क्या एएसपी मुकेश सोनी ने दो करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की? एसीबी की जांच में खुलासा!

Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 01, 2026, 12:25 IST
एएसपी ने घूस मांगने से किया इनकार
एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी को एसीबी ने दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में हिरासत में लिया है। सोनी ने पूछताछ में अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताया, लेकिन एसीबी ने उन्हें रिकॉर्डिंग सुनाई, जिसके बाद वह चुप हो गए। दलाल सज्जन सिंह जैन ने बताया कि एएसपी के कहने पर ही उसने परिवादी से संपर्क किया था।

समझें क्या है पूरा मामला

  • पूछताछ के दौरान एएसपी ने रिश्वत मांगने की बात से इनकार किया।
  • एसीबी ने उन्हें उनकी ही रिकॉर्ड की गई आवाज सुनाई।
  • रिकॉर्डिंग सुनने के बाद एएसपी ने कोई जवाब नहीं दिया।
  • दलाल ने एएसपी के कहने पर परिवादी से संपर्क करने की बात कही है।
  • जांच एजेंसी अब दोनों आरोपियों के बयानों और रिकॉर्डिंग की कड़ियां जोड़ रही है।

दो करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी से एसीबी की पूछताछ जारी है। पूछताछ के दौरान मुकेश सोनी ने रिश्वत मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी से रिश्वत नहीं मांगी। इसके बाद एसीबी अधिकारियों ने उन्हें उनकी ही रिकॉर्ड की गई आवाज सुनाई। रिकॉर्डिंग सुनने के बाद एएसपी इस सवाल पर चुप हो गए।




मामले में गिरफ्तार दलाल सज्जन सिंह जैन ने भी एसीबी को बयान दिया है। दलाल के मुताबिक, उसने एएसपी के कहने के बाद ही परिवादी से संपर्क किया था। अब एसीबी रिकॉर्डिंग, दोनों आरोपियों के बयान और उनके बीच हुए संपर्क की कड़ियों को जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है।



एएसपी ने रिश्वत मांगने से किया इनकार

पूछताछ के दौरान एसीबी ने मुकेश सोनी से रिश्वत की कथित मांग को लेकर सवाल किए। एएसपी ने साफ तौर पर रिश्वत मांगने से इनकार किया। इसके बाद एसीबी ने जांच के दौरान रिकॉर्ड की गई उनकी आवाज सुनाई। अपनी आवाज की रिकॉर्डिंग सुनने के बाद एएसपी चुप हो गए। अब एसीबी इस रिकॉर्डिंग को मामले की जांच में अहम कड़ी मानकर आगे की पड़ताल कर रही है।




दलाल ने एएसपी के कहने पर संपर्क करने की बात कही

मामले में गिरफ्तार दलाल सज्जन सिंह जैन से भी एसीबी ने पूछताछ की। दलाल ने बताया कि उसने एएसपी मुकेश सोनी के कहने के बाद ही परिवादी से संपर्क किया था। एसीबी अब दलाल के इस बयान को रिकॉर्डिंग और एएसपी व परिवादी के बीच हुए संपर्क से जोड़कर देख रही है।जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वत की डील में किसकी क्या भूमिका थी और आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ।



एसीबी की रणनीति भी बदली गई

जांच के दौरान एसीबी को जानकारी मिली कि मुकेश सोनी को एसीबी और विजिलेंस की कार्रवाई के तौर-तरीकों की जानकारी थी। वह एसीबी चौकी के कई अधिकारियों और जवानों को पहचानता था। इसी दौरान परिवादी ने एसीबी अधिकारियों को वॉट्सऐप कॉल के जरिए बताया कि मुकेश उस पर नजर रख रहा है।



इसके बाद एसीबी ने अपनी रणनीति बदल दी। परिवादी को एसीबी कार्यालय बुलाने के बजाय अधिकारियों ने उसके पास जाकर सत्यापन करने का फैसला किया। एसीबी ने किसी परिचित अधिकारी या जवान को भेजने के बजाय एक प्रशासनिक अधिकारी को सत्यापन के लिए भेजा। इसका मकसद यह था कि एसीबी की कार्रवाई का आरोपियों को शक न हो।




लग्जरी कार तक पहुंची जांच

अब एसीबी की जांच उस लग्जरी कार तक भी पहुंच गई है, जिसमें बैठकर रिश्वत की डील होने की बात सामने आई थी। एसीबी ने कार को जब्त कर लिया है। यह कार चित्तौड़गढ़ निवासी सईद खान की बताई जा रही है। एसीबी ने सईद खान को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। प्रारंभिक पूछताछ में सईद ने बताया कि वह मुकेश सोनी का परिचित था। इसी परिचय के चलते एएसपी उसकी कार किसी काम के सिलसिले में लेकर गए थे। अब एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार का इस्तेमाल कब और किस तरह हुआ था और कथित रिश्वत की डील से उसका क्या संबंध है।



3 दिन का और रिमांड

रिमांड अवधि पूरी होने के बाद एसीबी ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। एसीबी ने कोर्ट को बताया कि एएसपी मुकेश सोनी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि मामले में अभी कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच बाकी है। एसीबी की दलीलों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों का तीन दिन का अतिरिक्त रिमांड मंजूर कर दिया। अब जांच एजेंसी रिकॉर्डिंग, दलाल के बयान, कार और आरोपियों के बीच हुए संपर्क के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।




अब जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे

एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित दो करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग किस स्तर पर हुई थी। दलाल की भूमिका क्या थी और उसने किसके कहने पर परिवादी से संपर्क किया। कथित डील में लग्जरी कार का इस्तेमाल क्यों किया गया। कार मालिक को एएसपी ने किस काम के लिए कार लेने की बात कही थी।रिकॉर्डिंग और आरोपियों के बयानों के बीच कितनी कड़ियां जुड़ती हैं।



यह खबर क्यों जरूरी है:

दो करोड़ रुपए की कथित रिश्वत का मामला इसलिए अहम है क्योंकि इसमें एसओजी के एक एएसपी की गिरफ्तारी हुई है। एसीबी अब सिर्फ रिश्वत की कथित मांग की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि रिकॉर्डिंग, दलाल के बयान, आरोपियों के बीच संपर्क और लग्जरी कार के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। तीन दिन के अतिरिक्त रिमांड के दौरान जांच एजेंसी इन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी।

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