उदयपुर के 2 करोड़ रिश्वतकांड में बड़ी कार्रवाई, SOG के ASP मुकेश सोनी को राज्य सरकार ने किया सस्पेंड

Ashish Bhardwaj | Oct 06, 2026, 13:07 IST
ASP मुकेश सोनी
उदयपुर के भूखंड घोटाले में एएसपी मुकेश कुमार सोनी को रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किया गया है। एसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आरोपियों से दो करोड़ की राशि मांगी थी जिसे सत्यापित किया गया है। इस मामले में कार्रवाई जारी है और एसीबी मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

राजस्थान के उदयपुर में जमीन घोटाले में आरोपियों को फायदा पहुंचाने के लिए दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार एडिश्ननल एसपी मुकेश कुमार सोनी के खिलाफ सरकार ने एक्शन लिया। एएसपी सोनी को निलंबित कर दिया है। वे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप में तैनात थे। पूरा मामला उदयपुर के 272 प्लॉट घोटाले की जांच से जुड़ा है।



आरोप है कि उदयपुर के इस जमीन घोटाले में एएसपी मुकेश सोनी ने आरोपियों को राहत पहुंचाने के बदले दो करोड़ रुपए मांगे थे। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पहले कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को पकड़ा था। इसके अगले दिन एएसपी मुकेश सोनी की गिरफ्तारी हुई थी। अब एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान सरकार ने एएसपी को निलंबित कर दिया है।



उदयपुर में 272 प्लॉट घोटाले की जांच से जुड़ा रिश्वत का मामला

उदयपुर में 272 प्लॉट का मामला लंबे समय से जांच के दायरे में है। आरोप है कि खाली और निरस्त हो चुके प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। फर्जी लीज डीड बनाई गई। इसके आधार पर जमीन का नामांतरण कराया गया। बाद में इन प्लॉट को बेच दिया गया। इस मामले में साल 2022 में सूरजपोल थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच आगे बढ़ी तो नगर निगम ने 48 पट्टे निरस्त किए। इसी वजह से यह मामला उदयपुर नगर निगम पट्टा घोटाले के नाम से भी चर्चा में आया।



बाद में इस केस की जांच एसओजी के पास पहुंची। यहीं से दो करोड़ रुपए की कथित रिश्वत का मामला सामने आया।



पहले बिचौलिया पकड़ा, फिर ASP मुकेश सोनी गिरफ्तार

एसीबी ने 26 सितंबर को कथित बिचौलिये सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को पकड़ा था। आरोप है कि वह दो करोड़ रुपए ले रहा था। इसके अगले दिन एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी का आरोप है कि 272 प्लॉट घोटाले के आरोपियों को केस में राहत देने के बदले यह रकम मांगी गई थी। अब एसीबी की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार ने सोनी को निलंबित कर दिया है।



एएसपी मुकेश सोनी के घर भी जाता था कथित बिचौलिया

जांच के दौरान एसीबी की टीम सज्जन सिंह को लेकर आरोपी एएसपी मुकेश सोनी के घर भी पहुंची। टीम ने वहां मौका देखा और जानकारी जुटाई। एसीबी के मुताबिक सज्जन सिंह का सोनी के घर आना-जाना था। रिश्वत से जुड़ा मामला चलने के दौरान भी वह वहां गया था। एसीबी अब दोनों के बीच संपर्क और बातचीत की कड़ियां जोड़ रही है।




तीन बार बदला मुलाकात का समय

जांच में 23 सितंबर की एक मुलाकात भी अहम मानी जा रही है। यह मुलाकात उदयपुर की रानी रोड पर होनी थी। एसीबी के मुताबिक पहले सुबह 10 बजे का समय रखा गया। फिर इसे दोपहर 1 बजे कर दिया गया। इसके बाद शाम 5 बजे का समय तय हुआ। आरोप है कि एसीपी मुकेश सोनी शाम करीब 6:30 बजे वहां पहुंचे।



