जयपुर एयरपोर्ट फ्लाइट मूवमेंट में देश में 11वें स्थान पर, यात्रीभार में 13वें पायदान पर
News In Short
- जयपुर एयरपोर्ट 43,629 विमानों के आवागमन के साथ देश का 11वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट।
- यात्रीभार के मामले में जयपुर की रैंकिंग 11वें से गिरकर 13वें स्थान पर पहुंच गई है।
- वर्ष 2025-26 में कुल 56.27 लाख यात्रियों ने जयपुर से सफर किया, पिछले साल से 7.1% कम।
- इंडिगो फ्लाइट्स में कटौती और NOTAM के चलते विमान आवागमन में 9.9% की कमी आई।
- एक्सपर्ट्स के अनुसार, समर शेड्यूल में 8% फ्लाइट्स बढ़ने से आगामी महीनों में ट्रैफिक सुधरने की उम्मीद।
News In Detail
Jaipur: देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में शुमार जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए वर्ष 2025-26 के आंकड़े मिले-जुले परिणाम लेकर आए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर एयरपोर्ट विमानों के आवागमन (फ्लाइट मूवमेंट) के मामले में देश में 11वें स्थान पर रहा है, लेकिन यात्रीभार (पैसेंजर ट्रैफिक) के मोर्चे पर इसे झटका लगा और 13वें पायदान पर रहा। इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट्स में कटौती और रनवे की मरम्मत के चलते जारी NOTAM (Notice to Airmen) ने यहां के एयर ट्रैफिक की रफ्तार को धीमा कर दिया है।
11वीं रैंकिंग पर बरकरार
चुनौतियों के बावजूद जयपुर एयरपोर्ट ने फ्लाइट मूवमेंट के मामले में अपनी पकड़ बनाए रखी है। वर्ष 2025-26 के दौरान यहां से कुल 43,629 विमानों का आवागमन हुआ। हालांकि, यह पिछले साल (48,407) की तुलना में 9.9% कम है। केवल मार्च 2026 की बात करें तो 3,835 फ्लाइट्स का मूवमेंट रहा, जो पिछले मार्च के मुकाबले 13.6% की गिरावट दर्शाता है। देश में दिल्ली एयरपोर्ट (4.73 लाख मूवमेंट) के साथ शीर्ष पर है, जबकि मुंबई, बेंगलूरु और हैदराबाद क्रमशः अगले पायदानों पर हैं।
यात्रीभार में 13वें पायदान पर खिसका जयपुर एयरपोर्ट
जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की कमी हुई औरयात्रियों की संख्या के मामले में एयरपोर्ट की रैंकिंग 13वें स्थान पर रही है। वर्ष 2025-26 में कुल 56.27 लाख यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले वर्ष के 60.57 लाख के मुकाबले 7.1% कम है। इसका अर्थ है कि एक साल में करीब 4.30 लाख यात्री कम हुए हैं। मार्च माह में यह गिरावट और भी तीव्र (12.6%) दर्ज की गई। इसकी तुलना में दिल्ली एयरपोर्ट से सर्वाधिक 7.87 करोड़ यात्रियों ने आवागमन किया।
गिरावट के मुख्य कारण
एविएशन एक्सपर्ट्स ने इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारणों को रेखांकित किया है:
इंडिगो संकट: प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो द्वारा फ्लाइट्स की संख्या में की गई कटौती।
NOTAM: रनवे की मरम्मत और तकनीकी सुधारों के लिए जारी नोटम, जिससे विमानों का परिचालन सीमित हुआ।
परिचालन बाधाएं: अन्य तकनीकी और ऑपरेशनल वजहों से ट्रैफिक प्रभावित रहा।
हालांकि, भविष्य के लिए राहत की खबर यह है कि समर सीजन के शेड्यूल में फ्लाइट्स में करीब 8% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो आने वाले समय में आंकड़ों में सुधार की संभावना जताती है।
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