आमेर गाइड हत्याकांड: प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन, न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी

Ashish Bhardwaj | Sept 08, 2026, 18:57 IST
आमेर में गाइड की हत्या: पीड़ित परिवार को 1 करोड़ मुआवजे की मांग
जयपुर के आमेर में जीप चालक द्वारा स्थानीय गाइड की चाकू मारकर हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन ने पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ के मुआवजे की मांग की है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • आमेर किले में गाइड की हत्या से गहराया आक्रोश।
  • पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर उठे कई गंभीर सवाल।
  • हाथी सवारी ठप, आमेर किले पर लगा ब्रेक।
  • पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ मुआवजे की मांग।
  • आमेर में तनाव, ट्रैफिक डायवर्ट और बाजार ठप।

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आमेर किले में 7 अगस्त 2026 को एक जीप चालक ने स्थानीय गाइड पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान गाइड की मृत्यु हो गई। इस घटना के विरोध में पूरी गाइड कम्युनिटी और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।



आमेर मुख्य मार्ग पर आवाजाही रुकने और प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक को जलमहल रूट पर डायवर्ट कर दिया गया है। आमेर किले में हाथी सवारी पूरी तरह से रोक दी गई है।



डिप्टी सीएम को सौंपा गया ज्ञापन

टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन जयपुर (TGAJ - Tourist Guide Association Jaipur) और टूरिस्ट गाइड्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TGFI) के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राठौड़ ने राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने इस घटना को "पधारो म्हारे देस" और "अतिथि देवो भवः" की परंपरा पर गहरा कलंक बताया है।



गाइड संघ ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में सुनवाई कर दोषी को जल्द कठोर सजा दिलाने और आमेर थाना पुलिस की लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।



इस प्रकार TGFI ने उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पांच मांगें रखी हैं:



  1. पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता
  2. परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
  3. परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए
  4. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो
  5. आमेर थाने की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच
आमेर में टूरिस्ट गाइड की हत्या, पर्यटन उद्योग में आक्रोश


पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर सवाल

इस वारदात ने राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संघ ने मांग की है कि पर्यटन विभाग, पुलिस प्रशासन और गाइड एसोसियेशन्स के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई जाए।



घटना के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके।



स्थानीय अर्थव्यवस्था और राजस्व पर चोट

आमेर किला सामान्य दिनों में हर दिन 5,000 से 10,000 पर्यटकों की मेजबानी करता है, जबकि पीक सीजन में यह आंकड़ा 15,000 तक पहुंच जाता है। किले में रोजाना टिकट बिक्री से सरकार को ₹10 लाख से ₹15 लाख रुपये का सीधा राजस्व प्राप्त होता है।



किले के अचानक बंद होने और विरोध प्रदर्शन से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय गाइड, जीप चालकों, हस्तशिल्प दुकानदारों और आसपास के होटलों व रेस्टोरेंट्स का व्यवसाय भी बुरी तरह ठप हो गया है।



ये खबर भी पढ़ें:-

अलवर जिला प्रमुख ने आचार संहिता में दौड़ाई सरकारी गाड़ी, निर्वाचन विभाग ने मांगी रिपोर्ट



बूंदी निकाय चुनाव में सजा राजनीतिक अखाड़ा, एक ही परिवार की महिलाएं आमने-सामने



अमायरा सुसाइड केस मामले में CJP ने संभाला मोर्चा, कहा- न्याय दिलाकर रहेंगे



पंजाब प्रभारी बनने के बाद राहुल-प्रियंका से मिले पायलट, जानें क्या बनी रणनीति



Tags:
  • जयपुर
  • पर्यटन स्थल
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट
  • टूरिस्ट गाइड