पिता का अपमान सहन नहीं कर पाया जज बेटा, दिल्ली में सुसाइड, राजस्थान में अंतिम संस्कार
News In Short
- दिल्ली में सुसाइड करने वाले जज अमन कुमार शर्मा का अलवर में अंतिम संस्कार।
- अमन शर्मा ने शनिवार को दिल्ली में अपने घर पर सुसाइड कर लिया था।
- अमन के परिजनों के अनुसार वह अपने पिता का अपमान सह नहीं पाया था।
- परिजनों के अनुसार अमन ने मौत से ठीक पहले पिता को किया था आखिरी कॉल।
- अमन शर्मा 2021 में न्यायिक सेवा में आए थे। वह अभी कड़कड़डूमा कोर्ट में जज थे।
News In Detail
सुनील जैन@अलवर
न्याय की कुर्सी पर बैठकर दूसरों के विवाद सुलझाने वाले एक जज ने अपनों के बीच उपजे क्लेश और पिता के अपमान से आहत होकर मौत को गले लगा लिया। राजस्थान में अलवर के रहने वाले 30 साल के जज अमन शर्मा ने शनिवार को दिल्ली में अपने घर पर सुसाइड कर लिया था। वह दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में जज थे। रविवार सुबह अलवर के तीजकी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां पिता एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा ने अपने हाथों से बेटे को मुखाग्नि दी।
पिता से आखिरी बातचीत
परिजनों के अनुसार मौत से ठीक पहले अमन ने अपने पिता को फोन किया था। भावुक स्वर में उन्होंने कहा, पापा, यह मेरा आखिरी कॉल है। अब और जीना संभव नहीं है। यह सुनते ही पिता प्रेम प्रकाश शर्मा घबराकर रात में ही दिल्ली पहुंचे।
वे उस वक्त कमरे के बाहर ही मौजूद थे, जब अमन और उनकी पत्नी के बीच विवाद हो रहा था। पिता ने बताया कि कमरे के भीतर से चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। इसी मानसिक प्रताड़ना के बीच अमन ने बाथरूम में जाकर शॉल की मदद से फांसी लगा ली।
ससुराल पक्ष का हस्तक्षेप
अमन शर्मा के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सुनियोजित मानसिक उत्पीड़न का मामला बताया है। परिजनों का कहना है कि अमन अपनी पत्नी (स्वाति), जो स्वयं एक न्यायिक अधिकारी हैं, के व्यवहार और ससुराल पक्ष के हस्तक्षेप से परेशान थे।
आरोप है कि अमन की साली (जम्मू में तैनात एक आईएएस अधिकारी) उनकी पत्नी को लगातार भड़काती थी, जिससे घर में कलह बढ़ गई थी। घटना वाले दिन अमन के सामने ही उनकी पत्नी ने उनके पिता का अपमान किया। एक स्वाभिमानी बेटे के लिए अपने पिता की बेइज्जती असहनीय हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद इस कदर बढ़ चुका था कि कई बार मारपीट तक की नौबत आ जाती थी।
प्रेम विवाह का दुखद अंत
अमन के पिता ने बताया कि वे चाहते थे कि अमन उनके मित्र की बेटी से शादी करे, लेकिन अमन को अपनी बैचमेट से प्रेम हो गया था। बेटे की खुशी के लिए पिता ने अपनी इच्छा त्याग दी। पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया। अमन स्वभाव से बेहद शांत थे और उन्होंने कभी अपने वैवाहिक जीवन के तनाव को परिवार के सामने जाहिर नहीं होने दिया।
परिजनों की न्याय की गुहार
अमन की मौत के बाद उनकी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर घर से चली गई। अंतिम संस्कार के समय ससुराल पक्ष से कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। अमन के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, अगर न्याय देने वाले जज के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? यह सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि एक अपराध है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
अंतिम संस्कार में कई जज आए
अमन शर्मा 2021 में न्यायिक सेवा में आए थे। उनके अंतिम संस्कार में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान कैडर के कई वरिष्ठ जज और अधिवक्ता अलवर पहुंचे। अमन का छोटा भाई पहले से ही एक सड़क दुर्घटना के बाद मानसिक अवसाद से जूझ रहा है, ऐसे में बड़े बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है।
पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल मामले के हर पहलू की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन परिस्थितियों ने एक होनहार जज को इतना आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया।
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