सज्जन सिंह शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा को लेकर महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंचा था। कुछ देर बाद एएसपी सोनी कार से आए। दोनों को कार में बुलाया गया। तीनों के बीच करीब चार मिनट तक बातचीत हुई।





एएसपी ने मोबाइल में लिखकर रिश्वत की रकम मांगी

एसीबी के मुताबिक इस मुलाकात में रकम को लेकर सीधे बोलने के बजाय मोबाइल स्क्रीन का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि सोनी के मोबाइल पर एक मैसेज दिखाया गया। इसमें कथित तौर पर बिचौलिए सज्जन सिंह के कहे मुताबिक काम करने और 30 तारीख तक चार्जशीट पेश करने की बात थी। एसीबी ने इस बातचीत की डिजिटल रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित की है।




तीन दिन तक एसीबी ने किया आरोपों का सत्यापन

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने सीधे कार्रवाई नहीं की। पहले तीन दिन तक रिश्वत की मांग का सत्यापन किया गया। इस दौरान डिजिटल रिकॉर्डिंग की गई। कथित बिचौलिये ने शिकायतकर्ता और सोनी के बीच दो बार बातचीत भी कराई। इसमें वॉट्सऐप कॉल का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। एसीबी का दावा है कि सत्यापन के दौरान दो करोड़ रुपए की मांग की पुष्टि हुई।



दफ्तर से 41 प्लॉट की फाइलें मिलीं

एसीबी को सोनी के दफ्तर से नगर निगम से जुड़े 41 भूखंडों की फाइलें भी मिली हैं। इनमें कई दस्तावेजों पर उदयपुर विकास प्राधिकरण यानी UDA की सील और हस्ताक्षर बताए गए हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम से आवंटन पत्र और पट्टे जारी होने की बात सामने आई है। अब एसीबी यह पता लगा रही है कि दस्तावेज असली हैं या फर्जी।



कुछ मामलों में मूल फाइलों के बाद बदले हुए नंबर वाली फाइलें मिलने की बात भी सामने आई है। ऐसे में रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका की भी जांच की जा रही है।



पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी भी इस मामले में हुए थे गिरफ्तार

उदयपुर के 272 प्लॉट घोटाले में एसओजी ने पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया को गिरफ्तार किया था। उनके पति निरंजन मोगरा भी पकड़े गए थे। उनके घर से करीब दो किलो सोने के जेवर और 11 लाख रुपए मिलने की बात सामने आई थी। आरोप है कि इसी केस में एफआर लगाने और जब्त सामान वापस दिलाने के बदले दो करोड़ रुपए मांगे गए।



अब जिस एसओजी अधिकारी पर इस केस की जांच से जुड़े रिश्वतकांड का आरोप लगा है, उसे सरकार ने निलंबित कर दिया है। एसीबी की जांच अभी जारी है। दफ्तर से मिली 41 फाइलें भी जांच के दायरे में हैं। इन फाइलों और डिजिटल रिकॉर्डिंग की जांच के बाद मामले में आगे और तथ्य सामने आ सकते हैं।



FAQs

  1. एएसपी मुकेश सोनी को क्यों निलंबित किया गया?
    एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी पर दो करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मामला उदयपुर के 272 भूखंडों से जुड़ा है। एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने उन्हें निलंबित किया।
  2. 2 करोड़ रिश्वतकांड मामले में अब तक किसकी गिरफ्तारी हुई है?
    एसीबी ने 26 सितंबर को कथित बिचौलिये सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को दो करोड़ रुपए लेते पकड़ा था। अगले दिन एएसपी मुकेश सोनी को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच जारी है।
  3. उदयपुर 272 प्लॉट घोटाला क्या है?
    आरोप है कि खाली और निरस्त भूखंडों के फर्जी दस्तावेज और लीज डीड बनाकर इनका नामांतरण कराया गया और इन्हें बेच दिया गया। 2022 में सूरजपोल थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। नगर निगम ने 48 पट्टे निरस्त किए थे।
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