एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का बड़ा एक्शन: एक लाख का इनामी तस्कर विश्नाराम मंदसौर से गिरफ्तार
दिवाली से पहले राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी अंतरराज्यीय कार्रवाई की है। “ऑपरेशन मद्वैतेश” के तहत एएनटीएफ की विशेष टीम ने राजस्थान के टॉप मोस्ट ‘नार्को-25’ में शामिल और ₹1 लाख के इनामी कुख्यात तस्कर विश्नाराम को मध्यप्रदेश के मंदसौर से गिरफ्तार किया है।
विश्नाराम पिछले करीब दो साल से फरार चल रहा था। आरोपी राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क चला रहा था और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 18 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पहचान बदलकर मंदसौर में रह रहा था आरोपी
एएनटीएफ की कार्रवाई से बचने के लिए विश्नाराम ने राजस्थान में अपने ठिकाने बदलने के बाद मध्यप्रदेश के मंदसौर में शरण ले ली थी। यहां उसने अपनी पहचान छिपाकर खुद को फर्नीचर व्यवसायी के तौर पर स्थापित कर लिया था।
बताया गया कि काम के सिलसिले में उसने जोधपुर से कुछ फर्नीचर कारीगरों को मंदसौर बुलाया था। एएनटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि विश्नाराम मंदसौर में छिपकर फर्नीचर का काम करवा रहा है। इसके बाद विशेष टीम ने जोधपुर से मंदसौर पहुंचे कारीगरों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी ट्रैकिंग के जरिए टीम आरोपी तक पहुंच गई।
पिपलियामंडी के उमरिया गांव में हुई घेराबंदी
एएनटीएफ की टीम कारीगरों की गतिविधियों को ट्रैक करते हुए मंदसौर के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र स्थित उमरिया गांव पहुंची। यहां आरोपी अपने एक तस्कर साथी के रिश्तेदार के मकान में कारीगरों और सहयोगियों के साथ मौजूद था।
टीम ने मौके पर घेराबंदी की। बताया गया कि उस समय आरोपी अपने साथियों के साथ नशे की पार्टी कर रहा था। एएनटीएफ ने कार्रवाई करते हुए उसे मौके से ही दबोच लिया और भागने का कोई मौका नहीं दिया।
दादा की नशे की लत से तस्करी तक पहुंचा
एएनटीएफ आईजी विकास कुमार के अनुसार, 32 वर्षीय विश्नाराम बाड़मेर के कुड़ला थाना क्षेत्र में रीको इलाके का रहने वाला है और उसने 12वीं तक पढ़ाई की है। पुलिस के मुताबिक, परिवार में अपने दादा को डोडा पोस्त के महंगे नशे का आदी देखकर विश्नाराम के मन में कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की चाह पैदा हुई। इसके बाद वह खुद मादक पदार्थों की तस्करी के धंधे में उतर गया।
शुरुआत में वह खलासी के तौर पर काम करता था। इसी दौरान उसने नीमच और मंदसौर के बड़े तस्करों से संपर्क बनाया। बाद में मध्यप्रदेश से मादक पदार्थों की खेप राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र तक पहुंचाने और वहां ऊंचे दामों पर सप्लाई करने का नेटवर्क खड़ा कर लिया। करीब 12 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय विश्नाराम धीरे-धीरे अंतरराज्यीय स्तर पर नशा तस्करी के नेटवर्क का अहम चेहरा बन गया।
‘नार्को-25’ में शामिल था विश्नाराम
राजस्थान पुलिस की ओर से चिन्हित टॉप मोस्ट ‘नार्को-25’ तस्करों में विश्नाराम का नाम भी शामिल था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।एएनटीएफ की विशेष टीम ने लगातार तकनीकी और मैदानी स्तर पर उसकी तलाश जारी रखी। राजस्थान में दबाव बढ़ने के बाद आरोपी ने मध्यप्रदेश में पहचान बदलकर रहने की कोशिश की, लेकिन जोधपुर से मंदसौर पहुंचे कारीगरों की गतिविधियों की निगरानी उसके लिए भारी पड़ गई।
18 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार विश्नाराम के खिलाफ राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो चुकी है।
उसके खिलाफ बाड़मेर के सदर, कोतवाली, महिला थाना, रीको, नागाणा, चौहटन और गिड़ा थानों के अलावा जोधपुर कमिश्नरेट, पाली के सुमेरपुर, प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी और हरियाणा के गुड़गांव स्थित सुशांत लोक थाना क्षेत्र में भी मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ 18 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और वह कई मामलों में वांछित था।
एएनटीएफ ने बताया, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
एएनटीएफ की ओर से बताया गया कि राज्यव्यापी नशामुक्त अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। एएनटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध नशा तस्कर या मादक पदार्थों की गतिविधि की जानकारी हो तो इसकी सूचना एएनटीएफ कंट्रोल रूम को दी जा सकती है।
एएनटीएफ कंट्रोल रूम: 0141-2502877
व्हाट्सऐप: 9261225056
पुलिस के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
कार्रवाई के पीछे टीम की रणनीति
इस पूरे ऑपरेशन में आरोपी की पुरानी गतिविधियों, उसके संपर्कों और नए ठिकाने की जानकारी जुटाने के बाद टीम ने उसके आसपास मौजूद लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी। जोधपुर से मंदसौर पहुंचे फर्नीचर कारीगरों की ट्रैकिंग ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में अहम सुराग दिया। आखिरकार पिपलियामंडी के उमरिया गांव में की गई कार्रवाई के दौरान ₹1 लाख का इनामी और लंबे समय से फरार विश्नाराम एएनटीएफ की गिरफ्त में आ गया।