झुंझुनूं में ACB की बड़ी कार्रवाई, 8.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते VDO गिरफ्तार
News In Short
- एसीबी झुंझुनूं ने VDO राजकुमार राव को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
- आरोपी ने आवासीय भूखंड का व्यावसायिक कन्वर्जन और एनओसी (NOC) के लिए 8.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
- परिवादी राजेंद्र सैनी ने मेडिकल स्टोर के लिए शिकायत दर्ज कराई थी।
- कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से पूरी रिश्वत राशि बरामद हुई।
- आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच जारी है।
News In Detail
एसीबी (ACB) ने झुंझुनूं में ग्राम पंचायत बेरला के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार राव को 8 लाख 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई ने पंचायत स्तर पर हड़कंप मचा दिया।
क्यों मांग रहा था रिश्वत
आरोपी अधिकारी ने परिवादी राजेंद्र सैनी से उसके आवासीय भूखंड का व्यावसायिक उपयोग और एनओसी (NOC) जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की। प्रारंभ में वह 10 लाख रुपए की मांग कर रहा था, लेकिन एसीबी (ACB) के सत्यापन में 8.5 लाख रुपए रिश्वत की पुष्टि हुई।
एसीबी टीम ने पकड़ा रंगे हाथ
एसीबी झुंझुनूं ने सोमवार शाम ट्रैप कार्रवाई की। आरोपी को सूरजगढ़ स्थित दीपक मेडिकोज पर बुलाया गया। रिश्वत लेते समय उसे दबोच लिया गया। इस दौरान आरोपी के कब्जे से 8 लाख 50 हजार रुपए बरामद हुए।
आरोपी की संपत्ति की जांच
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार पूनियां ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी गई है। आरोपी की आय से अधिक संपत्ति समेत अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
एसीबी कार्रवाई में शामिल टीम
एएसआई सुरेंद्र पुनिया (ASI Surendra Punia)
रोहिताश सिंह (Rohitash Singh)
त्रिलोक सिंह (Trilok Singh)
हेड कांस्टेबल कर्ण सिंह (Head Constable Karn Singh)
कुमार सानू ईशाक (Kumar Sanu Ishaq)
विक्रम सिंह (Vikram Singh)
राकेश गुर्जर (Rakesh Gurjar)
प्रमोद पुनियां (Pramod Poonia)
FAQs
एसीबी (ACB) झुंझुनूं ने राजकुमार राव (Rajkumar Rao) को क्यों गिरफ्तार किया?
एसीबी ने राजकुमार राव को 8 लाख 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने आवासीय भूखंड के व्यावसायिक कन्वर्जन और एनओसी (NOC) के बदले रिश्वत की मांग की थी।
रिश्वत का पूरा मामला क्या था?
परिवादी राजेंद्र सैनी के आवासीय भूखंड पर मेडिकल स्टोर (Medical Store) संचालन के दौरान आरोपी अधिकारी ने एनओसी (NOC) और कन्वर्जन के लिए 10 लाख रुपए रिश्वत मांगी। एसीबी (ACB) ने जांच कर 8.5 लाख रुपए की रिश्वत की पुष्टि की।
आगे की कार्रवाई क्या होगी?
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही आरोपी की आय से अधिक संपत्ति और अन्य वित्तीय पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
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