कर्नल सोफिया मामले में घिरे मंत्री विजय शाह की बढ़ी मुश्किलें, 25 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई तय

Aman Vaishnav | May 10, 2026, 08:29 IST
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सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में शाह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वहीं, अब मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 25 मई को होगी।

मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह एक बार फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। मामला कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई उनकी एक विवादित टिप्पणी से जुड़ा है। इस मामले की गूंज अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है।



25 मई को होगी सुनवाई

कर्नल सोफियाकुरैशी पर जनजातीय मंत्री विजय शाह की विवादित टिप्पणी के मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 25 मई को होगी। इससे पहले 08 मई को कोर्ट ने साफ कह दिया था कि राज्य सरकार को मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लेना होगा।



इस बीच राज्य सरकार को कोर्ट का पूरा आदेश अभी तक नहीं मिला है। जैसे ही आदेश मिलेगा विधि विभाग उस पर आधारित कार्रवाई शुरू करेगा। इसके बाद सरकार कोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी। अगली सुनवाई में सरकार को अपनी स्थिति रिपोर्ट कोर्ट में देनी होगी।



कोर्ट ने सरकार को चार हफ्ते का समय दिया

कोर्ट ने सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है कि अगले चार हफ्तों के भीतर ठोस कदम उठाए जाएं। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने यह भी कहा कि संवैधानिक सम्मान से जुड़े मामलों में कोई भी देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।



राज्य सरकार को लगाई फटकार

इससे पहले शुक्रवार, 08 मई को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अभियोजन स्वीकृति देने में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी।



जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने गुस्से में कहा था कि बस बहुत हुआ, अब हमारे आदेश का पालन करें।



मंत्री को ऐसे कमेंट्स करने की आदत

सुनवाई के दौरान जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंत्री का बचाव करते हुए कहा था कि शायद उनके बयान को गलत समझा गया है। वे महिला अधिकारी की तारीफ करना चाहते थे। वहीं चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया था।



चीफ जस्टिस ने कहा था कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक राजनेता होने के नाते उन्हें अच्छी तरह से पता है कि महिला अधिकारियों की तारीफ कैसे करनी चाहिए। कोर्ट ने SIT की रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि मंत्री को ऐसे कमेंट्स करने की आदत है।



ये है विजय शाह का सोफिया कुरैशी पर बयान

विवाद की शुरुआत 11 मई को हुई, जब विजय शाह ने इंदौर के महू में रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर पर बयान दिया। शाह ने कहा था, उन्होंने (आतंकियों) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा (पहलगाम हमले की बात करते हुए)। मोदी जी ने उनकी बहन को ही उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।



शाह के इस बयान ने पूरे देश में हंगामा मचाया। इसके कारण उनकी कड़ी आलोचना की गई।



टाइमलाइन से समझें विजय शाह का पूरा मामला

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  • 11 मई 2025 को विजय शाह ने इंदौर के महू में आयोजित हलमा कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद बयान दिया।
  • 13 मई को माफी मांगने के बाद भाजपा संगठन ने फटकार लाई थी।
  • 14 मई को हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
  • 14 मई की रात 11 बजे इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई।
  • 15 मई को हाईकोर्ट ने FIR की भाषा पर नाराजगी जताई।
  • 16 मई को हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
  • 17 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अगली तारीख 19 मई दी गई।
  • 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और विजय शाह को फटकार लगाई। कोर्ट ने SIT को जांच के आदेश दिए।
  • 19 मई को ही SIT का गठन हुआ, जिसमें सागर रेंज के तत्कालीन IG प्रमोद वर्मा, तत्कालीन SAF DIG कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी SP वाहिनी सिंह शामिल थे।
  • 20 मई को SIT ने जांच शुरू की और इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में अपना बेस कैम्प स्थापित किया।
  • 21 मई को SIT की टीम महू के रायकुंडा गांव पहुंची, जहां विजय शाह ने अपना बयान दिया था।
  • 28 मई को कई लोगों के बयान दर्ज करने के बाद SIT ने दस्तावेज तैयार कर इन्हें कोर्ट के सामने पेश किया।
  • 19 जुलाई को SIT ने विजय शाह को जबलपुर बुलाकर उनसे बयान दर्ज किया और 25 मिनट तक सवाल-जवाब किए।
  • 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और शाह को फटकारा।
  • 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह की माफी पर कहा की बहुत देर हो गई है। साथ ही मध्य प्रदेश सरकार को दो हफ्ते में अभियोजन पर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं।

Sootr Knowladge

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भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी एक बेहद बहादुर और सीनियर ऑफिसर हैं। इन्होंने अपनी लीडरशिप और संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों में अपनी खास पहचान बनाई है। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली सोफिया ने बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री करने के बाद 1999 में फौज जॉइन की थी। फिलहाल वो सिग्नल कोर में तैनात हैं।



ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस तरह उन्होंने मीडिया को जानकारी दी, उससे उनकी काफी चर्चा हुई। आज वो देश की उन तमाम युवा लड़कियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं जो सेना में जाकर पुरानी बंदिशों को तोड़ना चाहती हैं।



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