विधायक अपने ही घर में नजरबंद, टोल प्लाजा बना छावनी, क्या है 18 बीबी टोल का पूरा विवाद?
News In Short
- श्रीकरणपुर में 18 बीबी टोल विवाद को लेकर विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर नजरबंदं
- विधायक कुन्नर की हिरासत और रिहाई के बाद प्रशासन ने उन्हें नजरबंद किया।
- टोल संघर्ष समिति के साथ धरने पर बैठे थे श्रीकरणपुर विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर।
- टोल संघर्ष समिति का दावा, 18 BB टोल की वसूली 2024 में पूर्ण हो गई है।
- प्रशासन ने अंबेडकर जयंती पर समर्थकों की बैठक रोकने के लिए भी सुरक्षा कड़ी की।
News In Detail
राजस्थान में श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस वक्त तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर को प्रशासन ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। विधायक के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। किसी भी समर्थक को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह पूरी कार्रवाई सोमवार को हुए भारी ड्रामे और टोल विवाद के बाद की गई है।
हिरासत, अज्ञात स्थान और रिहाई
विवाद की शुरुआत सोमवार को हुई, जब प्रशासन कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 18 बीबी टोल का संचालन फिर से शुरू कराने पहुंचा। टोल संघर्ष समिति पहले से ही वहां धरने पर बैठी थी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने समिति के संयोजक सुखबीर सिंह फौजी को हिरासत में ले लिया।
सूचना मिलते ही विधायक कुन्नर मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रशासन के साथ दिनभर चली वार्ता विफल होने के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए विधायक को हिरासत में ले लिया।
देर रात पुलिस विधायक को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। रिहा होते ही विधायक ने मंगलवार सुबह समर्थकों की बड़ी बैठक बुलाने का आह्वान कर दिया, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने उन्हें नजरबंद कर दिया है।
क्या है विवाद?
18 बीबी टोल नाके को लेकर स्थानीय लोगों और टोल संचालकों के बीच जंग छिड़ी है। टोल संघर्ष समिति का कहना है कि इस टोल की वैधानिक अवधि 2024 में पूरी हो चुकी है, इसलिए अब वसूली करना अवैध है। दूसरी ओर टोल संचालकों का कहना है कि कोरोना काल और किसान आंदोलन के दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा, जिसकी भरपाई के लिए उन्हें अतिरिक्त समय मिलना चाहिए।
अंबेडकर जयंती और विरोध का डर
मंगलवार को टोल संघर्ष समिति का बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रशासन को अंदेशा है कि विधायक के आह्वान पर हजारों की संख्या में समर्थक जुट सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी के चलते श्रीकरणपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और विधायक के आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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