राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में आज 85 लाख वोटर करेंगे मतदान, 6926 प्रत्याशी मैदान में, जानें कैसे डालें वोट
राजस्थान में गांव की सरकार चुनने के लिए आज 22 अक्टूबर को पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान हो रहा है। जयपुर समेत 16 जिलों में 85 लाख 7 हजार 306 मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनेंगे। पहले चरण में कुल 6 हजार 926 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
इनमें जिला परिषद सदस्य के लिए 1,693 और पंचायत समिति सदस्य के लिए 5,233 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे तक चलेगा। इस बार प्रत्येक मतदाता को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए दो अलग-अलग वोट डालने होंगे।
पहले चरण में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि कई क्षेत्रों में स्थानीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी मुकाबले को रोचक बना दिया है। मतदान को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां की हैं और 21 अक्टूबर को मतदान दलों को रवाना किया गया था।
16 जिलों में 2081 वार्डों के लिए मतदान
पहले चरण में 16 जिला परिषदों के 293 वार्डों और 104 पंचायत समितियों के 1,788 वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। जिला परिषद सदस्य के 293 पदों पर 1,693 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं पंचायत समिति सदस्य के 1,788 पदों के लिए 5,233 प्रत्याशी मैदान में हैं।
इस चरण में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, फलोदी, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर जिले शामिल हैं।
जयपुर की 8 पंचायत समितियों में 454 उम्मीदवार
जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों के 146 वार्डों में मतदान हो रहा है। यहां पंचायत समिति सदस्य के लिए 454 उम्मीदवार मैदान में हैं। जयपुर में गोविंदगढ़, चौमूं, किशनगढ़-रेनवाल, जोबनेर, झोटवाड़ा, सांभर लेक, दूदू और मौजमाबाद पंचायत समितियों में मतदान हो रहा है।
जिला परिषद के 22 वार्डों में 154 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
किस जिले में कितने उम्मीदवार? जानें पूरा गणित
| जिला | पंचायत समितियां | वार्ड | उम्मीदवार |
|---|---|---|---|
| अजमेर | 6 | 82 | 256 |
| अलवर | 6 | 112 | 407 |
| बाड़मेर | 10 | 160 | 467 |
| भीलवाड़ा | 9 | 177 | 466 |
| बीकानेर | 4 | 60 | 198 |
| डूंगरपुर | 7 | 119 | 404 |
| जयपुर | 8 | 146 | 454 |
| झालावाड़ | 4 | 88 | 221 |
| जोधपुर | 6 | 90 | 235 |
| फलोदी | 9 | 141 | 401 |
| कोटा | 4 | 84 | 219 |
| नागौर | 7 | 121 | 470 |
| पाली | 5 | 95 | 246 |
| राजसमंद | 5 | 81 | 193 |
| सिरोही | 4 | 72 | 211 |
| उदयपुर | 10 | 160 | 435 |
ये आंकड़े पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव से संबंधित हैं। जिला परिषद सदस्यों के उम्मीदवार इसमें शामिल नहीं हैं।
एक मतदाता को डालने होंगे दो वोट
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के लिए मतदान केंद्रों पर दो ईवीएम की व्यवस्था रहेगी। मतदाता एक ईवीएम पर जिला परिषद सदस्य और दूसरी ईवीएम पर पंचायत समिति सदस्य के लिए वोट डालेंगे।
इस दौरान मतदाता के उल्टे हाथ में अंगूठे के पास वाली तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। पंच और सरपंच के चुनाव अलग तारीख पर होंगे। पहले चरण में इनके लिए 24 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। उस दिन मतदाता सरपंच और वार्ड पंच के लिए दो अलग वोट डालेंगे। इस तरह दोनों मतदान दिवसों को मिलाकर एक पात्र मतदाता कुल चार वोट डालेगा।
सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगी वोटिंग
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया है। शाम 6 बजे तक मतदान केंद्र परिसर में पहुंच चुके मतदाताओं को कतार में लगाकर वोट डालने का मौका दिया जाएगा।
मतदान करने के लिए मतदाता का नाम संबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची में होना जरूरी है। केवल पहचान पत्र होने से मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा, यदि मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं है।
वोटर आईडी नहीं है तो इन 11 दस्तावेजों से डाल सकेंगे वोट
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता फोटो पहचान पत्र के अलावा 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों को मान्यता दी है।
- आधार कार्ड
- मनरेगा जॉब कार्ड
- बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक
- आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पैन कार्ड
- भारतीय पासपोर्ट
- फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
- केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र
- सांसदों और विधायकों को जारी सरकारी पहचान पत्र
- विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र (UDID)
आयोग के अनुसार ये वैकल्पिक दस्तावेज चुनाव की घोषणा से पहले जारी हुए होने चाहिए।
85 लाख से ज्यादा मतदाता, महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी
पहले चरण में कुल 85 लाख 7 हजार 306 मतदाता हैं। इनमें करीब 43.86 लाख पुरुष और 41.20 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 9,886 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पंचायत चुनाव स्थानीय विकास, पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर लड़े जा रहे हैं।
भाजपा-कांग्रेस में मुख्य मुकाबला, क्षेत्रीय दल भी मैदान में
पंचायत चुनाव के पहले चरण में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है। दोनों दलों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने का अवसर है।
आदिवासी क्षेत्रों में भारत आदिवासी पार्टी (BAP), कुछ क्षेत्रों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में हैं। हालांकि पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों की स्थानीय पहचान, क्षेत्र के विकास कार्य और व्यक्तिगत संपर्क भी मतदान के फैसले पर असर डाल सकते हैं।
मतदान के बाद क्या होगा?
पहले चरण में 22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे। इसके बाद 24 अक्टूबर को पंच और सरपंच के लिए मतदान होगा।संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के अगले चरणों का मतदान 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 14 नवंबर को निर्धारित है।
सभी चरणों के जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को प्रस्तावित है। इसके बाद जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, प्रधान और उप प्रधान के चुनाव कराए जाएंगे।