कलाकंद के डिब्बों में 500-500 के नोट मिलने का दावा, वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल
समझें क्या है पूरा मामला
- अलवर निकाय चुनाव में मतदान से पहले विवाद खड़ा हो गया।
- वार्ड 42 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
- वीडियो में मिठाई के डिब्बों में नोट होने का दावा।
- कांग्रेस प्रत्याशी ने पूरे मामले को बताया फर्जी।
राजस्थान में अलवर नगर निकाय चुनाव के बीच वार्ड नंबर 42 में एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो दिवाकरी इलाके का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ मिठाई के डिब्बे दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन डिब्बों में कलाकंद के साथ 500-500 रुपये के नोट रखे गए थे। यह भी दावा है कि डिब्बों पर कांग्रेस प्रत्याशी दुलीचंद बैरवा की फोटो वाला स्टीकर लगा था। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रात में गाड़ी को लेकर हंगामा
बताया जा रहा है कि मतदान से एक रात पहले करीब 1 बजे एक गाड़ी इलाके में घूम रही थी। कुछ लोगों को गाड़ी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद लोगों ने उसका पीछा किया। दावा है कि RJ 14 CM 6770 नंबर की कार एक जगह खड़ी मिली। लोगों का आरोप है कि कार में मौजूद लोग मिठाई के डिब्बे निकाल रहे थे। इसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।
कार छोड़कर भागने का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार भीड़ बढ़ने के बाद कार में मौजूद लोग वहां से चले गए। दावा किया गया कि गाड़ी और मिठाई के डिब्बे मौके पर ही रह गए। इसके बाद लोगों ने डिब्बों को खोलकर देखा। लोगों का कहना है कि उनमें मिठाई के साथ 500 रुपये के नोट मिले। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
घटना की जानकारी वैशाली नगर थाना पुलिस को दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस की ओर से कार और मिठाई के डिब्बे जब्त किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार किया है। पूरे मामले में अभी जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस प्रत्याशी ने बताया फर्जी
वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी दुलीचंद बैरवा ने सफाई दी है। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो को फर्जी बताया। बैरवा का कहना है कि इस तरह का वीडियो किसी के खिलाफ भी तैयार किया जा सकता है। उन्होंने वीडियो की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए हैं।
बसपा प्रत्याशी ने लगाए आरोप
दूसरी तरफ बसपा प्रत्याशी सुमित वर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट के बदले पैसे बांटने की कोशिश की गई।हालांकि यह आरोप भी फिलहाल दावे के स्तर पर हैं। मामले में किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
मतदान से ठीक पहले सामने आए इस मामले ने वार्ड 42 का चुनावी माहौल गरमा दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मिठाई के डिब्बे कहां से आए। इन डिब्बों में रुपये किसने रखे और स्टीकर कैसे लगा, इसकी जांच जरूरी है।वायरल वीडियो की सत्यता भी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। चुनाव के दौरान ऐसे मामलों में प्रशासन और चुनाव आयोग की भूमिका अहम हो जाती है।
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