86 वर्षीय आसाराम को मेडिकल आधार पर राहत, हाई कोर्ट ने जमानत 7 जुलाई तक बढ़ाई

Jageshwar prasad | May 25, 2026, 16:15 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट ने 86 वर्षीय आसाराम की मेडिकल आधार पर मिली अंतरिम जमानत 7 जुलाई तक बढ़ा दी है। उनका इलाज अभी पूरा नहीं हुआ है और मेडिकल देखरेख जारी है। उनकी सजा स्थगन अपील पर कोर्ट ने 20 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो अब भी लंबित है।

News In Short

  • राजस्थान हाई कोर्ट ने रहे आसाराम की अंतरिम जमानत 7 जुलाई तक बढ़ा दी।
  • मेडिकल ट्रीटमेंट अभी पूरा नहीं हुआ है, कोर्ट ने यह कहते हुए जमानत बढ़ाई।
  • सजा स्थगन अपील पर सुनवाई 20 अप्रैल को पूरी हुई थी, फैसला अभी सुरक्षित है।
  • जमानत 7 जुलाई तक या उससे पहले अंतिम फैसला आने तक प्रभावी रहेगी।
  • आसाराम को अगस्त 2013 में नाबालिग से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी।

News In Detail

राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को एक बार फिर राहत दी है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेडिकल ग्राउंड पर मिली अंतरिम जमानत की अवधि को 7 जुलाई तक बढ़ा दिया है।



कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह राहत 7 जुलाई या आसाराम के सजा स्थगन मामले में सुरक्षित रखे गए फैसले के आने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। आज ही आसाराम की अंतरिम जमानत की पिछली अवधि समाप्त हो रही थी।



आसाराम का मेडिकल ट्रीटमेंट अभी पूरा नहीं

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े, जबकि एडवोकेट निशांत बोड़ा और एडवोकेट यशपाल सिंह राजपुरोहित कोर्ट में मौजूद रहे। इन्होंने कोर्ट में पक्ष रखते हुए बताया कि 86 वर्षीय आसाराम का मेडिकल ट्रीटमेंट अभी पूरा नहीं हुआ है और उन्हें निरंतर मेडिकल देखरेख की जरूरत है।



वकीलों ने अदालत को यह भी बताया कि आसाराम की सजा के खिलाफ दाखिल मुख्य अपील (सजा स्थगन) पर सुनवाई 20 अप्रैल को ही पूरी हो चुकी है और हाई कोर्ट उस पर अपना फैसला सुरक्षित रख चुका है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक मेडिकल आधार पर दी गई अंतरिम जमानत को जारी रखना न्यायसंगत है।



दो शर्तों पर टिका जमानत का भविष्य

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने बचाव पक्ष की दलीलों और मामले की तकनीकी स्थिति का विश्लेषण किया। कोर्ट ने इस तथ्य को संज्ञान में लिया कि 29 अप्रैल को बढ़ाई गई जमानत की अवधि आज खत्म हो रही है और सजा स्थगन पर अंतिम निर्णय आना बाकी है। इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि आसाराम की अंतरिम जमानत को 7 जुलाई तक बढ़ाया जाता है।



हालांकि, कोर्ट ने यह कानूनी पेच भी स्पष्ट कर दिया कि यदि 7 जुलाई से पहले कोर्ट द्वारा सजा स्थगन का सुरक्षित फैसला सुना दिया जाता है, तो यह अंतरिम राहत स्वतः ही उस फैसले के अधीन हो जाएगी।



क्या है पूरा मामला?

अगस्त 2013 में जोधपुर स्थित आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद जोधपुर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।



इसके अलावा जनवरी 2023 में गुजरात के गांधीनगर आश्रम में एक महिला अनुयायी के साथ दुष्कर्म के मामले में भी आसाराम को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। 86 वर्षीय आसाराम बढ़ती उम्र और बीमारियों के चलते लगातार जमानत का प्रयास कर रहे थे।



पूर्व में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर आसाराम को अंतरिम जमानत दी थी, जिसकी अवधि को अदालत द्वारा समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। अब कोर्ट ने इसे 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है।



अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट आसाराम की सजा स्थगन अपील पर क्या फैसला सुनाता है। यदि कोर्ट उनकी सजा को बरकरार रखता है तो उन्हें वापस जेल जाना होगा, और यदि राहत मिलती है तो वह लंबी अवधि के लिए बाहर रह सकते हैं। फिलहाल मेडिकल आधार पर उनकी जमानत 7 जुलाई तक जारी रहेगी।



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