एमपी, सीजी और राजस्थान में मौसम का ट्रिपल अटैक: आंधी-बारिश और ओलों का येलो अलर्ट जारी
Weather Update: मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कुदरत का कहर जारी है। ओले, आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। एमपी की सड़कें ओलों से कश्मीर जैसी सफेद हो गईं।
राजस्थान में भारी ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। छत्तीसगढ़ में भी आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है। तीनों राज्यों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और विक्षोभ एक्टिव है।
अगले चार दिनों तक मौसम के तेवर तल्ख रहेंगे। करीब 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आप सभी खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को अपनी फसलें ढककर रखने की सलाह दी है। गर्मी से राहत तो है, मगर सतर्क रहना जरूरी है।
मध्यप्रदेश मौसम रिपोर्ट – 05 अप्रैल 2026:
मध्यप्रदेश मौसम अपडेट (MP Weather Updates)
मध्यप्रदेश में इस समय मौसम के तेवर काफी तीखे बने हुए हैं। ओले, बारिश और आंधी का एक तगड़ा सिस्टम एक्टिव है, जिसने जनजीवन को प्रभावित किया है। इस मौसम से जुड़ी खास बातें कुछ इस तरह हैं:
एमपी की सड़कें बन गईं कश्मीर
शनिवार को मध्यप्रदेश के कई इलाकों में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिला। बैतूल, श्योपुर और मुरैना समेत करीब 10 जिलों में इतनी भारी ओलावृष्टि हुई कि सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई। नजारा कुछ ऐसा था कि लोग इसकी तुलना कश्मीर से करने लगे। सिर्फ ओले ही नहीं, बल्कि प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश भी दर्ज की गई है।
आज भी संभलकर रहने की जरूरत
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो रविवार को भी राहत के आसार नहीं हैं। ग्वालियर समेत प्रदेश के 27 जिलों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के जिलों जैसे भिंड, मुरैना, रीवा और सतना के साथ-साथ नर्मदापुरम और बैतूल में भी दोपहर बाद मौसम बिगड़ सकता है। इस दौरान हवाएं 30 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।
क्यों अचानक बिगड़ा मिजाज?
आखिर अचानक इतनी बारिश और ओले क्यों गिर रहे हैं? दरअसल, शनिवार को प्रदेश में एक 'साइक्लोनिक सर्कुलेशन' (चक्रवाती सिस्टम) एक्टिव हुआ। इसकी वजह से सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई और दोपहर होते-होते ओले गिरने लगे। राजधानी भोपाल में भी रात के वक्त मौसम बदल गया, जबकि सीहोर, विदिशा और रतलाम जैसे 20 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चलता रहा।
7 अप्रैल तक आंधी का कहर
मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शनिवार को जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में ओलावृष्टि के साथ बारिश का अलर्ट है। वहीं, अन्य जिलों में आंधी और गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश में तेज आंधी चलेगी। आंधी की अधिकतम रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।
मौसम में बदलाव का सिलसिला जारी रहेगा
प्रदेश में मौसम का ये बदलाव अब तक जारी है और अगले कुछ दिन भी इसका असर रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 7 अप्रैल से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा, जिसके कारण कुछ और दिन आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह से गर्मी का असर बढ़ेगा।
छत्तीसगढ़ मौसम रिपोर्ट – 05 अप्रैल 2026:
छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट (CG Weather Update)
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल चुका है। तापमान में गिरावट और बढ़ोतरी दोनों ही देखने को मिल रही हैं। राजनांदगांव का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है, जबकि राजधानी रायपुर में भी तेज गर्मी का असर दिखने लगा है। दूसरी तरफ, कई जिलों में बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
क्या होगा आज के मौसम का हाल?
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान भी आ सकते हैं, और बिजली गिरने का भी अलर्ट है। तापमान में अगले 2 दिन में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन अगले 3 दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
अप्रैल की शुरुआत से ही छत्तीसगढ़ का मौसम बिगड़ा हुआ है। अगले 24 घंटों में ओले और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहेंगे, जिससे गर्मी में थोड़ी राहत मिल सकती है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, खासकर खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।
राजधानी रायपुर का मौसम क्या रहेगा?
राजधानी रायपुर में अगले दिनों में तेज हवाएं और बादल रह सकते हैं। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। रायपुर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
राजस्थान मौसम रिपोर्ट – 05 अप्रैल 2026:
राजस्थान मौसम अपडेट (Rajasthan Weather Update)
पिछले 24 घंटों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में अचानक मौसम बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने आम जनता और किसानों को परेशान कर दिया। खासकर उत्तरी और पूर्वी हिस्से में इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला।
कोटा, गंगापुर सिटी और अन्य जिलों में ओलावृष्टि
शनिवार, 4 अप्रैल को कोटा, गंगापुर सिटी, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जैसलमेर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। कोटा और गंगापुर सिटी में ओले गिरने से खेत, सड़कें और आसपास के इलाके सफेद चादर से ढक गए। श्रीगंगानगर के पदमपुर में सबसे ज्यादा 11.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चूरू के सरदारशहर में धूल भरी आंधी ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि जयपुर में पूरे दिन बादल छाए रहे।
फसलों को हुआ नुकसान, राहत भी मिली
इस मौसम बदलाव से तापमान में राहत तो मिली, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने कई जगहों पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि इतनी जोरदार ओलावृष्टि कई सालों बाद देखने को मिली है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
आज भी बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र ने रविवार (5 अप्रैल) के लिए भरतपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश, 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मेघगर्जन के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।
8 अप्रैल तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा
सोमवार (6 अप्रैल) को जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से फिर तेज आंधी-बारिश की संभावना है। 7 अप्रैल को विक्षोभ के सर्वाधिक असर से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई हिस्सों में तेज मेघगर्जन, 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। 8 अप्रैल को उत्तर और पूर्वी भागों में हल्की-मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि बाकी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की खास सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खुले आसमान में पककर तैयार फसलों, कृषि मंडियों और धान मंडियों में खुले में रखे अनाज और जिंसों को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है, खासकर गेहूं और अन्य रबी फसलों पर ओलों की मार से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
ये खबरें भी पढ़ें...
राजस्थान में ओले, एमपी में गर्मी का अलर्ट, सीजी को मिली बारिश से राहत!
MP-CG और राजस्थान में बदला मौसम, कहीं लू का अलर्ट, कहीं ओलों की मार!
आंधी-बारिश के बाद MP-CG और राजस्थान में बदला मौसम, अब तेज गर्मी की चेतावनी!
एमपी-सीजी और राजस्थान में मौसम के तीन रंग, कहीं गर्मी, कहीं बारिश तो कहीं ओले का अलर्ट!