बीकानेर में चुनाव ड्यूटी से गायब 28 कर्मचारी, जिला निर्वाचन अधिकारी ने थमाए नोटिस; 3 दिन में जवाब मांगा

Ashish Bhardwaj | Oct 23, 2026, 18:18 IST
चुनाव में गैरहाजिर रहना पड़ा मंहगा
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दौरान ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले 28 कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन ने इन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर जवाब देना होगा। संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन मामले में निलंबन भी कर सकता है।

आदेश के बाद भी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे

पंचायती राज संस्थाओं के पहले चरण के चुनाव के लिए मतदान दलों की तैयारी चल रही थी। इसके तहत नियुक्त कर्मचारियों को 21 अक्टूबर 2026 को बीकानेर के राजकीय डूंगर महाविद्यालय स्थित रवानगी स्थल पर पहुंचना था। यहां मतदान दलों का प्रशिक्षण होना था और इसके बाद उन्हें निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाना था।



निर्वाचन ड्यूटी के आदेश मिलने के बावजूद 28 कर्मचारी तय समय पर नहीं पहुंचे। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति का कारण भी अधिकारियों को नहीं बताया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसे चुनाव कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। प्रशासन के अनुसार, कर्मचारियों की गैरहाजिरी से निर्वाचन प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।



तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण

जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी नोटिस में संबंधित कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने कार्यालयाध्यक्ष के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।



यदि तय समय में जवाब नहीं दिया जाता या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है। यानी संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है, लेकिन जवाब नहीं मिलने या जवाब से अधिकारी संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।



राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई

प्रशासन ने इन कर्मचारियों के खिलाफ राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 134 के तहत कार्रवाई करने की बात कही है। निर्वाचन ड्यूटी के आदेशों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई है।



प्रशासन का कहना है कि चुनावी जिम्मेदारी में लापरवाही से मतदान की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों का निर्धारित समय पर प्रशिक्षण और रवानगी स्थल पर उपस्थित रहना जरूरी है।




शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरे विभागों के कर्मचारी शामिल

नोटिस पाने वाले कर्मचारियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुर्वेद, कृषि, वन, भू-प्रबंधन और खान एवं भू-विज्ञान सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें स्कूलों के शिक्षक, शारीरिक शिक्षा शिक्षक, सहायक प्रशासनिक अधिकारी, कनिष्ठ सहायक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी हैं।



सूची में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक विकास, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल कालू के व्याख्याता राकेश कुमार मीणा, दियातरा के शिक्षक लीलाधर और कीतासर के कर्मचारी बालनाथ सहित अन्य नाम शामिल हैं। इसके अलावा शिक्षा निदेशालयों, कृषि विभाग, वन विभाग और इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े कर्मचारियों को भी नोटिस दिए गए हैं।




चुनावी व्यवस्था में लापरवाही पर सख्ती

पंचायती राज चुनाव में मतदान दलों की समय पर रवानगी और प्रशिक्षण पूरी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। कर्मचारियों की गैरहाजिरी से मतदान केंद्रों पर तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से जिला प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है।



अब संबंधित कर्मचारियों के जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि वे अनुपस्थिति का उचित कारण नहीं बता पाते, तो नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल सभी 28 कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।



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