अजमेर: IAS अफसर से 3 लाख की ठगी, टोकन मनी लेकर युवक गायब, तीन के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट

Jageshwar prasad | Oct 01, 2026, 15:55 IST
IAS अफसर से 3 लाख की ठगी
अजमेर में एक आईएएस अधिकारी टीकमचंद बोहरा के साथ ठगी का मामला सामने आया है। विक्रम ओझा, सुनील प्रजापत और आशीष बाहेती ने कार डिलीवरी के नाम पर 3 लाख रुपए की ठगी की। आरोपी ने टोकन राशि लेकर कार नहीं दी, जिससे अधिकारी को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सीआई रामेश्वरी देवी को सौंपी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अजमेर में IAS अफसर से 3 लाख की ठगी।
  • कार डिलीवरी के नाम पर ली टोकन राशि।
  • राशि लेकर युवक हुआ गायब।
  • तीन के खिलाफ मामला दर्ज।
  • कोतवाली थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट।

अजमेर में एक आईएएस (IAS – Indian Administrative Service) अधिकारी के साथ ठगी का मामला सामने आया है। कार डिलीवरी के नाम पर उनसे लाखों रुपए हड़प लिए गए। पीड़ित अधिकारी टीकमचंद बोहरा वर्तमान में राजस्व मंडल में सदस्य पद पर पोस्टेड हैं।



आफिसर्स केंपस मेन, सिरसा रोड जयपुर निवासी बोहरा ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने विक्रम ओझा, सुनील प्रजापत और जोधपुर निवासी आशीष बाहेती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।



क्या है पूरा मामला?



एएसआई (ASI – Assistant Sub Inspector) हरिनारायण ने जानकारी दी। टोयोटा कंपनी की हाईब्रिड कार देने के नाम पर जोधपुर निवासी युवक ने 3 लाख रुपए की टोकन राशि ली। लेकिन राशि देने के बाद युवक ने कार उपलब्ध नहीं कराई।



काफी समय बीतने के बाद भी कार नहीं मिलने पर परिवादी को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।



किसे सौंपी गई जांच?



पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सीआई (CI – Circle Inspector) रामेश्वरी देवी को सौंपी है। वे मामले की गहन जांच कर रही हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।



पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने और किसी से भी इसी तरह की ठगी की है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि टोकन राशि किस खाते में जमा हुई थी।



क्यों अहम है यह मामला



यह मामला एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ हुई ठगी का है। इससे आम लोगों में भी सतर्कता की जरूरत का पता चलता है। कार खरीदते समय लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।



किसी भी डीलर या एजेंट को पैसे देने से पहले उसकी पुष्टि करनी चाहिए। साथ ही भुगतान का रिकॉर्ड रखना चाहिए। ऐसी ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है।



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