पुलिस ने लॉन्च किया साइबर संग्राम 3.0, अब जब्त होगी अपराधियों की संपत्ति

Ashish Bhardwaj | Jul 17, 2026, 20:25 IST
अलवर में साइबर अपराधियों
राजस्थान पुलिस ने अलवर में साइबर अपराधियों के खिलाफ "साइबर संग्राम 3.0" अभियान शुरू किया। अब गिरफ्तारी के साथ अपराधियों की संपत्ति भी जब्त होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान में साइबर अपराधियों के खिलाफ शुरू हुआ "साइबर संग्राम 3.0" अभियान।
  • ठगी से कमाई संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्क करने की तैयारी।
  • हर थाना क्षेत्र के टॉप-10 साइबर अपराधियों की बनेगी सूची।
  • राजस्थान पुलिस नाबालिगों और संदिग्ध लेन-देन पर भी रखेगी नजर।
  • साइबर ठगी की सूचना के लिए पुलिस ने व्हाट्सएप नंबर जारी किया।

सुनील जैन@अलवर



राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। शुक्रवार से जिले में "साइबर संग्राम 3.0" अभियान शुरू किया गया है।



इस अभियान के तहत साइबर ठगी करने वालों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति बनाई गई है। अब सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं होगी, बल्कि अपराध से कमाई गई संपत्तियों को भी चिन्हित कर कुर्क और जब्त किया जाएगा।



मेवात में बदला साइबर अपराध का नक्शा

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मेवात क्षेत्र में साइबर अपराध के तीन प्रमुख जिले रहे हैं। इनमें हरियाणा का नूंह, राजस्थान का अलवर और डीग शामिल हैं।



उन्होंने बताया कि लगातार पुलिस कार्रवाई के चलते अलवर और डीग में साइबर अपराधियों की गतिविधियां कम हुई हैं। अब सबसे बड़ा हॉटस्पॉट हरियाणा का नूंह क्षेत्र बन गया है, जहां पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।



टॉप-10 अपराधियों की बनेगी सूची

एसपी सुधीर चौधरी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि यह अभियान राज्य स्तर पर चल रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड की ही अगली कड़ी है। इसके तहत सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।



हर थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र के टॉप-10 साइबर अपराधियों की सूची तैयार करनी होगी। साथ ही उनकी चल-अचल संपत्तियों का पूरा ब्यौरा भी जुटाना होगा।



जिला प्रशासन का भी लिया जाएगा सहयोग

एसपी ने बताया कि इस अभियान में जिला प्रशासन भी शामिल होगा। जिला कलेक्टर से चर्चा कर सभी पटवारियों को साइबर अपराधियों की जमीन और संपत्ति की जानकारी जुटाने को कहा जाएगा।



अगर किसी साइबर अपराधी ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, तो प्रशासन के साथ मिलकर वहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।



कानूनी धाराओं के तहत होगी कुर्की

पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों की अवैध कमाई से बनी संपत्तियों पर बीएनएसएस (BNSS – Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) की धारा 107 के तहत कुर्की और जब्ती की कार्रवाई होगी। इसके अलावा अपराधियों के खिलाफ धारा 111 और 112 बीएनएसएस के तहत भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



नाबालिगों को बनाया जा रहा मोहरा

एसपी सुधीर चौधरी ने एक गंभीर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने बताया कि पुराने साइबर अपराधी अब नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल करने लगे हैं।



इन बच्चों को बैंक खाते और सिम कार्ड किराए पर दिलाए जा रहे हैं। धीरे-धीरे उन्हें पूरे साइबर अपराध नेटवर्क में शामिल कर लिया जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस अब नाबालिगों और उनके अभिभावकों से जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी जांच करेगी।



ई-मित्र और पीओएस एजेंट भी निगरानी में

अभियान के तहत ई-मित्र संचालकों और पीओएस (POS – Point of Sale) एजेंटों को भी निर्देश दिए जाएंगे। उन्हें किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी।



इसके साथ ही साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले बाहरी राज्यों के सिम कार्डों पर भी खास निगरानी रखी जाएगी। जिले के साइबर हॉटस्पॉट इलाकों को चिन्हित कर वहां विशेष कार्रवाई की जाएगी।



चलेगा जागरूकता अभियान भी

पुलिस साइबर अपराध के हॉटस्पॉट इलाकों में जागरूकता अभियान भी चलाएगी। युवाओं को साइबर अपराध के नुकसान और कानूनी कार्रवाई के बारे में बताया जाएगा।



इसका मकसद युवाओं को इस तरह के अपराधों से दूर रखना है। इसके अलावा प्रिंट मीडिया और पंपलेट के जरिए भी आम लोगों को जागरूक किया जाएगा।



गोपनीय सूचना के लिए जारी हुआ नंबर

पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़ी गोपनीय सूचना देने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। यह नंबर 8764502201 है।


पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



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