एएसआई को बंधक बना मारपीट, साइबर आरोपियों को पकड़ने गई थी पुलिस
News In Short
- राजस्थान में अलवर के सेमला खुर्द गांव में साइबर ठगी के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
- एएसआई रामनिवास को घर में बंधक बनाकर लाठियों से मारपीट की गई, जिससे उनके सिर में चोट आई।
- मौके पर पहुंची पुलिस को भी ग्रामीणों ने घर में घुसने से रोक दिया, इसी दौरान आरोपी फरार हो गए।
- पुलिस ने 9 नामजद सहित करीब 20-25 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और मारपीट का केस दर्ज किया है।
- घटना के बाद बढ़ते हुए अपराध को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
News In Detail
राजस्थान का मेवात इलाका एक बार फिर पुलिस और अपराधियों के बीच 'जंग का मैदान' बन गया है। साइबर ठगी के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला करने का मामला सामने आया है। घटना अलवर के गोविन्दगढ़ थाना क्षेत्र के सेमला खुर्द गांव की है। डीग जिले के नगर थाना की पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। लेकिन ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान एएसआई रामनिवास को घर के अंदर बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया।
एएसआई को बंधक बना मारपीट
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी तस्लीम और साबिर को पकड़ने के लिए टीम सिविल ड्रेस में गांव पहुंची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ भी लिया था। इसी दौरान आरोपियों के परिजनों और कुछ ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। भीड़ ने एएसआई रामनिवास को घर के अंदर बंद कर लाठियों से मारपीट की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई।
पुलिस टीम को घर में घुसने से रोका
हमले के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने नगर थाने को सूचना दी। अतिरिक्त पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों की भीड़ ने उन्हें घर के अंदर जाने से रोक दिया। इस स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी दीवार फांदकर खेतों के रास्ते फरार हो गए। बाद में पुलिस ने घायल एएसआई को किसी तरह बाहर निकाला।
9 नामजद सहित 25 लोगों पर मामला दर्ज
नगर पुलिस ने इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और आरोपियों को छुड़ाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तस्लीम, साबिर, इरशाद, मुस्ताक, अतर्वी, मजीद, मुबीना, शबनम और तंजीम सहित करीब 20 से 25 लोगों को आरोपी बनाया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
जानकारी के अनुसार करीब छह महीने पहले भी नगर पुलिस साइबर ठगी के आरोपी तस्लीम और साबिर को पकड़ने गांव आई थी। उस समय भी पुलिस के साथ मारपीट की घटना हुई थी।
इसके अलावा इससे पहले भी सेमला खुर्द गांव में एक थानाधिकारी को ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाने का मामला सामने आ चुका है। इसी कारण यह गांव पुलिस और ग्रामीणों के टकराव को लेकर चर्चा में रहा है।
पुलिस को मौके से मिला 45 किलो मीट
पुलिस के अनुसार आरोपियों के घर पर इफ्तार पार्टी की तैयारी चल रही थी। घर में काफी सामान बिखरा हुआ मिला। मौके से पुलिस ने करीब 45 किलो मीट बरामद किया है। शाम का समय होने के कारण उसकी सैंपलिंग नहीं हो सकी, इसलिए डॉक्टर की मौजूदगी में मीट को जब्त किया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह किस पशु का मांस है।
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिस की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। सेमला खुर्द पहले से संवेदनशील गांव माना जाता है। इसके बावजूद पुलिस टीम सिविल ड्रेस में गांव पहुंची, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है।
अधिकारियों का क्या कहना है
नगर पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की एडवांस टीम गांव गई थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया। समय पर अतिरिक्त पुलिस पहुंचने से एएसआई की जान बच सकी।
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