अजमेर में IT अफसर बनकर कारोबारी के घर पहुंचे बदमाश, 13 मिनट में 2 करोड़ के जेवर लेकर फरार

Ashish Bhardwaj | Oct 09, 2026, 21:40 IST
अजमेर में दिनदहाड़े 2 करोड़ की लूट
अजमेर के नसीराबाद में पांच बदमाश इनकम टैक्स अधिकारी बनकर कारोबारी के घर में घुसे और करीब दो करोड़ रुपए के जेवर ले गए। बदमाशों ने 13 मिनट तक तलाशी लेने का नाटक किया। कारोबारी के बेटे ने जब सामान की रसीद मांगी तो आरोपी स्कॉर्पियो से भाग निकले।घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। पुलिस ने नाकाबंदी कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

राजस्थान के अजमेर में बदमाशों ने इनकम टैक्स अधिकारी बनकर एक कारोबारी के घर से करीब दो करोड़ रुपए के सोने के जेवर लूट लिए। बदमाश काले रंग की स्कॉर्पियो में आए थे। इनमें से पांच लोग घर के अंदर घुसे और खुद को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताया। इसके बाद जांच के नाम पर कमरों की तलाशी लेने लगे। घर में मौजूद लोगों को लगा कि सच में इनकम टैक्स विभाग की टीम आई है। इसी का फायदा उठाकर बदमाश अलमारी के लॉकर से जेवर निकालकर ले गए। पूरी वारदात महज 13 मिनट में हुई। बदमाशों के आने और भागने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।



सुबह 11:30 बजे कारोबारी के घर पहुंची स्कॉर्पियो

घटना शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे की है। मामला अजमेर जिले के नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र में दिलवाड़ा बाइपास स्थित महेश विहार कॉलोनी का है। यहां ट्रांसपोर्ट और मोटर पार्ट्स कारोबारी अनिल माहेश्वरी अपने परिवार के साथ रहते हैं। घटना के समय अनिल माहेश्वरी, उनके भाई और पिता ऑफिस गए हुए थे। घर पर परिवार की महिलाएं, अनिल का बेटा कार्तिक और घर में काम करने वाली महिला मौजूद थीं। इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो घर के बाहर आकर रुकी। गाड़ी पर टैक्सी की नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, स्कॉर्पियो में सात लोग आए थे। इनमें से पांच लोग उतरकर सीधे घर के अंदर चले गए।



खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया, फिर शुरू की तलाशी

घर में घुसते ही पांचों लोगों ने खुद को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताया। उन्होंने परिवार के लोगों से कहा कि वे जांच करने आए हैं। इसके बाद बिना समय गंवाए कमरों की तलाशी शुरू कर दी। घर में मौजूद लोगों को पहले समझ ही नहीं आया कि आखिर मामला क्या है। बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने सफेद कपड़े पहन रखे थे। एक-दो लोगों के हाथ में फाइलें और कुछ कागजात भी थे। एक व्यक्ति ने सफेद दस्ताने पहन रखे थे। उनके पहनावे और बातचीत के तरीके से परिवार के लोगों को लगा कि वे सरकारी अधिकारी हैं।इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने घर की अलमारियां खंगालनी शुरू कर दीं।



लॉकर से निकाले सोने के जेवर, तीन मोबाइल भी ले गए

पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान बदमाश एक कमरे में रखी अलमारी तक पहुंचे। उन्होंने लॉकर से सोने के जेवर निकाल लिए। बदमाश चार जोड़ी सोने की चूड़ियां, एक जोड़ी सोने के पाटले और एक सोने का हार ले गए। इसके अलावा घर से तीन मोबाइल फोन भी उठा लिए। परिवार के मुताबिक, ले जाए गए जेवरों की कीमत करीब दो करोड़ रुपए है। हालांकि, जेवरों की सही कीमत पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगी। बदमाशों ने पूरी वारदात इतनी तेजी से की कि घर में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।



बेटे ने मांगी जब्ती की रसीद तो भागने लगे बदमाश

जेवर लेकर जब आरोपी घर से बाहर निकलने लगे तो कारोबारी के बेटे कार्तिक को शक हुआ। कार्तिक उनके पीछे-पीछे घर से बाहर आया और स्कॉर्पियो तक पहुंच गया। उसने आरोपियों से पूछा कि अगर वे इनकम टैक्स विभाग से हैं तो घर से ले जा रहे सामान की रसीद दें। दरअसल, सरकारी जांच के दौरान जब कोई सामान जब्त किया जाता है तो उसकी कानूनी प्रक्रिया होती है। कार्तिक इसी बात को लेकर आरोपियों से सवाल कर रहा था। लेकिन बदमाशों ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। कार्तिक ने गाड़ी के अंदर जाने की भी कोशिश की। इसी दौरान आरोपियों ने स्कॉर्पियो का दरवाजा बंद कर दिया और गाड़ी तेजी से आगे बढ़ा दी। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।




सिर्फ 13 मिनट में पूरी वारदात को दिया अंजाम

इस घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बदमाशों ने पूरी वारदात महज 13 मिनट में कर दी। वे स्कॉर्पियो से आए, खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया और घर में घुस गए। इसके बाद तलाशी के बहाने लॉकर से जेवर निकाले और वापस गाड़ी में बैठकर भाग निकले। बदमाशों की इस हरकत से साफ है कि उन्होंने घर में मौजूद लोगों को भरोसे में लेने के लिए सरकारी अधिकारियों जैसा पहनावा अपनाया था। हालांकि, वारदात से पहले बदमाशों ने घर की रेकी की थी या नहीं, इसकी जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगी।




CCTV में कैद हुए आरोपी, पुलिस ने कराई नाकाबंदी

वारदात की जानकारी मिलते ही नसीराबाद सदर थाना प्रभारी राधेश्याम चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिवार के लोगों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। फुटेज में बदमाश स्कॉर्पियो से उतरकर कारोबारी के घर की तरफ जाते दिखाई दिए। पुलिस ने गाड़ी और आरोपियों की पहचान के लिए फुटेज की जांच शुरू की। वारदात के तुरंत बाद आसपास के इलाकों में नाकाबंदी भी कराई गई, ताकि आरोपी जिले से बाहर नहीं निकल सकें। पुलिस ने इस दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की वारदात में क्या भूमिका थी, यह अभी साफ नहीं हुआ है।




पुलिस जांच में सामने आएंगे कई सवाल

इस घटना के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। बदमाशों को कैसे पता चला कि कारोबारी और उनके परिवार के दूसरे पुरुष सदस्य उस समय घर पर नहीं होंगे? उन्हें घर में रखे जेवरों की जानकारी पहले से थी या तलाशी के दौरान पता चला? पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में शामिल सातों लोग कहां से आए थे और भागने के बाद किस रास्ते पर गए। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज और स्कॉर्पियो से जुड़े सुराग खंगाले जा रहे हैं।



फिलहाल पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि वारदात में कौन-कौन शामिल था और लूटे गए जेवर कहां ले जाए गए।



दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सरकारी अधिकारी बनकर घर में घुसने वाले बदमाशों के खतरे को भी सामने ला दिया है।

Tags:
  • cctv
  • अजमेर
  • नसीराबाद
  • राजस्थान
  • टैक्स अधिकारी