चुनाव आयोग पर केजरीवाल का हमला, बोले-एमपी सहित सात राज्यों के चुनाव रद्द हों
समझें क्या है पूरा मामला...
- आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने मध्य प्रदेश समेत छह राज्यों के चुनाव रद्द करने की मांग की है।
- उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी तक की मांग की।
- इसी बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस भोपाल में सोमवार को चुनाव आयोग दफ्तर का घेराव करेगी।
- कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एमपी की वोटर लिस्ट से हटे 34 लाख नामों का ब्योरा मांगा।
- दोनों नेताओं के निशाने पर SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली रही।
केजरीवाल का बड़ा आरोप
अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और मध्य प्रदेश में पिछले कुछ सालों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग की है।
केजरीवाल का आरोप है कि इन चुनावों से पहले वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए। उन्होंने पूरी SIR प्रक्रिया भी रद्द करने की मांग की है। हालांकि, चुनाव आयोग इन आरोपों को पहले ही खारिज करता रहा है। आयोग का कहना है कि SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया तय नियमों के मुताबिक पूरी की गई है।
SIR से 13 करोड़ नाम हटे
बता दें कि एमपी भी उन राज्यों में शामिल था जहां 2025 में SIR शुरू हुई थी। कुल 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चली।
केजरीवाल के मुताबिक देशभर में 13 करोड़ से ज्यादा नाम ड्राफ्ट सूची से हटे। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भी 30 राज्यों में यही आंकड़ा दर्ज है। उन्होंने पिछले तीन साल के बदलाव रद्द कर पुरानी सूची बहाल करने की मांग की।
दो आयुक्तों ने 14 बार जताई आपत्ति
केजरीवाल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बार-बार आपत्ति जताई। रिपोर्ट के अनुसार दोनों आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की।
यह आपत्तियां नाम जोड़ने, हटाने और IT सिस्टम को लेकर थीं। Form-6 में SIR से जुड़े सवाल जोड़े जाने पर भी दोनों ने विरोध जताया। उन्होंने इसे अवैध बताते हुए हटाने की मांग की थी।
केंद्रीकरण का आरोप
केजरीवाल ने दावा कियाकि वोटर लिस्ट केअधिकार दिल्ली मेंकेंद्रीकृत हो रहेहैं। स्थानीय ERO (ERO– ElectoralRegistration Officer)की भूमिका सिमट रहीहै। इंडियन एक्सप्रेसकी जांच में गोवा काउदाहरण दिया गया, जहांस्थानीय अधिकारी ने 97मतदाता पात्र माने, परसॉफ्टवेयर में दर्जनहीं हुए।
चुनाव आयोगने कहा कि अलग रायसंस्थागत प्रक्रिया कासामान्य हिस्सा है। वहींकेजरीवाल ने कहा किआयोग को इन आपत्तियोंपर सार्वजनिक जवाबदेना चाहिए।
भोपाल में कांग्रेस का घेराव
दूसरी ओर मध्य प्रदेश कांग्रेस सोमवार कोभोपाल स्थितनिर्वाचन सदन का घेरावकरेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी नेकहा कि ज्ञानेश कुमारपर राजद्रोह केस दर्जहोने तक आंदोलन जारीरहेगा।
इसके बाद जिलानिर्वाचन अधिकारियोंके दफ्तरों का भीघेराव होगा। पटवारी नेइसे किसी पार्टी कानहीं, हर मतदाता केअधिकार का मुद्दाबताया।
एमपी में SIR के आंकड़े
पटवारीने राज्य के आंकड़ेसामने रखे। एसआईआर सेपहले एमपी में 5 करोड़74 लाख से ज्यादामतदाता दर्ज थे।दिसंबर 2025 कीड्राफ्ट सूची में42.74 लाख नाम बाहरहुए।
इनमें 31.51 लाखशिफ्टेड, 8.46 लाख मृतऔर 2.77 लाख दोहरी जगहदर्ज बताए गए। 21फरवरी 2026 की अंतिमसूची में 34.25 लाखनाम हटे। इसी दौरान8.49 लाख की शुद्धवृद्धि भी दर्ज हुई।करीब 7.17 लाख लोगोंने नाम जोड़ने के लिएआवेदन किया था।
कांग्रेस ने रखीं पांच मांगें
कांग्रेस ने वोटर लिस्ट से हटाए गए 34.25 लाख नामों का सीटवार और किस वजह से नाम हटाया गया, इसका पूरा ब्योरा मांगा है। पार्टी ने यह भी पूछा है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए कितने नाम बाद में दोबारा जोड़े गए।
इसके अलावा कांग्रेस ने ERO और BLO की ओर से किए गए काम का पूरा रिकॉर्ड यानी ऑडिट ट्रेल सार्वजनिक करने की मांग की है।
कांग्रेस की देशभर में आंदोलन की तैयारी
पटवारी ने बताया कितीन दिन बाद CWC (CWC– Congress Working Committee) की बैठकहोगी। इसमें देशभर मेंआंदोलन की रणनीति तयहोगी।
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