वसूली मामले में जेल डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड, IAS और RPS पर भी एक्शन
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर महिला जेल डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड, कैदियों से वसूली का आरोप।
- CM भजनलाल शर्मा ने एक्शन मॉड में, एक IAS और दो RPS पर भी कार्रवाई।
- साइबर क्राइम ACP की चार्जशीट, हत्या मामले में दोषियों को बचाने का प्रयास।
- बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई न करने वाले RPS लाभुराम बिश्नोई पर गाज।
- दहेज उत्पीड़न मामले में डॉक्टर भी बर्खास्त, एक IAS के पर भी एक्शन।
राजस्थान केमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के ठीक अगले दिन मंगलवार को कई सरकारी अफसरों के खिलाफ एक साथ बड़ी कार्रवाई को मंजूरी दी।
जयपुर महिला बंदी सुधार गृह की डिप्टी सुपरिटेंडेंट सरोज विश्नोई को कैदियों से वसूली और नियम विरुद्ध सुविधाएं देने के आरोप में सस्पेंड किया गया। जोधपुर के साइबर क्राइम ACP (Assistant Commissioner of Police) देरावर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दिए जाने की मंजूरी दी गई।
RPS (Rajasthan Police Service) लाभुराम विश्नोई के खिलाफ विभागीय जांच रिपोर्ट स्वीकृत की गई। एक IAS अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक मेडिकल ऑफिसर को बर्खास्त करने की भी मंजूरी दी गई।
जेल में कैदी बनी दफ्तर की कर्मचारी
जयपुर महिला बंदी सुधार गृह की डिप्टी सुपरिटेंडेंट सरोज विश्नोई के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली थीं। आरोप है कि वे एक महिला कैदी को अपने साथ रखती थीं। यह कैदी दफ्तर के कामों में कर्मचारियों की तरह हस्तक्षेप करती थी।
इसके अलावा सरोज विश्नोई पर पैसे लेकर बंदियों को नियम विरुद्ध सुविधाएं उपलब्ध कराने के आरोप भी थे। शिकायतों की पुष्टि होने पर सरोज विश्नोई को सस्पेंड कर जयपुर से भरतपुर स्थानांतरित किया गया है।
साइबर ACP ने 7 हत्यारों को बचाने की कोशिश की
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम ACP देरावर सिंह के खिलाफ 16 CCA (Civil Conduct and Appeal Rules) की चार्जशीट देने की मंजूरी दी गई है।
मामला यह है कि देरावर सिंह जब डीग के कामां थाने में इंस्पेक्टर थे, उस दौरान एक हत्या के मामले में 8 आरोपियों में से केवल 1 को दोषी माना गया। बाकी 7 आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई। इस मामले की शिकायत हुई और जांच में देरावर सिंह की भूमिका सामने आई।
बजरी माफियाओं पर नहीं की कार्रवाई
RPS लाभुराम विश्नोई के खिलाफ विभागीय जांच रिपोर्ट के आरोप प्रमाणित मानते हुए CM ने मंजूरी दे दी। इन पर आरोप है कि सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में बनास नदी में बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
इन्होने अवैध खनन और अवैध बजरी परिवहन पर प्रभावी कदम नहीं उठाए। इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ी। खुद और पुलिस बल की जान को खतरे में डाला। संबंधित विभागों के साथ कोई समन्वय भी नहीं किया।
सरकारी जमीन का मनमाना आवंटन
CM ने एक IAS अधिकारी के खिलाफ ऑल इंडिया सर्विस रूल्स के नियम 8 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी दी है। आरोप है कि इस IAS ने बेशकीमती सरकारी जमीन को नीलामी के जरिए आवंटित करने की जगह मनमाने ढंग से किसी को दे दिया। IAS का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
डॉक्टर बर्खास्त
दहेज उत्पीड़न के मामले में CM ने एक मेडिकल ऑफिसर को नौकरी से बर्खास्त करने की मंजूरी दे दी। इसके अलावा DSP पर मुकदमा चलाने, भीलवाड़ा के सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी राकेश खोईवाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और दो अफसरों के सालाना इंक्रीमेंट रोकने का भी फैसला लिया गया।
एक रिटायर्ड पशु चिकित्सा अधिकारी की 20 फीसदी पेंशन हमेशा के लिए काटने का निर्णय किया गया।
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