पेपर लीक पर विवेक तन्खा ने सरकार को घेरा, छात्र संघ चुनाव कराने की मांग
समझें क्या है पूरा मामला...
- विवेक तन्खा का पेपर लीक पर सरकार को अल्टीमेटम।
- जबलपुर में कांग्रेस का शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा हमला।
- छात्र संघ चुनाव बहाल करने की उठी मांग।
- युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
- पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग।
जबलपुर में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने पेपर लीक को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश में बंद छात्र संघ चुनाव फिर से शुरू करने की मांग की। कांग्रेस ने सरकार को सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला
जबलपुर में कांग्रेस ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार पर निशाना साधा। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने प्रेस वार्ता में नीट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक का जिक्र किया।
विवेक तन्खा ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र वर्षों मेहनत करके परीक्षा देते हैं। लेकिन बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों से उनका भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
युवाओं का भरोसा हुआ कमजोर
विवेक तन्खा ने कहा कि आज देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है।
उनका कहना था कि देश की सबसे बड़ी ताकत युवा आबादी है। ऐसे में युवाओं के साथ अन्याय किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सरकार को कांग्रेस की सीधी चेतावनी
राज्यसभा सांसद ने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार को चेतावनी दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो असंतोष और बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी युवा है। उन्होंने इसे सिर्फ शिक्षा का नहीं, बल्कि देश के भविष्य का सवाल बताया।
पेपर लीक पर जवाबदेही की मांग
विवेक तंखा ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना व्यवस्था की गंभीर खामी दिखाता है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इससे छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो सकेगा।
छात्र संघ चुनाव का मुद्दा उठाया
प्रेस वार्ता में विवेक तंखा ने मध्य प्रदेश में लंबे समय से बंद छात्र संघ चुनावों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कॉलेजों में छात्र नेतृत्व को उभरने से रोक रही है। उनका कहना था कि कॉलेज और विश्वविद्यालय लोकतंत्र की पहली पाठशाला होते हैं। यहीं से भविष्य का नेतृत्व तैयार होता है।
लिंगदोह समिति की सिफारिशों की मांग
विवेक तन्खा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू जैसे संस्थानों में लिंगदोह समिति ( Lyngdoh Committee ) की सिफारिशों के अनुसार चुनाव होते हैं।
उसी तरह मध्य प्रदेश के सभी कॉलेजों में भी चुनाव कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का मौका मिलेगा। साथ ही उनमें नेतृत्व क्षमता भी विकसित होगी।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
विवेक तन्खा ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों पर सरकार को गंभीरता से फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उन्हें अवसर दिए जाएं। कांग्रेस ने साफ किया कि अगर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी।
ये खबरें भी पढ़ें...
NEWS STRIKE: Mohan Yadav से टकराव या नरोत्तम की चूक? टिकट कटने की पूरी कहानी
बेटे के फरार होने पर बोले विधायक प्रीतम लोधी- कोर्ट में करना चाहिए सरेंडर
सीएम मोहन यादव बोले- पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के पास डिग्री थी, लेकिन गरीबी का दर्द नहीं था
नरोत्तम को पहले शिवराज, अब मोहन ने निपटाया, दतिया उपचुनाव से पहले उमंग सिंघार के आरोप