अजमेर में रिटायर्ड अधिकारी से 26.75 लाख की ठगी, मकान सौदे के नाम पर रकम लेने का आरोप

Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 05, 2026, 15:08 IST
26.75 लाख लेकर नहीं लौटाए
अजमेर में एक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी से 26.75 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया। आरोपी ने मकान की रजिस्ट्री कराने का आश्वासन देकर पैसा लिया और लौटाया नहीं। पीड़िता ने कई बार रकम वापस मांगी, लेकिन हर बार आरोपी टाल-मटोल करता रहा। अंततः पीड़िता ने कृष्णगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।

अजमेर में एक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी से मकान के सौदे के नाम पर 26.75 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने एक होटल संचालक पर मकान की रजिस्ट्री कराने का भरोसा देकर अलग-अलग माध्यमों से रकम लेने और बाद में पैसे वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले में कृष्णगंज थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



मकान बेचने में मदद का दिया भरोसा

पुलिस के अनुसार, पीड़िता सरला भट्ट का पुरानी मंडी क्षेत्र में पुश्तैनी मकान है। मकान को लेकर विवाद चल रहा था और परिवार इसे बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना चाहता था।



इसी दौरान पीड़िता के परिचित के बेटे हेमंत भाटी ने मकान का सौदा कराने में मदद करने की बात कही। आरोप है कि हेमंत ने शुरुआत में 5 लाख रुपए देने की मांग की और बाद में मकान का एग्रीमेंट कराने की बात कही। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने इस दौरान उनके आधार कार्ड की प्रतियां भी लीं और करीब 2-3 महीने तक मकान के नीचे बने कमरे में रहा।




चेक और RTGS से दिए लाखों रुपए

पीड़िता के अनुसार, मकान के सौदे को लेकर परिवार ने आरोपी को अलग-अलग समय पर चेक के जरिए भुगतान किया। इसके अलावा 21 लाख रुपए RTGS के माध्यम से भी ट्रांसफर किए गए।



रिकॉर्ड के मुताबिक, 10 दिसंबर 2021 को 50 हजार रुपए और 7 मई 2022 को 25 हजार रुपए का भुगतान चेक से किया गया। इस तरह अलग-अलग भुगतानों के जरिए आरोपी को कुल 26.75 लाख रुपए दिए जाने का आरोप है। पीड़िता का कहना है कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद मकान की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।



रजिस्ट्री के नाम पर लगातार टालता रहा

आरोप है कि जब पीड़िता और उनके परिवार ने मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए कहा तो आरोपी अलग-अलग वजह बताकर मामले को टालता रहा। कभी दस्तावेज तैयार होने की बात कही गई तो कभी लोन स्वीकृत होने का हवाला दिया गया। पीड़िता के मुताबिक, साल 2023 से आरोपी लगातार रकम वापस करने का आश्वासन देता रहा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद परिवार ने कई बार अपनी रकम वापस मांगने की कोशिश की।




मैसेज के बाद भी नहीं लौटाई रकम

पीड़िता के भाई ने 21 जुलाई 2026 को आरोपी को मैसेज कर भुगतान की अंतिम तारीख बताने को कहा। इसके बाद 1 अगस्त को भी वॉट्सऐप के जरिए 26.75 लाख रुपए वापस करने की मांग की गई। पीड़िता का आरोप है कि इन संदेशों के बावजूद आरोपी ने रकम वापस नहीं की। आखिरकार उन्होंने कृष्णगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।




पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, चेक, RTGS भुगतान और मकान के सौदे से संबंधित कागजात की जांच कर रही है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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