विश्वमांगल्य सभा का मध्य भारत प्रांत अधिवेशन: समाज में बदलाव और सांस्कृतिक जागरूकता पर जोर
News In Short
- भोपाल में विश्वमांगल्य सभा का अधिवेशन।
- सामाजिक समरसता पर चर्चा हुई।
- प्रमुख अतिथि और नेताओं की रही उपस्थिति।
- सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर।
- समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश।
News In Detail
13 मार्च 2026 को रविंद्र भवन भोपाल में विश्वमांगल्य सभा मध्य भारत प्रांत का अधिवेशन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन से जुड़े सदस्य और समाजसेवी उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। वक्ताओं ने समाज में समरसता और संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दिया। अधिवेशन में कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने समाज के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
विश्वमांगल्य सभा के सभाचार्य का संबोधन
इस कार्यक्रम में विश्वमांगल्य सभा के सभाचार्य जितेंद्रनाथ महाराज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने संगठन की गतिविधियों पर अपने विचार साझा किए।
महाराज ने समाज सेवा और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उनका मानना था कि समाज में समरसता बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। वे मानते हैं कि यदि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है तो हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करना होगा।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. पूजा देशमुख और मध्यप्रदेश अध्यक्ष सूरज डामोर भी शामिल हुईं। डॉ. पूजा देशमुख ने समाज सेवा के महत्व पर जोर दिया और समाज के कमजोर वर्गों के लिए अधिक काम करने की आवश्यकता बताई। साथ ही सीधी विधायक रीति पाठक ने भी अपने विचार साझा किए और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया। वे मानती हैं कि समाज की बेहतरी के लिए हर व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन
मध्य भारत प्रांत की अध्यक्ष विभा रघुवंशी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। श्रीमती रघुवंशी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर जोर देते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए संगठन की गतिविधियां और भी सशक्त होनी चाहिए। कार्यक्रम की कार्यकारी अध्यक्ष लतिका चौहान ने अधिवेशन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भोपाल महापौर मालती राय भी थीं मौजूद
भोपाल की महापौर मालती राय और क्षेत्र संगठन मंत्री सुश्री पूजा पाठक भी कार्यक्रम में उपस्थित रही। इन दोनों ने संगठन की कार्यशैली की सराहना की और समाज में बदलाव लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने समाज सेवा और संस्कृति संरक्षण की दिशा में काम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज में एकता और समरसता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सामाजिक समरसता पर चर्चा
अधिवेशन में प्रमुख रूप से सामाजिक समरसता पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज में एकता बनाए रखने की आवश्यकता बताई। उनका मानना था कि जब तक समाज के सभी वर्गों के बीच समरसता नहीं होगी, तब तक वास्तविक बदलाव संभव नहीं होगा।
समाज में भेदभाव को समाप्त कर एकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं ने कुछ योजनाओं का सुझाव भी दिया, जिन्हें समाज में लागू किया जाएगा।
अधिवेशन का समापन और संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का सम्मान किया गया। समापन सत्र में सभी ने समाज के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। वे सब एकजुट होकर समाज सेवा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाने का संकल्प लेने के लिए तैयार थे। अधिवेशन के सफल आयोजन ने समाज में एक नई उम्मीद और जागरूकता को जन्म दिया।
विश्वमांगल्य सभा का उद्देश्य
विश्वमांगल्य सभा एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो समाज में जागरूकता बढ़ाने का कार्य करता है। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करना है।
संगठन सामाजिक समरसता (Social Harmony) और सांस्कृतिक जागरूकता (Cultural Awareness) को बढ़ावा देता है। संगठन का यह प्रयास है कि देशभर में समाज सेवा के कार्यों को बढ़ावा दिया जाए और समाज के हर वर्ग के लिए काम किया जाए।