सेना दिवस 2026: जयपुर में राजनाथ सिंह बोले, अभी खत्म नहीं हुआ ऑपरेशन सिंदूर
News In Short
- राजनाथ सिंह का बयान: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2047 तक भारतीय सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।
- युवाओं के लिए अपील: उन्होंने युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया, इसे नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा का सर्वोत्तम अवसर बताया।
- स्वदेशी सैन्य तकनीक: परेड में ब्रह्मोस मिसाइल, के-9 वज्र तोप और ड्रोन तकनीक जैसे उभरते सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन हुआ।
- शौर्य संध्या के गवाह बने : राजनाथ सिंह जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में शौर्य संध्या के गवाह बने।
News In Detail
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। हमने सेना को 2047 तक आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राजस्थान में जयपुर एसएमएस स्टेडियम में शौर्य संध्या के मौके पर उन्होंने युवाओं से सेना में भागीदारी की अपील की है। उन्होंने सेना में युवाओं और महिलाओं की बढ़ती भूमिकाकी सराहना की और युवाओं से अपील की कि वे इसे केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेना को देश सेवा का सर्वोत्तम अवसर मानें। उन्होने कहा कि सेना जानती है वो किसकी सेवा कर रही है। हमारी जनता भी सेना के समर्पण और त्याग को भली भांति जानती है।
रक्षा मंत्री ने सेना की भूमिका
78वां सेना दिवस पर जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में आयोजित शौर्य संध्या का आयोजन किया गया । इसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की और कहा कि पहली बार किसी नागरिक क्षेत्र में सेना परेड आयोजित की गई है। राजस्थान को इस महत्वपूर्ण आयोजन की मेज़बानी का गौरव प्राप्त हुआ। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना शांति दूत के रूप में उभरी है।
सेना की भूमिका और भविष्य की योजनाएं
राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया आज अस्थिरता के दौर से गुजर रही है और ऐसे में सेना की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2047 तक भारतीय सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपील की कि यदि उनमें देश के प्रति प्रेम और चुनौती स्वीकार करने का साहस है, तो सेना उनका सबसे उपयुक्त क्षेत्र है।
शौर्य संध्या में प्रदर्शन
सेना दिवस के बाद एसएमएस स्टेडियम में शौर्य संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें सेना के शौर्य और बहादुरी को प्रदर्शित किया गया। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, और उन्होंने भारतीय सेना की वर्तमान स्थिति और भविष्य के लिए सरकार की योजनाओं पर विस्तार से बात की।
महिला भागीदारी का बढ़ावा
इस बार की परेड में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने के लिए गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी मार्च पास्ट किया। यह कदम भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को दर्शाता है।
नवीनतम सैन्य तकनीक और उपकरणों का प्रदर्शन
इस वर्ष की सेना दिवस परेड में उभरती हुई सैन्य तकनीकों को भी प्रदर्शित किया गया, जिनमें रोबोटिक म्यूल, स्वाथी वेपन लोकेटिंग राडार, और मोबाइल कम्युनिकेशन नोड जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां शामिल थीं।
भारत-नेपाल के विशेष सैन्य संबंध
भारत और नेपाल के विशेष सैन्य संबंधों को ध्यान में रखते हुए, नेपाल आर्मी बैंड भी इस परेड में शामिल हुआ, जिसने दोनों देशों के मजबूत सैन्य रिश्तों को और भी सुदृढ़ किया।
सेना दिवस परेड का आयोजन
सेना दिवस परेड में विभिन्न प्रकार के सैन्य उपकरणों और शक्तियों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, अर्जुन टैंक, के-9 वज्र तोप, पिनाका रॉकेट लॉन्चर, और ड्रोन शक्ति जैसी आधुनिक सैन्य प्रणालियां प्रमुख आकर्षण रही। इस वर्ष की परेड का थीम "भारतीय सेना- शौर्य और बलिदान" था, जो सेना के बहादुरी और समर्पण को सम्मानित करता है।
मुख्य बिंदू :
- सेना दिवस परेड में ब्रह्मोस मिसाइल, अर्जुन टैंक, के-9 वज्र तोप, पिनाका रॉकेट लॉन्चर, ड्रोन शक्ति जैसी प्रमुख सैन्य प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया।
- राजनाथ सिंह ने 2047 तक भारतीय सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाने का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
- इस वर्ष की सेना दिवस परेड में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने के लिए गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी मार्च पास्ट किया।