राजस्थान निकाय चुनाव: कांग्रेस की बाड़ाबंदी में निर्दलीय प्रत्याशी की बिगड़ी तबीयत
समझें क्या है पूरा मामला
- कांग्रेस की बाड़ाबंदी में निर्दलीय प्रत्याशी की बिगड़ी तबीयत।
- कांग्रेस कैंप से निर्दलीय प्रत्याशी ने कहा- चुनाव लड़कर पछता रहा हूं।
- होटल में डॉक्टर नहीं बुलाया गया, परिवार को फोन किया: प्रत्याशी।
- बाड़ाबंदी से देर बाहर आए प्रत्याशी, बीजेपी बोली- हम मदद के लिए गए थे।
- पार्षद कैंप में वन विभाग का दल भेजने पर जूली ने साधा निशाना।
अलवर में कांग्रेस की बाड़ाबंदी से वार्ड 22 के निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा के रात ढाई बजे अलवर लौटने से सियासत गरमा गई है। कुलदीप का आरोप है कि होटल में तबीयत खराब होने के बाद उन्होंने चिकित्सक बुलाने के लिए कई बार कहा, लेकिन केवल आश्वासन मिलता रहा।
बाहर जाने की इजाजत नहीं मिलने पर उन्होंने परेशान होकर परिवार को फोन किया। इसके बाद पुलिस के साथ घरवाले होटल पहुंचे और उन्हें वापस अलवर लेकर आए।कुलदीप ने कहा कि वे चुनाव लड़कर पछता रहे हैं।
कुलदीप मीणा का आरोप
कुलदीप ने कहा कि वे अपनी मर्जी से कांग्रेस की होने वाले नगर पार्षदों की बाड़ाबंदीमें गए थे, लेकिन 21 सितंबर तक उनके साथ साथ ही रहना पड़ता। इस दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्होंने कांग्रेस नेताओं को जानकारी दी, लेकिन चिकित्सक नहीं आया।
उन्होंने कहा, 'मैंने कई बार कहा डॉक्टर को बुलाओ, वे केवल हामी भरते रहे।' कुलदीप ने बताया कि उनकी बेटी की तबीयत भी खराब है।
चुनाव लड़कर पछता रहा हूं
कुलदीप ने कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ा। कांग्रेस की बाड़ाबंदी से लौटने के बाद उनके बयान ने पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है।
उन्होंने कहा कि अब वह जनता से पूछेंगे और उसके बाद ही समर्थन की घोषणा करेंगे। कुलदीप ने कहा, चुनाव लड़कर पछता रहा हूं। लोग आरोप लगा रहे हैं कि पैसे ले लिए, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। मेरा 22 किलो वजन कम हो गया है।
भाजपा का पक्ष
भाजपा के पार्षद प्रत्याशी अजय पूनिया ने कहा कि कुलदीप मीणा का मेरे पास कॉल आया था। उसे कांग्रेसी आने नहीं दे रहे थे। उनके परिजन भी फोन आने के बाद चिंतित थे। बीमार होने के बाद वहां इलाज नहीं मिला, तो वह अलवर आना चाहता था।
हम उन्हें लेने गए थे। कांग्रेस के बेड़े में कई बाउंसर थे। हमने अपना पक्ष रखा कि यदि कुलदीप यहां रहना चाहते हैं, तो उन्हें रखा जाए, अन्यथा हमारे साथ जाने दिया जाए और कुलदीप की सहमति से ही वह हमारे साथ आया।
जूली का हमला
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अब तक चुनावों में भाजपा सरकार द्वारा पुलिस का इस्तेमाल तो खूब देखा था। अब कांग्रेस पार्षदों के कैंप में वन विभाग के प्रवर्तन दल को भेजा है।ऐसा न हो कि 21 तारीख आते-आते सभी विभागों के सरकारी कर्मचारियों को पार्षद इकट्ठा करने के काम में लगा दिया जाए।
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