सैनिकों का मनोबल बढ़ाने महिला 12 साल से सीमा पर भेज रहीं हैं राखी, शहीदों के परिजनों को दे दिया था डेढ़ साल का वेतन
मध्यप्रदेश के सारंगपुर नगरपालिका की अध्यक्ष रह चुकी रूपल दासानी पिछले 12 सालों से अपने हाथों से राखियां बनाकर बॉर्डर पर तैनात सैनिकों को भेजती हैं। प्रेम और स्नेह का त्योहार रक्षाबंधन 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इसको लेकर रूपल अपने हाथों से राखी बनाकर हर साल की तरह इस साल भी भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय को भेजेंगी। बता दें कि जब वे नगर पालिका अध्यक्ष थीं तो अपनी सैलरी भी रक्षा मंत्रालय को भेज दिया करती थीं।
स्पीड पोस्ट से रक्षा मंत्रालय को फिर सैनिकों के पास
सारंगपुर की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रूपल प्रमोद सादानी पिछले 12 सालों से राखियां बनाकर भेज रही हैं। रूपल रक्षाबंधन के पहले देश के रक्षा मंत्रालय को 101 राखियां अपने हाथों से बनाकर भेजती हैं। यह सभी राखियां चारों सीमाओं पर तैनात सैनिकों के लिए स्पीड पोस्ट के माध्यम से दिल्ली में रक्षा मंत्रालय को जाती हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन सभी सैनिक भाई इन राखियों को अपनी कलाई पर बांधते हैं।
मनोबल ऊंचा करने क्षा सूत्र तो भेज ही सकते हैं
सादानी का कहना है कि हम सभी अपने परिवारों के साथ त्यौहार मनाते हैं, परंतु हमारे देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाई हर समय हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। तभी हम यहां खुशी से सभी त्यौहार मनाते हैं। हम उनका मनोबल ऊंचा करने के लिए राखी जैसे पवित्र बंधन रक्षा सूत्र तो भेज ही सकते हैं। मैं यह पिछले दस बारह वर्षों से कर रही हूं। मुझे इससे खुशी मिलती है।
पुलवामा के शहीद परिवारों को दे दिया था वेतन
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रूपल प्रमोद सादानी ने पुलवामा हमले में मारे गए सैनिक परिवारों के लिए भी अपने कार्यकाल के 17 महीने का वेतन 87500 रुपए दान कर दिया था। यह उनके देश प्रेम को दर्शाता है और सभी के लिए प्रेरणादायक भी है।
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