीय संगठन ने चेतावनी दी थी कि बर्खास्तगी वापस नहीं लेने और दूसरे जिलों में कार्रवाई जारी रहने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इसी के तहत जबलपुर में भी पटवारी हड़ताल पर हैं।
संघ बोला, कार्रवाई का अधिकार, लेकिन दबाव गलत
पटवारी संघ अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारियों को कार्रवाई करने का अधिकार है और संघ केवल कार्रवाई किए जाने की शिकायत नहीं कर रहा। उनका विरोध काम कराने के लिए कथित तौर पर बनाए जा रहे अनैतिक दबाव से है।
संघ का कहना है कि सरकार की मांगें मानने पर पटवारी काम करने को तैयार हैं। फिलहाल गोरखपुर तहसील में महिला पटवारियों को स्वामित्व योजना का काम सौंपने को लेकर उठे विवाद ने हड़ताल के बीच प्रशासन और पटवारी संघ के बीच तनाव को सामने ला दिया है। अधिकारियों का पक्ष इस मामले में सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।