जयपुर निकाय चुनाव में गूंजा योगी का ‘बंटोगे तो कटोगे’
समझे क्या है पूरा मामला
- योगी के नारे से कांग्रेस विधायक का नया सियासी दांव
- बंटोगे तो कटोगे, कागजी ने पलटा योगी का नारा
- जयपुर वार्ड 109 में हिंदू-मुस्लिम राजनीति का आरोप
- मुस्लिम वोट बंटवारे पर कांग्रेस विधायक की खुली अपील
- वार्ड 109 में कांग्रेस-BJP दोनों का मुस्लिम प्रत्याशी
जयपुर नगर निगम चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चर्चित नारा ‘बंटोगे तो कटोगे’ अब नए सियासी अंदाज में सुनाई दिया है। कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने वार्ड नंबर 109 में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित सभा में इसी नारे का जिक्र करते हुए मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। कागजी ने कहा कि ‘बंटोगे तो कटोगे’, इसलिए बंटना मत और कटना मत।
निकाय चुनाव के बीच कागजी के इस बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ जिस नारे का इस्तेमाल चुनावी सभाओं में एकजुटता के संदेश के लिए करते रहे हैं, उसी नारे को कागजी ने जयपुर में वोटों के बिखराव से जोड़ दिया।
निर्दलीयों से वोट बंटने की चिंता
कागजी के बयान के पीछे वार्डों में मुस्लिम निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी भी अहम मानी जा रही है। सभा में उन्होंने मतदाताओं को वोटों के बंटवारे को लेकर आगाह किया। उनका जोर इस बात पर रहा कि मतों का बिखराव चुनावी नुकसान की वजह बन सकता है।
जयपुर नगर निगम के चुनाव में कुल 150 वार्डों में 723 प्रत्याशी मैदान में हैं। कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय है। कांग्रेस भी टिकट वितरण के बाद बगावत और निर्दलीय प्रत्याशियों की चुनौती का सामना कर रही है।
वार्ड 109 में BJP ने भी मुस्लिम प्रत्याशी उतारा
इस पूरे सियासी घटनाक्रम को दिलचस्प बनाने वाला एक तथ्य यह भी है कि वार्ड नंबर 109 में बीजेपी ने जाकिर खान को प्रत्याशी बनाया है। इस बार जयपुर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने कुल आठ मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। 2020 के निकाय चुनाव में बीजेपी ने जयपुर में केवल एक मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट दिया था।
ऐसे में वार्ड 109 का मुकाबला केवल पार्टी की राजनीति तक सीमित नहीं है। मुस्लिम मतदाताओं के वोट किस तरफ जाते हैं और निर्दलीय उम्मीदवार कितना असर डालते हैं, यह भी नतीजे में महत्वपूर्ण हो सकता है।
बालमुकुंद आचार्य पर साधा निशाना
सभा में अमीन कागजी ने हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आचार्य चुनाव में हिंदू-मुस्लिम का कार्ड खेल रहे हैं। इसी दौरान कागजी ने मुस्लिम मतदाताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए योगी के नारे का जिक्र किया।
कागजी का बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जयपुर में कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर पहले ही खींचतान सामने आ चुकी है। पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी ने अमीन कागजी और विधायक रफीक खान की भूमिका पर सवाल उठाए थे। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने भी निकाय चुनाव से पहले सामने आई अंदरूनी खींचतान पर रिपोर्ट मांगी है।
जयपुर में बदला ‘बंटोगे तो कटोगे’ का संदर्भ
‘बंटोगे तो कटोगे’ नारा योगी आदित्यनाथ के चुनावी भाषणों के बाद राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा में आया था। अब जयपुर नगर निगम चुनाव में उसी नारे का इस्तेमाल कांग्रेस विधायक ने अपने अलग राजनीतिक संदेश के लिए किया है।
यानी जयपुर के निकाय चुनाव में अब विकास, सफाई, सड़क और सीवरेज जैसे स्थानीय मुद्दों के साथ धार्मिक ध्रुवीकरण और वोटों की एकजुटता की राजनीति भी चुनावी बहस का हिस्सा बनती दिखाई दे रही है।
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