एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तेजस में भरी करियर की अंतिम उड़ान, आसमान में गरजे भारतीय और विदेशी लड़ाकू विमान
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्वदेशी तेजस में अपनी आखिरी फाइटर उड़ान भरी। एयर चीफ मार्शल की इस उड़ान के साथ ही जोधपुर एयरबेस पर आयोजित हुई हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 का भी समापन हो गया। सिंह के साथ सुखोई-30, राफेल, UAE का फाइटर विमान F-16 और मिराज-200, मिग-29 विमानों ने एक साथ उड़ान भरी।
वायुसेना ने साझा किया संदेश
भारतीय वायुसेना ने इस मौके पर सोशल मीडिया पर संदेश साझा किया। वायुसेना के मुताबिक, यह उड़ान उनके उड़ान के जुनून को दिखाती है। यह देश की सेवा के प्रति उनके समर्पण की भी झलक है। वायुसेना ने यह भी कहा कि यह उनके जीवन का एक नया मोड़ है। लेकिन राष्ट्रसेवा का मिशन जारी रहेगा।
आसमान में साथ उड़े मित्र देशों के विमान
एपी सिंह की उड़ान के दौरान आसमान अकेला नहीं था। मित्र देशों के लड़ाकू विमान भी साथ उड़े। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने भी उड़ान भरी। विमानों ने अलग-अलग फॉर्मेशन बनाए। इनके जरिए उड़ान क्षमता और आपसी तालमेल का प्रदर्शन हुआ। फॉर्मेशन यानी विमानों का तय पैटर्न में एक साथ उड़ना।
आखिरी उड़ान के लिए तेजस ही क्यों?
तेजस भारत में विकसित हल्का लड़ाकू विमान है। इसे देश की स्वदेशी रक्षा तकनीक का अहम हिस्सा माना जाता है। वायुसेना प्रमुख की आखिरी उड़ान के लिए इसी विमान को चुना गया।
12 अक्टूबर को खत्म हुआ तरंग शक्ति 2026
भारतीय वायुसेना ने इस अभ्यास की मेजबानी की। तरंग शक्ति 2026 जोधपुर एयर स्टेशन पर 26 सितंबर को शुरू हुआ था। इसका समापन 12 अक्टूबर को हुआ है। यानी करीब ढाई हफ्ते तक अभ्यास चला।
किन देशों की वायुसेनाएं हुईं शामिल?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास में सात देशों की वायुसेनाएं शामिल हुईं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस और जर्मनी थे। श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका भी इसमें शामिल रहे। इसके अलावा 32 देशों के प्रतिनिधि पर्यवेक्षक बनकर आए। पर्यवेक्षक यानी अभ्यास को करीब से देखने और समझने वाले प्रतिनिधि।
साझा मिशन, साझा अनुभव
अभ्यास में अलग-अलग वायुसेनाओं ने साथ काम किया। उन्होंने मिलकर मिशन की योजना बनाई। परिचालन अनुभव भी आपस में साझा किए गए।
क्या था अभ्यास का मकसद?
तरंग शक्ति 2026 (Tarang Shakti 2026) का मकसद मित्र देशों की वायुसेनाओं में तालमेल बढ़ाना था। संयुक्त हवाई अभियानों की क्षमता मजबूत करना भी इसका लक्ष्य था। आधुनिक हवाई युद्ध में देशों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी माना जाता है। ऐसे अभ्यास से विमान, तकनीक और रणनीति के अनुभव साझा होते हैं।
31 अक्टूबर को रिटायर होंगे एपी सिंह
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। केंद्र सरकार ने अगले वायुसेना प्रमुख की नियुक्ति कर दी है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित नए प्रमुख होंगे। वे इसी तारीख को पदभार संभालेंगे।
स्वदेशी तकनीक पर बढ़ता भरोसा
भारत अभी स्वदेशी रक्षा तकनीक पर खास जोर दे रहा है। यह उड़ान इसी दौर में हुई है। तेजस लड़ाकू विमान इसी कोशिश का बड़ा उदाहरण है। तरंग शक्ति जैसे अभ्यास भारत को बड़ा मंच देते हैं। यहां मित्र देशों के साथ परिचालन अनुभव साझा होता है।
जोधपुर में अभ्यास का समापन यादगार रहा। वायुसेना प्रमुख की आखिरी फाइटर उड़ान भी खास रही। तेजस की इस उड़ान ने एपी सिंह के करियर का एक अध्याय यादगार बना दिया।
FAQs
- एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की आखिरी उड़ान कब हुई?
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की आखिरी फाइटर उड़ान 12 अक्टूबर 2026 को हुई। - तरंग शक्ति-2026 का उद्देश्य क्या था?
तरंग शक्ति-2026 का उद्देश्य मित्र देशों की वायुसेनाओं में तालमेल बढ़ाना और संयुक्त हवाई अभियानों की क्षमता को मजबूत करना था। - तेजस विमान के बारे में क्या खास है?
तेजस भारत में विकसित हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे स्वदेशी रक्षा तकनीक का अहम हिस्सा माना जाता है और इसे एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की आखिरी उड़ान के लिए चुना गया।