युवा धर्म संसद-2026: उज्जैन में 24 राज्यों के 1500 युवा करेंगे मंथन, मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन
सेवाज्ञ संस्थानम् की तरफ से आयोजित होने वाली युवा धर्म संसद का छठा संस्करण 17 सितंबर से देवास रोड पर मौजूद गीता भवन में शुरू हो गया है। यह पूरा कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा।
इसे एक बड़ा राष्ट्रीय विचार महासंगम कहा जा रहा है। इसमें देश भर के 24 राज्यों से 1500 से भी ज्यादा युवा शामिल होने पहुंचे हैं।
इस सम्मेलन की सबसे खास बात यह है कि इसमें कला, अध्यात्म, साहित्य, समाज सेवा, शासन, शिक्षा और मैनेजमेंट (प्रबंधन) से जुड़े देश के बड़े चेहरे सीधे युवाओं से बातचीत करेंगे।
युवाओं के सवाल और देश के विकास पर चर्चा
आज के समय में युवाओं के मन में कई तरह के नए-नए सवाल उठ रहे हैं। तकनीक तेजी से बदल रही है, ऐसे दौर में अपनी पुरानी सांस्कृतिक पहचान को बचाते हुए धर्म और इंसानी मूल्यों के साथ कैसे जिया जाए, इस पर गंभीर मंथन होगा। साथ ही देश को आगे ले जाने में युवाओं की क्या भूमिका हो सकती है, इस पर भी बात होगी।
पहले दिन की गतिविधियां (17 सितंबर)
पुस्तक मेला और प्रदर्शनी: शाम 4 बजे पुस्तक मेले और प्रदर्शनी की शुरुआत हुई। इसमें प्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मश्री अद्वैत चरण गणनायक, सांसद अनिल फिरोजिया और कार्यक्रम की संयोजक अंकिता जायसवाल मौजूद रहें।
युवा पंचायत: इसके बाद शाम 5 बजे युवा पंचायत का आयोजन हुआ। इसमें मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, झारखंड की आईआरएस अधिकारी निशा उरांव, भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बृजेश कुमार और सेवाज्ञ संस्थानम् के कार्यक्रम संयोजक डॉ. श्याम सिंह ने युवाओं के सवालों के सीधे जवाब दिए।
18 सितंबर: मोहन भागवत करेंगे विधिवत उद्घाटन
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन आज यानी, 18 सितंबर को सुबह 10 बजे होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
इस सत्र की अध्यक्षता सेवाज्ञ संस्थानम् के संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण करेंगे। उनके साथ मंच पर नई दिल्ली के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी और सेवाज्ञ संस्थानम् के अध्यक्ष आशीष कुमार आशु भी मौजूद रहेंगे।
दूसरे दिन के मुख्य व्याख्यान और संवाद सत्र
दोपहर का सत्र: इस सत्र का विषय धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा एवं चारित्रिक उत्तरदायित्व रखा गया है। इसमें जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, लेखक एवं गीतकार मनोज मुंतशिर, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, अनादि फाउंडेशन की सह-संस्थापिका स्मृति अनंतलक्ष्मी और प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंद कुमार अपने विचार रखेंगे।
शाम 4 बजे का सत्र: इस समय निरंकुश संवाद-पद्धति तथा सूचना एवं विचार का संघर्ष विषय पर खुली बातचीत होगी। इसमें पुंडरीक गोस्वामी, मां सद्ग्रियानंद और आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय युवाओं के साथ चर्चा करेंगे।
19 सितंबर: सीएम मोहन यादव करेंगे समापन
तीन दिवसीय इस संसद का समापन 19 सितंबर को शाम 4 बजे होगा। इस समापन समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
समापन दिवस के प्रमुख सत्र
सुबह 10 बजे का सत्र: इस सत्र का विषय ऋषि एवं कृषि संस्कृति के मध्य भारत का आजीविका विचार रखा गया है। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मभूषण रामबहादुर राय, शिक्षाविद डॉ. इन्दुमति काटदरे, वैज्ञानिक और लेखक प्रो. आनंद रंगनाथन तथा आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।
दोपहर 1:30 बजे का सत्र: इस सत्र में 'मनुष्य-निर्माण में आस्था का महत्व तथा धर्मस्थलों की भूमिका' पर बात होगी। इस चर्चा में भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद मिश्र, शिक्षाविद डॉ. बलराम शुक्ल, यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात और वीर भारत न्यास के सचिव राम तिवारी अपने विचार साझा करेंगे।
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