विजय शाह केस पर इंदौर एमपी-एमएलए कोर्ट में हो सकती है सुनवाई, सीएम के दावोस से लौटने पर होगा फैसला!

Amresh Kushwaha | Jan 21, 2026, 16:32 IST
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मंत्री विजय शाह के खिलाफ सोफिया कुरैशी मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। इस मामले का फैसला सीएम मोहन यादव के दावोस से लौटने के बाद लिया जा सकता है।

News In Short

  • कानूनी जानकारों के मुताबिक, विजय शाह केस का ट्रायल इंदौर एमपी-एमएलए कोर्ट में हो सकता है।
  • कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामले में मंत्री विजय शाह की माफी पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख देखने को मिला था।
  • कोर्ट ने कहा माफी मांगने में देरी हो चुकी है। पब्लिक फिगर को सोच समझकर बोलना चाहिए।
  • जांच पूरी होने के बावजूद अभियोजन मंजूरी न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सवाल पूछे हैं।
  • कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को दो हफ्ते में अभियोजन पर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं।
  • 11 मई 2025 के विवादित बयान से मामला बढ़ा और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।

News In Detail

कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, विजय शाह के खिलाफ इस केस का ट्रायल इंदौर में एमपी-एमएलए कोर्ट में शुरू हो सकता है।



वहीं इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 19 जनवरी को सुनवाई की गई थी। इसमें कोर्ट ने कोर्ट ने सरकार को दो हफ्ते का समय दिया है, ताकि वह शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दे सके।



वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 जनवरी तक स्विटजरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने गए हैं। उनके दावोस से लौटने के बाद, सरकार विजय शाह के मामले में आगे फैसला ले सकती है।



जानें सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में छह महीने बाद सोमवार 19 जनवरी को विजय शाह मामले की सुनवाई हुई थी। विजय शाह के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके क्लाइंट माफी मांग चुके हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने वकील को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा, आप अब लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। अदालत ने यह भी कहा कि आप एक पब्लिक फिगर हैं। आपको बोलते समय अपने शब्दों पर सोच समझकर बोलना चाहिए।



कोर्ट ने राज्य सरकार से किए सख्त सवाल

सोफिया कुरैशी केस में मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने अब तक अभियोजन की मंजूरी नहीं दी। इसी बात पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सख्त सवाल किए हैं।



मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने बताया कि SIT ने अगस्त 2025 में जांच पूरी कर ली थी। SIT ने तभी सरकार से केस चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया था।



CJI ने इसे गंभीर मामला बताया और सरकार की जिम्मेदारी याद दिलाई। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार जानबूझकर इस पर चुप बैठी है।



सरकार को लेना होगा अभियोजन मंजूरी पर फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि राज्य सरकार को फैसला लेना ही होगा। कोर्ट ने साफ किया कि कानून के मुताबिक निर्णय जरूरी है। मध्य प्रदेश सरकार को दो हफ्ते का समय दिया गया है। इस दौरान सरकार को अभियोजन मंजूरी पर फैसला करना होगा।



साथ ही, कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, SIT को अतिरिक्त जांच करने को कहा गया है। SIT को पुराने मामलों की जांच कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। अब अगली सुनवाई इन रिपोर्टों के बाद होगी।



ये है विजय शाह का सोफिया कुरैशी पर बयान

विवाद की शुरुआत 11 मई को हुई, जब विजय शाह ने इंदौर के महू में रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर पर बयान दिया। शाह ने कहा था, उन्होंने (आतंकियों) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा (पहलगाम हमले की बात करते हुए)। मोदी जी ने उनकी बहन को ही उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।



शाह के इस बयान ने पूरे देश में हंगामा मचाया। इसके कारण उनकी कड़ी आलोचना की गई।



टाइमलाइन से समझें विजय शाह का पूरा मामला

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  • 11 मई 2025 को विजय शाह ने इंदौर के महू में आयोजित हलमा कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद बयान दिया।
  • 13 मई को माफी मांगने के बाद भाजपा संगठन ने फटकार लाई थी।
  • 14 मई को हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
  • 14 मई की रात 11 बजे इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई।
  • 15 मई को हाईकोर्ट ने FIR की भाषा पर नाराजगी जताई।
  • 16 मई को हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
  • 17 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अगली तारीख 19 मई दी गई।
  • 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और विजय शाह को फटकार लगाई। कोर्ट ने SIT को जांच के आदेश दिए।
  • 19 मई को ही SIT का गठन हुआ, जिसमें सागर रेंज के तत्कालीन IG प्रमोद वर्मा, तत्कालीन SAF DIG कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी SP वाहिनी सिंह शामिल थे।
  • 20 मई को SIT ने जांच शुरू की और इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में अपना बेस कैम्प स्थापित किया।
  • 21 मई को SIT की टीम महू के रायकुंडा गांव पहुंची, जहां विजय शाह ने अपना बयान दिया था।
  • 28 मई को कई लोगों के बयान दर्ज करने के बाद SIT ने दस्तावेज तैयार कर इन्हें कोर्ट के सामने पेश किया।
  • 19 जुलाई को SIT ने विजय शाह को जबलपुर बुलाकर उनसे बयान दर्ज किया और 25 मिनट तक सवाल-जवाब किए।
  • 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और शाह को फटकारा।
  • 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह की माफी पर कहा की बहुत देर हो गई है। साथ ही मध्य प्रदेश सरकार को दो हफ्ते में अभियोजन पर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं।

Sootr Knowladge

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भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी एक बेहद बहादुर और सीनियर ऑफिसर हैं। इन्होंने अपनी लीडरशिप और संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों में अपनी खास पहचान बनाई है। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली सोफिया ने बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री करने के बाद 1999 में फौज जॉइन की थी। फिलहाल वो सिग्नल कोर में तैनात हैं।



ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस तरह उन्होंने मीडिया को जानकारी दी, उससे उनकी काफी चर्चा हुई। आज वो देश की उन तमाम युवा लड़कियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं जो सेना में जाकर पुरानी बंदिशों को तोड़ना चाहती हैं।



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