12 करोड़ की गोल्ड ट्रेडिंग ठगी में छठा आरोपी गिरफ्तार, बैंक खाते किराए पर देकर करता था मदद

Ashish Bhardwaj | Oct 24, 2026, 13:16 IST
ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग मामला
ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर जयपुर के एक कारोबारी से 12.09 करोड़ रुपये ठगने के मामले में पुलिस को एक ओर सफलता मिली है। राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने असम निवासी बेशराज थापा उर्फ राहुल को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से गिरफ्तार किया है।

ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग मामले में पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगों को इस्तेमाल के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था। उनसे जुड़े खाताधारकों पर नजर रखने और उनकी जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाने का काम करता था। इस मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।



फर्जी खातों से ठगी की रकम का लेन-देन

पुलिस की जांच में सामने आया कि बेशराज उन बैंक खाताधारकों की निगरानी करता था, जिनके खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया जाता था। वह खाताधारकों को होटल या कमरों में साथ रखता था और उनकी तस्वीरें व वीडियो अपने साथियों को भेजता था। इससे ठगी में इस्तेमाल हो रहे खातों और उनसे जुड़े लोगों पर नजर रखी जा सके।



पुलिस के अनुसार, आरोपी हर्षा साइकिया उर्फ गौरव और इस्लाम के संपर्क में था। गुवाहाटी के एक होम-स्टे में प्रकाश कुमार नाम के व्यक्ति के बैंक खाते और उससे जुड़ी सिम की जानकारी इस्लाम तक पहुंचाने के बदले बेशराज को 50 हजार रुपये मिले थे। जांच में इस खाते में पीड़ित से ठगी गई रकम के 33 लाख 75 हजार 328 रुपये जमा होने की जानकारी मिली है।



50 हजार रुपये के लिए खाताधारक पर रखता था नजर

जांच एजेंसियों के मुताबिक, साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों को उपलब्ध कराना और उनकी निगरानी करना नेटवर्क का अहम हिस्सा था। ऐसे खातों के जरिए ठगी की रकम अलग-अलग खातों में भेजी जाती है।



पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बेशराज ने किन-किन खाताधारकों की जानकारी अपने साथियों को दी और इन खातों में कितनी रकम आई। उसके मोबाइल फोन, बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) तथा व्हाट्सऐप और टेलीग्राम पर हुई बातचीत की जांच की जा रही है।



गिरफ्तारी से पहले फोन तोड़कर भागा

पुलिस के मुताबिक, पहले गिरफ्तार आरोपी इकबाल अहमद से पूछताछ में बेशराज की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन तोड़कर नष्ट कर दिया और विशाखापट्टनम चला गया।



राजस्थान पुलिस की टीम ने विशाखापट्टनम पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। अदालत से पांच दिन का ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद आरोपी को जयपुर लाया गया। अब उससे पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क और पैसों के अंतिम लाभार्थियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस हर्षा साइकिया उर्फ गौरव और इस्लाम सहित अन्य आरोपियों की तलाश भी कर रही है।



ऐसे दिया 12.09 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम

पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 25 सितंबर 2025 को हुई थी। जयपुर के एक कारोबारी के व्हाट्सऐप पर अनजान नंबर से संदेश आया। इसमें kdeonegold नाम की वेबसाइट का लिंक भेजा गया और ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया गया।



कारोबारी ने वेबसाइट पर अकाउंट बनाया और कथित कस्टमर सर्विस के निर्देश पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करनी शुरू कर दी। 7 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 के बीच उसने करीब छह करोड़ रुपये निवेश किए। वेबसाइट के वर्चुअल वॉलेट में 9.42 करोड़ रुपये का बैलेंस दिखाया गया, जिसमें कथित मुनाफा भी शामिल था। इससे कारोबारी को लगा कि उसका निवेश बढ़ रहा है।



7 नवंबर को कारोबारी ने करीब 5.02 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की, लेकिन ठगों ने इनकम टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर और रकम जमा कराने का दबाव बनाया। 26 नवंबर 2025 तक उससे कुल 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद न तो मूल रकम लौटाई गई और न ही वर्चुअल वॉलेट से पैसे निकालने दिए गए।



पुलिस ने की आमजन से अपील

राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कम समय में बहुत ज्यादा या तय मुनाफे का दावा करने वाली निवेश योजनाओं से सावधान रहें। किसी अनजान लिंक से खुली वेबसाइट पर पैसे लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता और संबंधित वित्तीय नियामक के पास पंजीकरण की जांच करें।



पुलिस ने यह भी चेताया है कि अपना बैंक खाता, सिम कार्ड या लॉगिन जानकारी कमीशन के लालच में किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।



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