MP BJP में फिर फूटी अंदरूनी कलह! सीईओ की कुर्सी पर भिड़े भाजपा के दिग्गज! CM तक पहुंची बात

Aman Vaishnav | Oct 29, 2026, 12:06 IST
विंध्य विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति और उपाध्यक्ष अजय सिंह के बीच विवाद गहराया, भाजपा संगठन ने दोनों को सुलह के लिए भोपाल बुलाया।
Political Conflict In Vindhya Development Authority As Chairman Files Complaint Against Vice Chairman Before MP BJP Leadership
मध्य प्रदेश के विंध्य इलाके में भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। अब विंध्य विकास प्राधिकरण के भीतर भी दो बड़े नेताओं के बीच सीधी तनातनी शुरू हो गई है। प्राधिकरण के अध्यक्ष और पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति ने अपने ही उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूरा मामला जानने के लिए खबर आखिरी तक पढ़िए...

बता दें कि अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के नाम एक शिकायती पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने उपाध्यक्ष पर आरोप लगाया है कि वे उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। साथ ही वे रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज में रुकावट डालते हैं और सरकारी अधिकारियों पर गैर-जरूरी दबाव बनाते हैं। प्रजापति ने सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।



यह शिकायती पत्र केवल मुख्यमंत्री तक ही सीमित नहीं रहा। इसे भाजपा के प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री के अलावा रीवा और शहडोल के संबंधित पार्टी पदाधिकारियों को भी भेजा गया है। प्रजापति का आरोप है कि अजय सिंह ने रीवा के कलेक्टर और कमिश्नर पर दबाव बनाकर प्राधिकरण के कामों को अटकाने की कोशिश की है। इसके अलावा शहडोल में पदस्थ जिला योजना अधिकारी डीके अहिरवार की जॉइनिंग को नियम के खिलाफ बताकर उस पर भी सवाल खड़े किए हैं।



सीईओ की कुर्सी को लेकर शुरू हुई थी पूरी लड़ाई

इस पूरे झगड़े की असली जड़ प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की कुर्सी से जुड़ी हुई है। आइए आसान बिंदुओं में समझते हैं कि बात कहां से बिगड़ी...



  • तीसरे दर्जे के अफसर को कमान: सबसे पहले अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने पुराने सीईओ को हटवाकर तृतीय श्रेणी के अधिकारी केडी साकेत को नया सीईओ बनवा दिया।
  • उपाध्यक्षों का कड़ा विरोध: अध्यक्ष के इस फैसले का प्राधिकरण के दोनों उपाध्यक्षों ने विरोध किया।
  • सरकार का नया आदेश: विवाद बढ़ता देख शासन ने दखल दिया और साकेत की जगह प्रथम श्रेणी के अधिकारी डीके अहिरवार को सीईओ की जिम्मेदारी सौंप दी।
  • तनातनी और शिकायत: इस नए बदलाव से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच खींचतान बहुत ज्यादा बढ़ गई। इसके बाद पंचूलाल प्रजापति सीधे भोपाल पहुंचकर शिकायत करने लगे।

थाने में शिकायत और फिर अगले दिन यू-टर्न

पंचूलाल प्रजापति ने उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह पर यह भी आरोप लगाया था कि उन्होंने उनके लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है। प्रजापति का कहना था कि ऐसे बर्ताव से उनके आत्मसम्मान और अध्यक्ष पद की गरिमा को ठेस पहुंची है।



इस बात को लेकर उन्होंने रीवा के अजाक थाने में बाकायदा शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि इस कदम के अगले ही दिन उन्होंने हैरान करने वाला यू-टर्न ले लिया और अपनी दी गई शिकायत चुपचाप वापस ले ली।



दोनों पक्षों और संगठन का क्या कहना है?

इस मामले में दोनों नेताओं और पार्टी नेतृत्व का अपना अलग रुख सामने आया है।



भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बयान

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पुष्टि की है कि प्राधिकरण अध्यक्ष की तरफ से शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि संगठन ने दोनों ही नेताओं को भोपाल बुलाया है, जहां बैठकर दोनों को समझाया जाएगा और उनके बीच की गलतफहमी को दूर किया जाएगा।



उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह की सफाई

दूसरी तरफ उपाध्यक्ष अजय सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि अध्यक्ष ने क्या शिकायत की है, उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जहां तक जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का सवाल है, तो यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है और इसका कोई सबूत नहीं है।



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