लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू एसपी रहे मिश्रा के नाम को क्लीयरेंस देते हुए गृह विभाग ने उन्हें आईपीएस के लिए पाया पात्र
भोपाल. लंबे समय से आईपीएस अवार्ड का इंतजार कर रहे अरुण मिश्रा को राहत मिली है। मिश्रा को आईपीएस अवार्ड कर दिया गया है। इंटीग्रिटी रिपोर्ट के चलते उनका प्रकरण पैंडिंग था। गृह विभाग ने मिश्रा के नाम को क्लीयरेंस देते हुए उन्हें आईपीएस के लिए पात्र पाया है। मिश्रा ईओडब्लयू के एसपी पद पर भी रहे हैं। वह इंदौर में लोकायुक्त एसपी के पद पर रहे और भोपाल में ईओडब्ल्यू के पद पर रहे हैं।
यहां गौरतलब है कि आईपीएस के लिए होने वाली डीपीसी में अरुण मिश्रा का भी नाम शामिल था,लेकिन इंटीग्रिटी रिपोर्ट के चलते उनका नाम रोक लिया गया था। उस समय मुख्य सचिव रहे इकबाल सिंह बैस ने 2022-23 में डीपीसी के लिए एमपी कैडर का प्रिजेंटेशन दिया था। उस समय डीपीसी में शामिल अन्य नामों को गृह विभाग ने हरि झंडी दे दी थी, लेकिन मिश्रा का प्रपोजल रोक लिया गया था। अब गृह विभाग से क्लीयरेंस मिलने के बाद अरुण मिश्रा को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आईपीएस अवार्ड हो गया है।