राधा अष्टमी पर सिर्फ एक दिन खुलते हैं विदिशा के राधा रानी मंदिर के पट, जानें रहस्य
Radha Rani Temple Vidisha: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की संकरी गलियों में एक अनोखा रहस्य छिपा है। यहां स्थित नंदवाना इलाके की राधा रानी हवेली अपनी ऐतिहासिक परंपरा के लिए पहचानी जाती है।
इस मंदिर के कपाट साल में केवल एक बार ही आम लोगों के लिए खुलते हैं। बाकी पूरे 364 दिन यहां केवल गुप्त पूजा की जाती है। इस बार भी सुबह तड़के 5 बजे जैसे ही कपाट खुले, श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा इलाका जयकारों से गूंज उठा।
यह कहानी केवल एक मंदिर की नहीं है। यह कहानी आस्था और समर्पण की है। लगभग 338 साल पहले मुगलों के डर से इन मूर्तियों को छुपाया गया था। तब से लेकर आज तक वही परंपरा निभाई जा रही है।
लोग साल भर इस एक दिन का इंतजार करते हैं। हर कोई राधा रानी की एक झलक पाने को उत्सुक रहता है। भक्त दूर-दूर से यहां दर्शन करने आते हैं।
338 साल पुराना इतिहास और मान्यता
इतिहासकारों के मुताबिक, मुगलों के शासनकाल में मंदिरों पर लगातार हमले हो रहे थे। उस समय वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों की सुरक्षा पर बड़ा संकट आ गया था। राधा रानी की पवित्र निधियों को बचाने के लिए स्वामी परिवार आगे आया।
वे इन निधियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहते थे। स्वामी परिवार के सदस्य वृंदावन से गुप्त रूप से विदिशा पहुंचे। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर निधियों की रक्षा की। विदिशा पहुंचकर उन्होंने किले के बाहर एक छोटी झोपड़ी बनाई।
वहीं पर सभी निधियों को बहुत ही सुरक्षित रूप से स्थापित किया। मुगलों की नजर से बचाने के लिए पूजा सार्वजनिक नहीं की जाती थी। केवल गुप्त रूप से ही सेवा की जाती थी।
तभी से साल में सिर्फ एक दिन कपाट खोलने की प्रथा शुरू हुई। वह दिन राधा अष्टमी का तय किया गया था। आज 338 साल बीत जाने के बाद भी यह प्रथा वैसी ही है। परिवार के लोग आज भी नियम से सेवा करते हैं।
मंदिर में चल रहे हैं दिनभर के विशेष कार्यक्रम
राधा रानी मंदिर विदिशा मेंदोपहर 12 बजे से 2 बजे तक तिलक दर्शन का आयोजन किया गया है। इसके तुरंत बाद विशेष आरती की जाएगी। इसके बाद शाम साढ़े 4 बजे भक्तों को फिर से दर्शन का मौका मिलेगा।
भोग के बाद मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन होगा और शाम 6 बजे संध्या आरती की जाएगी। इसके बाद रात 7 बजे पालना दर्शन कराए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन भीड़ को संभालने के लिए कड़े इंतजाम कर रहा है और सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं। नंदवाना की गलियों को सुंदर रोशनी से सजाया गया है। इस गुप्त पूजा को देखने विदेशी पर्यटक भी दूर-दूर से आते हैं।
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