विजयपुर बनेगा एमपी का नया टूरिज्म हब, बर्ड वॉचिंग और स्पीड बोट का मिलेगा मजा
समझें क्या है पूरा मामला...
- श्योपुर जिले का विजयपुर इलाका एक बड़े टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है।
- पर्यटन विभाग की एक हाई लेवल टेक्निकल टीम ने हाल ही में विजयपुर का दौरा किया।
- यहां की कुंवारी नदी में पेडल बोट और स्पीड बोट जैसी गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है।
- विजयपुर किले के अंदर लगभग एक हेरिटेज होटल बनाया जाएगा।
- इस पूरी योजना का मकसद विजयपुर को एक बड़ा टूरिज्म सर्किट बनाना है।
विजयपुर अब टूरिज्म की राह पर
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। कूनो नेशनल पार्क की वजह से दुनियाभर में पहचाने जाने वाले इस जिले में अब एक और पर्यटन केंद्र उभरने जा रहा है। पर्यटन विभाग की उच्च स्तरीय तकनीकी टीम ने हाल ही में विजयपुर का दौरा किया था।
टीम ने वहां साइट विजिट की रिपोर्ट तैयार की और शासन तथा पर्यटन विभाग के अधिकारियों को सौंप दी है। अब जल्द ही यहां पर्यटन गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है। अपर कलेक्टर और नोडल अधिकारी रूपेश उपाध्याय सहित कई अधिकारी इस दौरे में मौजूद थे।
कुंवारी नदी बनेगी वॉटर स्पोर्ट्स का अड्डा
विजयपुर के इंकलोद के पास स्थित गोपालदास बाबा समाधि स्थल के समीप कुंवारी नदी इस पूरी योजना की धुरी है। नदी में तीन से चार किलोमीटर की दूरी तक पेडल बोट से सफर किया जा सकता है।
टीम के साथ गए वॉटर स्पोर्ट्स विशेषज्ञ कमांडर राजेंद्र निगम और स्थानीय निवासियों के अनुसार यह नदी बारहमासी बहती है। गर्मियों में भी यहां पानी सूखता नहीं। नदी के दोनों किनारों पर दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी इसे बर्ड वाचिंग के लिए भी आदर्श बनाती है।
स्पीड बोट और क्रूज चलाने की भी योजना है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही पर्यटकों को एक नया अनुभव भी मिलेगा।
किले में बनेगा हेरिटेज होटल
विजयपुर का ऐतिहासिक किला अब सिर्फ खंडहर नहीं रहेगा। प्रशासन ने किले के भीतर हेरिटेज होटल बनाने की संभावनाएं तलाश ली हैं। इसके लिए लगभग आठ हजार वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराई गई है।
यह होटल उन पर्यटकों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा जो इतिहास और प्रकृति दोनों का एक साथ अनुभव करना चाहते हैं। हेरिटेज होटल की अवधारणा राजस्थान के किलों में पहले से सफल है। अब यही मॉडल मध्यप्रदेश में लागू होगा।
कूनो से एक दिन में विजयपुर
कूनो नेशनल पार्क के पीपलबावड़ी गेट से विजयपुर की दूरी केवल दो घंटे की है। यानी कूनो में सुबह चीते देखिए और दोपहर तक विजयपुर पहुंच जाइए।
ग्वालियर और मुरैना दोनों जगहों से सड़क मार्ग द्वारा यह सफर आसान है। दिल्ली और आगरा के पर्यटकों के लिए यह सर्किट और भी सुविधाजनक होगा। ग्वालियर एयरपोर्ट से आगे सुपरफास्ट ट्रेन पकड़कर वे कूनो के करीब 3 घंटे में मुरैना या वालियर पहुंच सकते हैं।
सैलानियों के लिए दिल्ली से सीधी फ्लाइट का विकल्प भी है। इस तरह विजयपुर कूनो की टूरिज्म चेन में एक मजबूत कड़ी बन सकता है।
क्षेत्र को मिलेगा रोजगार का बड़ा मौका
अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने साफ कहा है कि इस टूरिज्म सर्किट से स्थानीय स्तर पर होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और छोटे दुकानदारों को रोजगार मिलेगा। पातालगढ़ और त्रिवेणी संगम जैसे धार्मिक स्थल भी इस सर्किट में शामिल होंगे।
रामेश्वर धाम भी पास ही है। इस पूरे क्षेत्र को मिलाकर एक बड़ा टूरिज्म सर्किट बनाया जा रहा है। ताकि जो पर्यटक कूनो आए वह यहां कम से कम 3 से 4 दिन रुक सके।
FAQ
- विजयपुर को किस नेशनल पार्क के साथ जोड़कर टूरिज्म सर्किट बनाया जा रहा है?
विजयपुर को श्योपुर के मशहूर कूनो नेशनल पार्क के साथ जोड़कर एक बड़ा टूरिज्म सर्किट बनाया जा रहा है। - विजयपुर की कुंवारी नदी में पर्यटकों के लिए क्या खास सुविधाएं होंगी?
कुंवारी नदी में पर्यटकों के लिए पेडल बोट, स्पीड बोट और क्रूज चलाने की योजना है। इसके साथ ही, नदी के किनारों पर दुर्लभ पक्षी मिलते हैं, जिससे यह जगह बर्ड वाचिंग के लिए भी बहुत बेहतरीन साबित होगी।
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