अजमेर में रेलवे अधिकारी का अपहरण, 51 लाख फिरौती मांगी; पत्नी का भाई निकला मास्टरमाइंड
समझें क्या है पूरा मामला
- अजमेर में रेलवे अधिकारी का अपहरण कर 51 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
- अधिकारी को रेलवे भर्ती बोर्ड कार्यालय के बाहर से अगवा किया गया था।
- पुलिस ने अधिकारी को कुछ दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया था।
- जांच में अधिकारी का साला ही अपहरण की साजिश का मास्टरमाइंड निकला।
- पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया।
अजमेर में रेलवे अधिकारी के अपहरण और 51 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि रेलवे अधिकारी के अपहरण की साजिश उसके ही साले ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है।
रेलवे भर्ती बोर्ड कार्यालय के बाहर से किया था अपहरण
पुलिस के अनुसार रेलवे भर्ती बोर्ड के मुख्य कार्यालय में अधीक्षक के पद पर कार्यरत रवि कुमार मीणा का 21 अगस्त को अपहरण किया गया था। आरोपियों ने उन्हें कार्यालय के बाहर से अपने कब्जे में लिया और इसके बाद बंधक बनाकर परिवार से 51 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
रवि की मां की शिकायत के बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज खंगाले और आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग स्तर पर जांच की।
24 अगस्त को सकुशल बरामद हुए थे अधिकारी
अपहरण के बाद पुलिस ने रवि कुमार मीणा की तलाश शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। इसके बाद 24 अगस्त को उन्हें जयपुर के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई में बांदीकुई, दौसा सदर और टहला थाना पुलिस की भी मदद ली गई थी।
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने पहले सीताराम और नत्थूलाल नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
पत्नी का भाई निकला साजिश का मुख्य आरोपी
जांच में पुलिस को पता चला कि मामले का मुख्य आरोपी महेंद्र मीणा है, जो रवि कुमार मीणा की पत्नी का भाई यानी उनका साला है। पुलिस के मुताबिक महेंद्र ने अपने साथियों अनिल और शंकरलाल के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई थी।
पुलिस का कहना है कि महेंद्र की बहन की शादी वर्ष 2018 में रवि कुमार मीणा से हुई थी। शादी के बाद दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद और मनमुटाव चल रहा था। इस विवाद को खत्म करने के लिए सामाजिक स्तर पर कई बार बैठकें भी हुईं, लेकिन मामला पूरी तरह सुलझ नहीं सका। पुलिस के अनुसार इसी पारिवारिक विवाद के चलते अपहरण की साजिश रची गई।
एक महीने से आरोपियों की तलाश में जुटी थी पुलिस
रवि की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। करीब एक महीने तक तलाश के बाद पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके आधार पर 2 अक्टूबर को दौसा से महेंद्र मीणा, अनिल और शंकरलाल को गिरफ्तार किया गया।
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने अनिल को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया, जबकि महेंद्र मीणा और शंकरलाल को 6 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अपहरण की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस जुटा रही है पूरी जानकारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अपहरण की योजना कैसे बनाई गई, इसमें कितने लोग शामिल थे और 51 लाख रुपये की फिरौती की रकम मांगने के पीछे आरोपियों की पूरी योजना क्या थी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना है।