गोल्डन गर्ल अरुंधति का जयपुर में ग्रैंड वेलकम, बोलीं- अब ओलंपिक अगला लक्ष्य

Saurabh Mishra | Aug 05, 2026, 18:32 IST
CWG गोल्ड जीतने के बाद जयपुर लौटीं अरुंधति चौधरी का जोरदार स्वागत।
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली राजस्थान की बॉक्सर अरुंधति का जयपुर लौटने पर जोरदार स्वागत हुआ। उन्होंने परिवार के सहयोग, संघर्ष और ओलंपिक की तैयारी को लेकर अपनी कहानी साझा की।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान की बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है।
  • जयपुर लौटने पर अरुंधति का शानदार स्वागत हुआ।
  • उन्होंने इसे अपनी मंजिल नहीं, नई शुरुआत बताया।
  • अरुंधति बोलीं- बचपन में पिता से लोग कहते थे कि बेटी की जिंदगी खराब हो जाएगी।
  • अब अरुंधति का अगला लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है।

जयपुर. ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतकर राजस्थान का नाम चमकाने वाली अरुंधति चौधरी बुधवार को जयपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर इस मुक्केबाज का जोरदार स्वागत हुआ। अरुंधति को फैंस ने फूल-मालाओं से लाद दिया था। अरुंधति ने ग्लास्गो CWG 2026 में महिलाओं की 70 किलोग्राम वेट कैटेगरी इवेट में इंग्लैंड की कैंथले रीड को 5-0 से हराकरगोल्ड मेडल जीता था। वो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वालीं राजस्थान की पहली महिला मुक्केबाज हैं।



अरुंधति ने बताया कि जब उन्होंने बॉक्सिंग शुरू की थी, तब कई लोग उनके पिता को टोकते थे। लोग कहते थे कि लड़की को खेल में भेजने से उसकी जिंदगी बिगड़ जाएगी, लेकिन पिता ने एक ही बात कही थी कि बॉक्सिंग तुम्हारा शौक है, मजबूरी नहीं। हमेशा अपनी हदें और टारगेट याद रखना। अरुंधति कहती हैं कि उन्होंने यह बात गांठ बांध ली।



जब भी वे हार के बाद निराश होती थीं, पिता उन्हें उनकी ताकत याद दिलाते थे। यही सोच उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आई है।



संघर्ष से तय किया गोल्ड तक का सफर

अरुंधति का मानना है कि संघर्ष हर इंसान की जिंदगी का हिस्सा है। चाहे खिलाड़ी हो या छात्र, कठिनाइयां सबको झेलनी पड़ती हैं। फर्क सिर्फ इतना होता है कि कौन उनसे कैसे बाहर निकलता है।



उनके मुताबिक खिलाड़ी के लिए मानसिक मजबूती सबसे जरूरी चीज है। करीब दस साल के करियर में उन्हें जीत से ज्यादा हार मिली। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। लगातार मेहनत करती रहीं। अरुंधति कहती हैं कि सफलता देर से मिल सकती है, पर मिलती जरूर है। यह उपलब्धि उनके लिए अंतिम लक्ष्य नहीं, बस शुरुआत है।



राजस्थान में खेलों की स्थिति पर भी रखी बात

अरुंधति के मुताबिक राजस्थान में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ी किसी भी राज्य से कम नहीं। कई मामलों में तो हरियाणा से भी बेहतर हैं।



उनका कहना है कि राजस्थान के बच्चों की हाइट, हेल्थ और स्ट्रेंथ काफी अच्छी है। बस फर्क इतना है कि हरियाणा में खेलों के लिए माहौल ज्यादा मजबूत है। वहां बचपन से ही बेहतर सुविधाएं और अच्छे स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने को मिलता है।



अरुंधति को उम्मीद है कि राजस्थान में भी वैसा माहौल बने। इससे यहां के खिलाड़ी भी ओलंपिक तक पहुंच सकेंगे।



अब ओलंपिक की तैयारी

अरुंधति अब ओलंपिक की तैयारी पटियाला में करेंगी। वहीं नेशनल बॉक्सिंग कैंप आयोजित होगा। वे इंडियन आर्मी का भी हिस्सा हैं। इसलिए आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में भी ट्रेनिंग जारी रहेगी। उनका पूरा फोकस अब ओलंपिक गोल्ड पर है। वे भारत का तिरंगा सबसे ऊपर लहराते देखना चाहती हैं।



अरुंधति पढ़ाई और खेल दोनों में अच्छी थीं

अरुंधति कोटा शहर से हैं, जो पढ़ाई के लिए मशहूर है। वे पढ़ाई और खेल दोनों में अच्छी थीं। पिता चाहते थे कि वे आईआईटी (Indian Institute of Technology) के जरिए करियर बनाएं। लेकिन जब पिता ने बेटी की रुचि बॉक्सिंग में देखी, तो अपनी सोच बदल दी। पूरे परिवार ने साथ दिया। अरुंधति कहती हैं कि आज कोटा में कई परिवार बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल में भी आगे बढ़ा रहे हैं।



महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा पर राय

महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर अरुंधति ने भी अपनी राय रखी। उनका कहना है कि अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार हैं और सही रास्ते पर चलते हैं, तो दिक्कत नहीं आती।



उन्होंने फिर याद दिलाया कि पिता ने उन्हें सिर्फ एक बात सिखाई थी। बॉक्सिंग शौक है, मजबूरी नहीं। हमेशा अपनी सीमाएं याद रखना। यही सोच उन्हें रास्ते से भटकने नहीं देती।



नए खिलाड़ियों को संदेश

अरुंधति नए खिलाड़ियों से कहती हैं कि कंसिस्टेंसी सबसे जरूरी है। लगातार मेहनत करते रहने से ही फल मिलता है। सफलता में भले देर लगे, पर वह जरूर मिलती है।



FAQ

  1. सवाल 1: अरुंधति चौधरी ने किस खेल में कॉमनवेल्थ 2026 में गोल्ड जीता?
    जवाब: अरुंधति ने बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता है। अब उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक गोल्ड है।
  2. सवाल 2: अरुंधति ओलंपिक की तैयारी कहां करेंगी?
    जवाब: वे ओलंपिक की तैयारी पटियाला में करेंगी। वहां बॉक्सिंग का नेशनल कैंप लगेगा।
  3. सवाल 3: अरुंधति ने CWG 2026 के अपने बॉक्सिंग इवेंट फाइनल में किसको हराया था?
    जवाब: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने महिलाओं की 70 किलो वेट कैटेगरी में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड जीता था।

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