राजस्थान के खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात, आउट ऑफ टर्न कोटे से 235 को मिलेगी सरकारी नौकरी
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास (Chief Secretary V. Srinivas) की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय समिति की सातवीं बैठक आयोजित की गई थी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सामान्य और पैरा खिलाड़ियों की ओर से प्राप्त कुल 286 नए आवेदनों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
जिनमें से 235 खिलाड़ियों के नियुक्ति प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। इस फैसले के बाद राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकारी सेवा में बड़ा अवसर मिलने जा रहा है।
तीन श्रेणियों में बांटी गई नियुक्तियां
सरकार द्वारा स्वीकृत इन नियुक्तियों को योग्यता और खेलों के स्तर के आधार पर तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
- श्रेणी-ए: इस श्रेणी के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 खिलाड़ियों को पुलिस उप अधीक्षक (DSP) के प्रतिष्ठित पद पर नियुक्ति दी जाएगी।
- श्रेणी-बी: इस श्रेणी के अंतर्गत 2 खिलाड़ियों को आबकारी विभाग में पेट्रोलिंग ऑफिसर और सब इंस्पेक्टर (SI) के पद पर सेवा का अवसर मिलेगा।
- श्रेणी-सी: सबसे अधिक नियुक्तियां इसी श्रेणी के तहत स्वीकृत हुई हैं। इसके अंतर्गत 224 खिलाड़ियों को लिपिक ग्रेड-द्वितीय (Clerk), पुलिस कांस्टेबल, आबकारी विभाग में सिपाही/आरक्षक और उप जेलर के पदों पर नियुक्ति मिलेगी।
73 पैरा खिलाड़ियों को भी मिला संबल
इस पूरी चयन प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि श्रेणी-सी के तहत चुने गए 224 खिलाड़ियों में 73 पैरा खिलाड़ी (दिव्यांग खिलाड़ी) भी शामिल हैं। सरकार के इस समावेशी फैसले से पैरा स्पोर्ट्स में देश-दुनिया में परचम लहराने वाले खिलाड़ियों का हौसला और अधिक बढ़ेगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा दिसंबर 2023 से अब तक कुल 187 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। अब इन 235 नए प्रस्तावों के स्वीकृत होने से खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन की यह प्रक्रिया और अधिक गति पकड़ेगी।
वन विभाग के खिलाड़ियों के समायोजन पर भी चर्चा
बैठक के दौरान वन विभाग में पहले से सेवारत खिलाड़ियों की कार्यस्थिति और आ रही व्यावहारिक परेशानियों पर भी विचार किया गया। अधिकारियों ने खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सेवा नियमों में एक बार की छूट देने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अन्य विभागों में समायोजित करने की कार्ययोजना पर चर्चा की, जिससे वन विभाग में पदस्थापित खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या होती है आउट ऑफ टर्न नियुक्ति?
आउट ऑफ टर्न (Out-of-Turn) सरकारी नौकरियां मुख्य रूप से उन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को दी जाती हैं, जिन्होंने खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश या राज्य का नाम रोशन किया है। इस नीति का उद्देश्य खिलाड़ियों को बिना किसी लंबी भर्ती परीक्षा या पारंपरिक चयन प्रक्रिया से गुजारे सीधे सरकारी विभागों में नियुक्त करना है ताकि वे आर्थिक रूप से सुरक्षित होकर अपने खेल पर ध्यान दे सकें।
FAQs
- राजस्थान सरकार की 'आउट ऑफ टर्न' पॉलिसी का उद्देश्य क्या है?
राजस्थान सरकार की 'आउट ऑफ टर्न' पॉलिसी का उद्देश्य पदक विजेता सामान्य और पैरा खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकारी नौकरी में अवसर प्रदान करना है। - राजस्थान में कितने खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के प्रस्ताव दिए गए हैं?
राजस्थान में 235 सामान्य और पैरा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। - नियुक्ति प्रक्रिया में पैरा खिलाड़ियों को क्या विशेष महत्व दिया गया है?
इस नियुक्ति प्रक्रिया में 224 खिलाड़ियों में से 73 पैरा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है, जो इस समावेशी फैसले का प्रतिनिधित्व करता है।