एएनटीएफ ने 100वें फरार अपराधी निम्बाराम को जोगणिया में गिरफ्तार किया, जानें पूरा मामला
समझें क्या है पूरा मामला
- एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी निम्बाराम चित्तौड़गढ़ के जोगणिया माता क्षेत्र में मौजूद है।
- पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने साथियों के साथ डोडा-पोस्त की बड़ी खेप की सप्लाई को लेकर बैठक कर रहा था।
- एएनटीएफ की टीम ने सूचना मिलते ही जोगणिया रिसॉर्ट की घेराबंदी कर दी।
- पुलिस को देखकर आरोपी दीवार फांदकर खेतों की तरफ भाग गया और करीब 1 से 2 किलोमीटर तक उसका पीछा किया गया।
- आरोपी जोगणिया माता मंदिर परिसर में चल रहे गवरी नृत्य के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ में छिप गया, जहां टीम ने उसे पकड़ लिया।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने अपने गठन का एक साल पूरा होने से पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए 100वें फरार इनामी अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। ऑपरेशन मारामन के तहत की गई इस कार्रवाई में चित्तौड़गढ़ पुलिस की ओर से घोषित 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी निम्बाराम उर्फ निमाराम को पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब तीन साल से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ राजस्थान के अलग-अलग जिलों में 26 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एएनटीएफ आगामी 7 अक्टूबर को अपनी स्थापना का एक वर्ष पूरा करेगी। स्थापना दिवस से ठीक पहले 100वें इनामी अपराधी की गिरफ्तारी को पुलिस ने बड़ी उपलब्धि बताया है।
पुलिस की गाड़ी देखकर दीवार फांदकर भागा
एएनटीएफ के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि निम्बाराम अपने साथियों के साथ जोगणिया रिसॉर्ट में मौजूद है। बताया गया कि वह मध्यप्रदेश से मारवाड़ क्षेत्र में डोडा-पोस्त की खेप पहुंचाने की योजना को लेकर बातचीत कर रहा था।
सूचना की पुष्टि के बाद एएनटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और रिसॉर्ट की घेराबंदी की। पुलिस की बोलेरो गाड़ी दिखाई देते ही आरोपी मौके से भाग निकला। उसने होटल की दीवार फांदी और खेतों की तरफ दौड़ लगा दी। पुलिस टीम ने भी उसका पीछा शुरू कर दिया। करीब एक से दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद आरोपी जोगणिया माता मंदिर परिसर में पहुंच गया।
गवरी नृत्य की भीड़ में छिप गया आरोपी
पुलिस के मुताबिक उस समय जोगणिया माता मंदिर परिसर में पारंपरिक गवरी नृत्य चल रहा था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए इसी भीड़ का फायदा उठाया और लोगों के बीच जाकर छिप गया।
एएनटीएफ टीम ने भीड़ में सावधानी से तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे घेर लिया और मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई में किसी तरह की अफरा-तफरी न हो, इसका भी ध्यान रखा गया।
ट्रक चलाने से शुरू किया था सफर
पुलिस के अनुसार आरोपी निम्बाराम जाट, फलोदी जिले के लोहावट थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और ट्रक चलाने का काम शुरू किया था।
पुलिस का कहना है कि एक लड़ाई-झगड़े के मामले में जेल जाने के दौरान उसका संपर्क कुछ बड़े तस्करों से हुआ। इसके बाद उसने कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क में काम करना शुरू किया।
दो बार पुलिस से बचकर भाग चुका था
पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 में पारसोली थाना क्षेत्र में बागुंडा बालाजी के पास नाकाबंदी के दौरान आरोपी डोडा चूरा से भरी फॉर्च्यूनर गाड़ी छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया था।
एक अन्य मामले में जावदा-रावतभाटा क्षेत्र से 3 क्विंटल 16 किलो डोडा चूरा से भरी हैरियर गाड़ी लेकर जाने के दौरान कोटा के आरके पुरम थाना क्षेत्र में पुलिस की घेराबंदी होने पर आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गया था।
पुलिस के मुताबिक फरार रहने के दौरान भी आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय था।
26 गंभीर मामले दर्ज होने का दावा
एएनटीएफ के अनुसार निम्बाराम के खिलाफ वर्ष 2017 से 2026 के बीच राजस्थान के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस रिकॉर्ड में हत्या के प्रयास, मारपीट, लूट, आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य गंभीर धाराओं के मामले भी दर्ज बताए गए हैं। ये मामले लोहावट, बनाड़, मथानिया, मंडोर, ओसियां, रोहट और चित्तौड़गढ़ समेत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं।
स्थापना दिवस से पहले एएनटीएफ की बड़ी उपलब्धि
एएनटीएफ के अधिकारियों के अनुसार 7 अक्टूबर को गठन का एक साल पूरा होने से पहले 100वें फरार इनामी अपराधी की गिरफ्तारी विशेष उपलब्धि है। इस कार्रवाई में शामिल टीम को स्थापना दिवस के विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किए जाने की बात भी कही गई है।
एएनटीएफ ने आम लोगों से अपील की है कि नशा तस्करी या फरार अपराधियों से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं। पुलिस के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।