आसाराम के इस मामले की सुनवाई राजस्थान हाई कोर्ट में रही अधूरी, कल आ सकता है फैसला
News In Short
- आसाराम को जेल मे मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सुनवाई रह गई अधूरी।
- जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद उनका स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया।
- अदालत ने पीड़िता के अधिकार और सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
- अगली सुनवाई गुरुवार, 4 जून को होगी।
News In Detail
नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास काट रहे आसाराम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद उनके स्वास्थ्य और जेल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर मंगलवार 3 जून को राजस्थान हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में आज सुनवाई रही अधूरी रह गई अब कल फिर इस मामले की होगी सुनवाई होगी।
अंतरिम जमानत पर लगी थी रोक
हाल ही में अदालत ने यह स्पष्ट किया कि पिछले करीब दो साल से लगातार बढ़ाई जा रही अंतरिम जमानत अब लागू नहीं होगी। इसका अर्थ है कि आसाराम को फिर से न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि यौन अपराध के मामलों में पीड़िता के अधिकार और जीवन पर पड़े प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि न्याय केवल आरोपी के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़िता के सम्मान, सुरक्षा और न्याय की अपेक्षाओं की भी रक्षा जरूरी है।
प्रशासनिक पालन पर हाई कोर्ट की चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह जानने की कोशिश की कि पूर्व में मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिए गए आदेशों का कितना पालन हुआ है। आदेशों में जेल में समय पर उपचार और दवाइयां मुहैया कराने के निर्देश शामिल थे।
साथ ही स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार घर जैसा भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति भी दी गई थी। अब अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रशासन इन निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है या नहीं।
अस्पताल में भर्ती और अगली सुनवाई
राज्य सरकार ने कोर्ट से कुछ समय मांगकर निर्देशों के पालन की जानकारी देने का अनुरोध किया। ताजा जानकारी के अनुसार मंगलवार 3 जून को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद आसाराम को जोधपुर के आरोग्यं अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार (4 जून) को होगी।
जेल में क्यों मिलती है स्वास्थ्य-भोजन की सुविधा
जेल में स्वास्थ्य-भोजन (पौष्टिक और चिकित्सा-आधारित आहार) की सुविधा इसलिए प्रदान की जाती है ताकि कैदियों के मानवाधिकारों की रक्षा हो सके, उन्हें बीमारियों से बचाया जा सके, और उनका सफलतापूर्वक पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।
स्वास्थ्य-भोजन की सुविधा क्यों जरूरी है
मौलिक अधिकार: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के तहत, राज्य कैदियों को भोजन, पानी और चिकित्सा प्रदान करने का कानूनी रूप से जिम्मेदार है।
बीमारियों का इलाज: मधुमेह, उच्च रक्तचाप या हृदय रोग जैसी बीमारियों से पीड़ित कैदियों को डॉक्टर की सलाह पर विशेष, कम नमक या कम कैलोरी वाला आहार दिया जाता है।
FAQ
- आसाराम की किन मामलो में जेल में बंद है।
आसाराम रेप के मामलों में जेल में बंद है। - आसाराम को कितनी सजा मिली हैं।
रेप के आरोप में आसाराम को उम्र कैद की सजा मिली है। - आसाराम को क्या सुविधाएँ मिल रही थीं?
पूर्व आदेशों के अनुसार उन्हें समय पर उपचार और दवाइयां मुहैया कराई जाती थीं। स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए घर जैसा भोजन भी उपलब्ध कराया गया।
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