विदिशा में मिला किसान का शव, पूर्व विधायक पर लगाया था शिवराज और मुकेश टंडन की हत्या की साजिश का आरोप
News In Short
- विदिशा में किसान गोविंद गुर्जर की ट्रेन से कटकर मौत हो गई।
- मरने से पहले किसान ने पांच वीडियो बनाकर व्हाट्सएप पर भेजे।
- वीडियो में पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर हत्या का दबाव बनाने का आरोप।
- किसान के बेटे दीपक गुर्जर ने भी भार्गव पर प्रताड़ना का आरोप लगाया।
- पूर्व विधायक ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया, जांच का किया समर्थन।
News In Detail
विदिशा में किसान की मौत, वीडियो से हड़कंप
मौत से पहले गोविंद ने पांच वीडियो बनाए थे। ये वीडियो उन्होंने व्हाट्सएप के अलग-अलग ग्रुपों में और ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच के पुत्र लकी गुर्जर को भेजे थे। इन वीडियो के वायरल होते ही जिले की राजनीति में खलबली मच गई।
वीडियो में किसान ने क्या कहा?
गोविंद गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वह पिछले तीन साल से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर खेती कर रहे थे। भार्गव की फैक्ट्री में आग लगने के बाद उन्होंने खुद दो साल तक फसल की रकम अपने पास रख ली। जब गोविंद अपने बकाया पैसे लेने गए तो भार्गव ने पहले स्टांप पेपर लाने को कहा।
गोविंद ने इस बात से साफ इनकार किया। उनके मुताबिक इसके बाद भार्गव ने गुंडों के जरिए उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में उन्होंने पांच से छह लोगों के नाम लेकर उन पर मारपीट का भी आरोप लगाया।
जमीन और कागजों का पेचीदा मामला
गोविंद के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि उनके पिता पढ़े-लिखे नहीं थे। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर भार्गव ने कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराकर उनका प्लॉट अपने नाम करा लिया। दीपक ने सीधे पूर्व विधायक शशांक भार्गव को पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
दीपक ने कहा कि पिता पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। इसी दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि अभी तक किसी लिखित सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं हुई है।
मदद के लिए किसने-किससे लगाई गुहार?
एक वीडियो में गोविंद गुर्जर ने गुर्जर समाज से साथ न मिलने पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उत्तर प्रदेश के सपा (समाजवादी पार्टी) नेता अखिलेश यादव से भी मदद की गुहार लगाई। वीडियो में उनकी बेबसी और घबराहट साफ दिखती है।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमॉर्टम
सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष सिंह राजपूत ने बताया कि शव को मेडिकल कॉलेज भेजा गया जहां तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम (postmortem) किया। पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जाएगी और उसमें लगाए गए आरोपों की सत्यता परखी जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
भार्गव का जवाब क्या है?
पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। भार्गव ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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