राजस्थान के 5 दिग्गज पैरा खिलाड़ियों का सरकार को अल्टीमेटम, 10 दिन में समाधान नहीं तो लौटाएंगे पदक
सुंदर गुर्जर, कृष्णा नागर, संदीप मान, निशा कंवर और अवनी लेखरा ने एक साझा बयान जारी किया है। खिलाडियों ने चेतवनी भी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर उनकी सेवा को स्थायी नहीं किया गया या उन्हें आरएएस (RAS) जैसी प्रशासनिक सेवाओं में समायोजित नहीं किया गया, तो वे सभी पदक और पुरस्कार सरकार को वापस लौटा देंगे।
इन पदक और पुरस्कारों में पद्मश्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन अवॉर्ड के साथ-साथ पैरालंपिक, एशियन गेम्स और विश्व कप के सभी पदक शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने धरने पर बैठने की भी चेतावनी दी है।
तीन साल से मुख्यमंत्री से मिलने का मांग रहे समय
राजस्थान के पैरा खिलाड़ियों (Rajasthan para athletes) का कहना है कि वे पिछले तीन साल से मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय मांग रहे हैं, लेकिन उनकी गुहार अनसुनी की जा रही है। उन्होंने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनगिनत पदक जीते हैं, लेकिन आज उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
अवनी लेखरा और कृष्णा नागर जैसी दिग्गज खिलाड़ियों ने हाल ही में जापान में हुए पैरा एशियन गेम्स में भी देश के लिए पदक जीते हैं। खिलाड़ियों का तर्क है कि यदि राजस्थान वन विभाग (Rajasthan Forest Department) में एसीएफ (सहायक वन संरक्षक) के पद पर उनकी सेवा स्थायी नहीं की जा सकती, तो उन्हें एसडीएम या आरएएस जैसी प्रशासनिक सेवाओं में समायोजित किया जाए, क्योंकि वे इन पदों पर पूरी जिम्मेदारी से काम करने में सक्षम हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्यमंत्री आवास पर विशेष योग्यजनों से संवाद का कार्यक्रम आयोजित होने वाला है।
राजस्थान के इन दिग्गजों ने उठाई है आवाज
- अवनी लेखरा (जयपुर): भारत की सबसे सफल पैरा-निशानेबाजों में से एक अवनी ने 2020 टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण व कांस्य और 2024 पेरिस पैरालंपिक में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता है। उन्हें खेल रत्न (2021) और पद्म श्री (2022) से नवाजा जा चुका है।
- कृष्णा नागर (जयपुर): पैरा-बैडमिंटन के शीर्ष खिलाड़ी कृष्णा ने 2020 टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक और 2024 पट्टाया विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता है। उन्हें 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया गया था।
- सुंदर सिंह गुर्जर (करौली): पैरा-एथलीट (भाला फेंक) सुंदर ने टोक्यो और पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीते हैं तथा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण विजेता रहे हैं। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड मिल चुका है।
- संदीप सिंह मान (हनुमानगढ़): प्रमुख पैरा-धावक और लंबी कूद के एथलीट संदीप एशियाई पैरा खेलों में तीन बार रजत और कांस्य पदक जीत चुके हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार (2016) और महाराणा प्रताप पुरस्कार मिल चुका है।
- निशा कंवर (सीकर): गंभीर शारीरिक स्थिति (सेरेब्रल पाल्सी) के बावजूद पैरा-शूटिंग में पहचान बनाने वाली निशा ने 2019 विश्व चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक और 2023-2025 में कई पदक देश के नाम किए हैं।
- दिव्यांश सिंह पंवार (जयपुर): (नोट: दिव्यांश एक नियमित/सक्षम श्रेणी के विश्व स्तरीय निशानेबाज हैं, जिन्होंने एशियाई खेल 2023 में स्वर्ण और विश्व रिकॉर्ड बनाया है)।
FAQs
- राजस्थान के कौन से पैरालंपिक खिलाड़ियों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है?
सुंदर गुर्जर, कृष्णा नागर, संदीप मान, निशा कंवर और अवनी लेखरा ने सरकार को 10 दिनों के भीतर उनकी सेवा को स्थायी न करने पर पद्मश्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन अवॉर्ड और सभी अन्य पदक वापस लौटाने की चेतावनी दी है। - राजस्थान के पैरालंपिक खिलाड़ियों की सरकार से क्या मांग है?
पैरालंपिक खिलाड़ियों की मांग है कि उनकी सेवाएं स्थायी की जाएं या उन्हें आरएएस (RAS) जैसी प्रशासनिक सेवाओं में समायोजित किया जाए। - राजस्थान के पैरालंपिक खिलाड़ियों ने क्यों धरने पर बैठने की चेतावनी दी है?
इन खिलाड़ियों ने धरने पर बैठने की चेतावनी दी है क्योंकि वे पिछले तीन साल से मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय मांग रहे हैं, लेकिन उनकी गुहार अनसुनी की जा रही है।