अजमेर में गोपाल खंडेलवाल टी स्टॉल: 42 साल में 20 प्रकार की चाय और 10 प्रकार की कॉफी

Jyoti Mahender Bhardwaj | Sept 26, 2026, 15:38 IST
42 साल पुरानी चाय
अजमेर में गोपाल खंडेलवाल टी स्टॉल पिछले चार दशकों से चाय और कॉफी के दीवानों के बीच प्रसिद्ध है। यहां 20 तरह की चाय और 10 प्रकार की कॉफी तैयार की जाती हैं। हर रोज लगभग 250 से 300 लोग यहाँ आकर चाय का आनंद लेते हैं, जबकि उर्स के समय यह संख्या 500 तक पहुँच जाती है।

अजमेर। अजमेर में चाय सिर्फ सुबह की शुरुआत या दोस्तों के साथ बैठने का बहाना नहीं है, बल्कि यहां आने वाले लोगों के लिए यह शहर की खास पहचान का हिस्सा भी बन चुकी है। मदार गेट से कवंडसपुरा की तरफ जाने पर एक ऐसी चाय की दुकान मिलती है, जो पिछले 42 साल से लोगों को अलग-अलग स्वाद की चाय पिला रही है।



‘गोपाल खंडेलवाल टी स्टॉल’ पर आपको सामान्य चाय के साथ ईरानी, अमेरिकन, गुजराती, काठियावाड़ी, मद्रासी, कश्मीरी और राजस्थानी जैसी करीब 20 तरह की चाय मिलती हैं। इतना ही नहीं, यहां कॉफी की भी करीब 10 वैरायटी तैयार की जाती हैं।



बोर्ड देखकर चुनते हैं अपनी पसंद की चाय

दुकान की सबसे खास बात यहां लगे अलग-अलग बोर्ड हैं। इन पर अलग-अलग राज्यों और देशों की चाय के नाम लिखे हुए हैं। ग्राहक अपनी पसंद की चाय बताता है और कुछ ही मिनट में उसकी पसंद के मुताबिक चाय तैयार कर दी जाती है।



यहां ईरानी चाय, अमेरिकन स्पेशल टी, कश्मीरी काहवा, गुजराती चाय, काठियावाड़ी चाय, मद्रासी चाय, राजस्थानी मसाला चाय, साउथ इंडियन टी, केसरिया, बंगाली, मराठी और सिंधी स्टाइल की चाय मिलती है।



चाय का स्वाद सिर्फ नाम बदलने से नहीं आता। इसे तैयार करने के लिए अलग-अलग चाय की पत्तियां, मसाले और बनाने का तरीका भी बदला जाता है।



42 साल पहले शुरू हुई थी दुकान

दुकान पर पिछले करीब 28 साल से चाय बना रहे ओम प्रकाश बताते हैं कि यह दुकान गोपाल खंडेलवाल के पिता ने करीब 42 साल पहले शुरू की थी। शुरुआत में यह एक सामान्य चाय की थड़ी थी, लेकिन धीरे-धीरे अलग-अलग तरह की चाय बनाने की पहचान बन गई।



अजमेर में देश-विदेश से आने वाले जायरीन और पुष्कर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बनी रहती है। यही वजह है कि दुकान पर अलग-अलग जगहों से आने वाले लोगों की पसंद को ध्यान में रखकर चाय की कई वैरायटी शुरू की गईं।



रोज 250 से 300 ग्राहक, उर्स में बढ़ जाती है मांग

ओम प्रकाश के मुताबिक दुकान पर रोज करीब 250 से 300 नियमित ग्राहक चाय पीने आते हैं। उर्स के दौरान बाहर से आने वाले जायरीन की संख्या बढ़ने पर चाय की खपत भी बढ़ जाती है और रोज करीब 500 कप चाय तक बिक जाती है।




कई जायरीन ऐसे भी हैं, जो पहली बार चाय पीने के बाद अगली सुबह फिर दुकान पर पहुंच जाते हैं। कुछ लोग तो दुकान खुलने का समय भी पूछकर जाते हैं।



30 साल से चाय पी रहे ग्राहक

मुख्य डाकघर में काम करने वाले अरविंद धौलखेड़िया बताते हैं कि वह करीब 30 साल से इस रास्ते से आते-जाते हैं और हर दो-तीन दिन में यहां चाय पीते हैं। उनके मुताबिक दुकान की खासियत अलग-अलग राज्यों के स्वाद वाली चाय और कॉफी है।



उनका कहना है कि उर्स के दौरान अजमेर आने वाले जायरीन के लिए भी यह दुकान आकर्षण का केंद्र बन जाती है।



किसी को काठियावाड़ी तो किसी को अमेरिकन चाय पसंद

चाय के शौकीन हरिराम बताते हैं कि वह कई साल से यहां चाय पी रहे हैं। उनकी पसंद काठियावाड़ी और राजस्थानी चाय है। वहीं अनूप शर्मा पिछले करीब 20 साल से इस दुकान पर आते हैं और उनकी पसंद अमेरिकन चाय है।




अनूप के मुताबिक अजमेर में अलग-अलग राज्यों से लोग आते हैं और यहां उन्हें अपनी पसंद का स्वाद आसानी से मिल जाता है।



चाय के साथ 10 तरह की कॉफी भी

दुकान पर सिर्फ चाय ही नहीं, बल्कि करीब 10 तरह की हॉट और कोल्ड कॉफी भी तैयार की जाती है। इस वजह से यहां चाय नहीं पीने वाले ग्राहक भी अपनी पसंद का पेय ले सकते हैं।



दुकान के मालिक गोपाल खंडेलवाल फिलहाल अपनी बेटी के पास अमेरिका गए हुए हैं। उनके रिश्तेदार नकुल खंडेलवाल दुकान संभालने से जुड़ी जानकारी देते हुए बताते हैं कि 42 साल पहले रखी गई नींव आज भी उसी स्वाद और सादगी के साथ आगे बढ़ रही है।




जायरीन के लिए भी खास बन गई दुकान

अजमेर आने वाले जायरीन के लिए दरगाह जाने से पहले या लौटते समय यह दुकान चाय की चुस्की लेने का एक जाना-पहचाना ठिकाना बन गई है। दुकान पर लगे अलग-अलग चाय के नाम बाहर से आने वाले लोगों का ध्यान खींचते हैं।




42 साल का सफर, 20 तरह की चाय और 10 तरह की कॉफी—गोपाल खंडेलवाल टी स्टॉल ने चाय को सिर्फ पेय नहीं रहने दिया, बल्कि अलग-अलग जगहों के स्वाद को एक ही जगह जोड़ने की अपनी पहचान बना ली है।



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